MP News: अभिनंदन समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा, लोग डीपीसी करना भूल गए थे, मैंने कहा प्रमोशन तो करना पड़ेगा और कर दिया

अभिनंदन समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा, लोग डीपीसी करना भूल गए थे, मैंने कहा प्रमोशन तो करना  पड़ेगा और कर दिया
मप्र किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के पदोन्नत सरकारी अिधकारियों-कर्मचारियों ने सोमवार को भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का अभिनंदन और आभार व्यक्त किया।

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मप्र किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के पदोन्नत सरकारी अिधकारियों-कर्मचारियों ने सोमवार को भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का अभिनंदन और आभार व्यक्त किया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषि विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों व कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों से कहा कि लोग विभागीय पदोन्नतियां करना (डीपीसी) करना ही भूल गए थे। लेकिन उन्होंने कहा कि अिधकारियों-कर्मचारियों के प्रमोशन तो करना ही पड़ेंगे और किए भी। डीपीसी के लिए कहा तर्क दिया जाता था कि रिकॉर्ड नहीं मिल रहा, बड़ी मुश्किलें हो रही, लेकिन मैंने अिधकारियों को दो टूक कहा कि जो मर्जी आए करना पड़े, लेकिन प्रमोशन तो करना पड़ेगा, उसको छोड़ नहीं सकते। मुख्यमंत्री ने कहा अब केवल पुराने लंबित प्रमोशन निपटाने से काम नहीं चलेगा। हर साल डीपीसी होनी चाहिए, ताकि कर्मचारियों को पदोन्नति के लिए वर्षों इंतजार न करना पड़े। उन्होंने अधिकारियों को चालू वर्ष की डीपीसी भी इसी साल कराने के निर्देश दिए, ताकि कर्मचारियों को समय पर उसका लाभ मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा पदोन्नति के बाद निचले स्तर के पद खाली होंगे। इसलिए प्रमोशन के साथ नई भर्ती की प्रक्रिया भी लगातार चलनी चाहिए। किसी विभाग को कर्मचारियों की कमी से न जूझना पड़े।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अनुकंपा नियुक्ति की कोई पेंडेंसी नहीं रहेगी। सभी विभागों में पदोन्नति के लिए डीपीसी हर साल करवाई जाएगी, पदोन्नति से रिक्त पदों को समय से भरने के लिए नई भर्ती प्रक्रिया भी चल रही है। इस वर्ष कृषि विभाग के अंतर्गत मंडी बोर्ड में 600 मंडी निरीक्षक, 50 उपयंत्री, 30 सचिव, 100 डाटा एंट्री ऑपरेटर सहित कुल 1500 से अधिक पदों पर नयी भर्ती वर्ष 2026 में पूरी कर ली जाएगी। राज्य सरकार ने अब तक 85 हजार से अधिक पदों पर युवाओं को नौकरी दी है। अगले वर्ष में 1 लाख से अधिक पदों पर नई भर्ती करने का लक्ष्य है।

एक दशक बाद एक साथ 3 हजार 357 प्रमोशन

मुख्यमंत्री ने कहा कि पदोन्नति के लिए एक दशक की प्रतीक्षा के बाद भी विभागीय अमले ने सर्मपित भाव से काम किया। कृषि विभाग में कुल 3357 शासकीय सेवकों की पदोन्नति हुई है। इनमें एक चरण में 1725 अधिकारी-कर्मचारियों को प्रमोशन मिला है। 300 अनुकंपा नियुक्ति दी गई है। 44 आश्रितों को सहायक वर्ग-3 के पद पर नियुक्ति पत्र दिए जा रहे। उन्होंने कहा कि बाकी लंबित मामलों का भी निराकरण कर इन्हें शून्य किया जाएगा। विभागीय आंकड़ों के अनुसार कृषि विभाग मंडल के 1439, कृषि अभियांत्रिकी के 149, बीज प्रमाणीकरण के 36 और बीज निगम के 8 कर्मचारियों को पदोन्नति मिली है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि मप्र, देश की फूड बॉस्केट बन चुका है। कृषि विभाग की टीम कृषि योजनाओं और नीतियों को फाईलों से निकालकर खेत की मेढ़ तक पहुंचाती है। कृषि विभाग ने प्रदेश में किसानों के कल्याण और सशक्तिकरण का उदाहरण पेश किया है। राज्य सरकार ने भी एक साथ 3 हजार 357 प्रमोशन दिए।

कृषि विभाग में 1500 से ज्यादा होगी भर्ती

मुख्यमंत्री ने बताया कि कृषि विभाग में इसी साल पीएससी, कर्मचारी चयन मंडल सहित अन्य माध्यम से1500 से ज्यादा पदों पर भर्ती की जाएगी। इनमें उप अभियंता, सचिव, डाटा एंट्री ऑपरेटर सहित कई पद शामिल हैं। अगले साल तक प्रदेश के विभागों में 1 लाख नए पदों पर भर्ती का लक्ष्य है। विभाग के अधिकारी-कर्मचारी 55 जिलों और 50 हजार से ज्यादा गांवों में काम कर रहे ।

जीएडी से डरते थे अधिकारी-कर्मचारी

मुख्यमंत्री डॉ यादव ने सामान्य प्रशासन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि अधिकारियों-कर्मचारियों को भगवान के बाद जीएडी से डर लगता था। उन्होंने कहा भगवान जाने वहां कौन सी जलेबी बनती थी। हमने कहा जलेबी की दुकान ही बंद कराएंगे। सरकारी व्यवस्था में सुधार के लिए प्रक्रियाओं को सरल करना जरूरी है, ताकि कर्मचारियों को अनावश्यक रूप से परेशान न होना पड़े।

Created On :   7 Oct 2026 11:53 PM IST

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