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फीफा अंडर -17 महिला विश्व कप का आधिकारिक लोगो जारी

November 03rd, 2019 22:30 IST
 फीफा अंडर -17 महिला विश्व कप का आधिकारिक लोगो जारी

हाईलाइट

  • फीफा अंडर -17 महिला विश्व कप का आधिकारिक लोगो जारी

मुंबई, 3 नवंबर (आईएएनएस)। भारत में अगले साल आयोजित होने वाले फीफा अंडर-17 महिला विश्व कप के आधिकारिक लोगो का शनिवार को यहां प्रतिष्ठित गेटवे ऑफ इंडिया पर अनावरण किया गया।

इसी के साथ विश्व कप के आयोजन में भी अब पूरे एक साल का समय रह गया है। भारत में अब तक आयोजित होने वाले यह दूसरा फीफा टूर्नामेंट है।

स्थानीय आयोजन समिति (लोकल ऑगेर्नाइजिंग कमेटी), फीफा और भारत सरकार के प्रतिनिधियों ने अनावरण समारोह के दौरान फुटबाल की ताकत, खासकर युवाओं के बीच होने वाली प्रतियोगिताओं के महत्व के बारे में बताया कि यह किस तरह समाज में सकारात्मक परिवर्तन को बढ़ावा दे सकते हैं।

कार्यक्रम का समापन आधिकारिक लोगो को प्रकट करने के लिए हुए शानदार आउटडोर लाइट प्रोजेक्शन से हुआ जिसमें भारत और फुटबाल की दुनिया के कई सितारों ने भाग लिया।

भारत की अंडर-17 महिला फुटबाल टीम की सदस्य भी इसमें मौजूद थी जो अगले साल ट्रॉफी उठाने के लिए प्रतिस्पर्धा में शामिल होंगी। इसी ट्रॉफी के आकार के लोगो का अनावरण किया गया। इसका आकार प्राकृतिक दुनिया और भारतीय संस्कृति दोनों को रोमांचक और रंगीन तत्वों को जोड़ती है।

बेस की चमकीली नीली लहरें ट्रॉफी के रूप में ऊपर की ओर पहुंचती हैं और डिजाइन को उभारती हैं। गेंदे के फूल से बनी बूंदों की फ्रेम युवाओं के बीच विकास और तरक्की के उत्सव के प्रतीक को प्रदर्शित करती है। गेंदे का रंग और स्टाइल हजारों वर्षो पुरानी भारतीय टाई-डाई तकनीक बन्धनी वस्त्रों से तैयार की गई है। गेंदे के तने को पारंपरिक वारली पेंटिंग्स से प्राप्त एकता और उत्सव के जीवंत प्रतीकों से उच्चारित किया गया है, वह भी बंधनी पैटर्न में पाए जाने वाले ब्राइट रंगों में।

खेलमंत्री किरेण रिजिजू ने कहा, मैं आधिकारिक लोगो के लॉन्च का हिस्सा बनकर गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। मैं हमारी महिला फुटबाल खिलाड़ियों के साथ खड़ा हूं, जो इस ऐतिहासिक कार्यक्रम की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठा रही हैं। भारत में खेल खेलने की संस्कृति को विकसित करना महत्वपूर्ण है, और यह तभी किया जा सकता है जब इसके संबंध में व्यापक जागरूकता और रुचि हो। हमें खुशी है कि अंडर-17 महिला विश्व कप के माध्यम से हम विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों को भी शुरू कर रहे हैं जो फुटबाल जैसे खेलों को आसानी से सभी के लिए सुलभ बनाती है।

फीफा अंडर-17 महिला विश्व कप भारत में अगले साल दो नवंबर से 21 नवंबर तक होगा।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।