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शाकिब ने कोलकाता में काली पूजा में शामिल होने पर मांगी माफी

November 17th, 2020 16:13 IST
शाकिब ने कोलकाता में काली पूजा में शामिल होने पर मांगी माफी

हाईलाइट

  • शाकिब ने कोलकाता में काली पूजा में शामिल होने पर मांगी माफी

डिजिटल डेस्क, ढाका। बांग्लादेश के आलराउंडर शाकिब अल हसन को सोशल मीडिया पर जान से मारने की धमकी मिली है। शाकिब को यह धमकी कट्टरपंथी व्यक्ति से कोलकाता में काली पूजा में शामिल होने पर मिली है। इसके बाद अब दिग्गज आलराउंडर ने इसके लिए माफी भी मांगी है। शाकिब ने माफी मांगते हुए कहा, तो फिर, शायद मुझे उस जगह पर नहीं जाना चाहिए था। और अगर ऐसा है तो आप मेरे खिलाफ हैं और इसके लिए मुझे बहुत खेद है। मैं यह सुनिश्चित करने की कोशिश करूंगा कि ऐसा फिर कभी ना हो।

शाकिब काली पूजा के उद्घाटन के लिए गुरुवार को कोलकाता पहुंचे थे। उन्हें मूर्ति के सामने पूजा करते हुए देखा गया था। बाद में शुक्रवार को वह बांग्लादेश लौट आए थे। शाकिब ने अपने यूट्यूब चैनल पर अपने से जुड़े दो विवादों पर बात की है और सोशल मीडिया पर हो रही अपनी आलोचनाओं के लिए माफी भी मांगी है। उन्होंने कहा, सोशल मीडिया पर ऐसी खबरें है कि मैं वहां समारोह का उद्घाटन करने गया था। लेकिन मैं ऐसा करने के लिए वहां नहीं गया था और ना ही मैंने वहां ऐसा कुछ किया था। आप आसानी से इसे चेक कर सकते हैं। एक जागरूक मुस्लिम होने के नाते मैं ऐसा कभी नहीं करूंगा।

आलराउंडर ने कहा, स्पष्ट रूप से मामला बहुत ही संवेदनशील है। मैं यह कहना चाहता हूं कि मैं खुद को एक गर्वित मुस्लिम के रूप में मानता हूं और जिसका मैं पालन करता हूं। गलतियां हो सकती हैं..अगर मैंने कोई गलती की है, तो इसके लिए मैं आप सबसे माफी मांगता हूं। 33 वर्षीय क्रिकेटर ने आगे कहा कि जब वह वहां पहुंचे थे, तो उससे पहले से ही समारोह शुरू हो चुका था और उन्होंने वहां पर केवल समय गुजारा था। शाकिब पर आरोप है कि भारत जाते समय बेनापोल इंटरनेशनल चेकप्वाइंट पर उन्होंने एक फैन का मोबाइल फोन भी तोड़ दिया था। हालांकि शाकिब ने अब खुद इस पर सफाई दी है।

बेनापोल के रहने वाले मोहम्मद सेक्टर ने दावा करते हुए कहा, मैं शाकिब अल हसन का फैन हूं और मैंने कभी उन्हें सामने से नहीं देखा था। लेकिन उस दिन बेनापोल चेकप्वाइंट पर जब मैंने उन्हें देखा, तो मैं खुद को नियंत्रित नहीं कर सका। मोहम्मद ने कहा, क्या उनके साथ सेल्फी लेना अपराध है? उन्होंने मेरा फोन जब्त कर लिया और जमकर हंगामा किया। नतीजतन, मेरा फोन अब टूट गया है और यह काम भी नहीं कर रहा है। हालांकि शाकिब का कहना है कि यह घटना अंजाने में हुआ है।

बांग्लादेशी क्रिकेटर ने कहा, इस वीडियो का उद्देश्य आपके सामने दो मामलों को स्पष्ट करना है। पहला फोन तोड़ने के बारे में है ..मैंने भी फोन तोड़ने की कोशिश नहीं की। मैं केवल स्वास्थ्य निर्देशों का पालन करते हुए खुद को (दूसरों से) दूर रखने और सुरक्षित दूरी पर रखने की कोशिश कर रहा था। शाकिब ने कहा, एक व्यक्ति मेरे पास आकर सेल्फी लेना चाहता था। जब मैंने उसे दूर धकेलने का प्रयास किया, तो मेरा हाथ उनके फोन से लग गया और फोन नीचे गिर गया। हो सकता है कि वह टूट गया हो और अगर ऐसा है तो मैं ईमानदारी से माफी मांगता हूं। मुझे लगता है कि उन्हें भी सतर्क रहना चाहिए था।

गौरतलब है कि शाकिब को फेसबुक लाइव पर एक शख्स ने जान से मारने की धमकी दी थी। सिलहट के शाहपुर तालुकदर में रहने वाले मोहसिन तालुकदर ने रविवार को 12.06 मिनट पर फेसबुक लाइव पर कहा कि शाकिब अल हसन का व्यवहार मुस्लमानों को परेशान कर रहा है। इस शख्स ने शाकिब के टुकड़े करने की धमकी दी। इस युवक ने यह भी कहा कि वह सिलहट से ढाका जाएगा, यदि शाकिब को मारने के लिए इसकी जरूरत पड़ी। हालांकि बाद में वह व्यक्ति फिर से फेसबुक लाइव आया और उन्होंने इसके लिए माफी भी मांगी। लेकिन अब दोनों वीडियो फेसबुक से हट चुका है।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।