comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

कौन हैं मनिका बत्रा, जिन्हें पीएम मोदी ने दिया फिटनेस चैलेंज

June 13th, 2018 12:40 IST
कौन हैं मनिका बत्रा, जिन्हें पीएम मोदी ने दिया फिटनेस चैलेंज

हाईलाइट

  • पीएम नरेन्द्र मोदी ने पूरा किया विराट का फिटनेस चैलेंज
  • टेबिल टेनिस प्लेयर मनिका बत्रा को मिला फिटनेस चैलेंज
  • कॉमनवेल्थ में गोल्ड मेडल जीतकर मनिका ने रचा था इतिहास

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली की ओर से दिए गए फिटनेस चैलेंज को पूरा कर लिया है। खुद पीएम ने अपने ट्विटर पर एक वीडियो पोस्ट किया है जिसमें वो फिटनेस चैलेंज को पूरा करते हुए नजर आ रहे हैं। फिटनेस चैलेंज पूरा करने के बाद अब पीएम मोदी ने इस चैलेंज को आगे बढ़ाया है और इसे कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी और टेबिल टेनिस खिलाड़ी मनिका बत्रा को नॉमिनेट किया है। पीएम मोदी की तरफ से मनिका बत्रा को चैलेंज नॉमिनेट किए जाने के बाद मोनिका का नाम एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। 

यह भी पढ़ें : पीएम मोदी के फिटनेस चैलेंज पर बोले कुमारस्वामी- राज्य की सेहत मेरी पहली प्राथमिकता

कौन हैं मोनिका बत्रा ?

पीएम नरेन्द्र मोदी की ओर से मनिका बत्रा को फिटनेस चैलेंज देने के बाद मनिका बत्रा का नाम सुर्खियों में हैं आपको बता दें कि मनिका बत्रा वही टेबिल टेनिस प्लेयर हैं जिन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए पहला गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचा है।

who is manika batra के लिए इमेज परिणाम

मनिका ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा था कि अब उन्हें अपनी फिटनेस पर काम करना है क्योंकि खेल काफी तेज है और शीर्ष खिलाड़ियों को हराने के लिए अच्छी फिटनेस का होना बहुत जरुरी है। मुझे लगता है कि अभी और फिट होने तथा अपने खेल में तेजी आवश्यकता है.

who is manika batra के लिए इमेज परिणाम

यह भी पढ़ें : CWG 2018: मॉडलिंग छोड़ 'दिल्ली गर्ल' मनिका ने बढ़ाया देश का मान

मनिका की मेहनत रंग लाई

22 साल की मनिका बत्रा दिल्ली की रहने वाली हैं और कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने के बाद उनका नाम खासा चर्चा में रहा था। तब ये खबरें भी आईं थीं कि मनिका ने ये मुकाम हासिल करने के लिए अपनी जिंदगी का बहुत कुछ दांव पर लगाया है। एक आम लड़की की तरह मनिका की भी कई ख्वाहिशें थी लेकिन उन्होंने अपने गेम की खातिर सबकुछ त्याग दिया और सिर्फ और सिर्फ अपने गेम पर फोकस किया। गोल्ड मेडल जीतने के बाद मनिका ने बताया था कि उन्होंने गेम के लिए कॉलेज, मॉडलिंग और कॉलेज की मस्ती सब छोड़ दी । 
 

कमेंट करें
jHs5e
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।