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MP News: आयुर्वेद ऐसा विज्ञान जो उपचार से भी आगे वेलनेस पर जोर देता है- राज्यपाल

डिजिटल डेस्क, भोपाल। राष्ट्रीय आयुष मिशन और पं. खुशीलाल शर्मा शासकीय आयुर्वेद कॉलेज ने मंगलवार को भोपाल में नाड़ी विश्लेषण-2026 राष्ट्रीय संगोष्ठी की। इसमें नाड़ी परीक्षा की व्यवहारिक तकनीकों की खोज एवं निदान में नाड़ी का नैदानिकी महत्व'' पर मंथन किया गया। संगोष्ठी में राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि आयुर्वेद केहॉलिस्टिक विजन और जीवन दर्शन की ओर लौटने का है।
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आयुर्वेद आरोग्य का ऐसा विज्ञान है, जो रोग के उपचार से आगे बढ़कर स्वस्थ जीवन और वेलनेस को बढ़ावा देता है। इसके बहुउद्देश्यीय महत्व के कारण आयुर्वेद का भविष्य स्वर्णिम है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद, हमें मौसम के अनुसार खान-पान और जीवन शैली में परिवर्तन का मार्गदर्शन देता है। आयुष की अलग-अलग विधाएं भी महत्वपूर्ण है। योग, हौम्योपैथी और नैचुरोपैथी हर घर-हर व्यक्ति तक पहुंच गई है। राज्यपाल पटेल ने कहा कि नाड़ी विश्लेषण के पारंपरिक ज्ञान से जुड़े दावों का आधुनिक वैज्ञानिक मानकों और शोध पद्धतियों के आधार पर विश्लेषण तथा सत्यापन किया जाए।
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नाड़ी विश्लेषण की व्यक्तिपरकता और विशिष्ट आकलन के अंतरों को कम करने पर चर्चा की जाए। आधुनिक वैज्ञानिक मापदण्डों के आधार पर प्रमाणित विश्लेषण द्वारा इसे एकीकृत स्वास्थ्य प्रणाली का हिस्सा बनाने पर भी चिंतन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि उन क्षेत्रों में जहां आधुनिक जांच सुविधाएं सीमित हैं, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों और सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों में नाड़ी विश्लेषण विधि के द्वारा बड़ी संख्या में लोगों तक स्वास्थ्य परामर्श और प्रारंभिक स्वास्थ्य आकलन में आयुर्वेद चिकित्सक और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की संभावनाओं को भी खोजा जाना चाहिए।
Created On :   8 Oct 2026 12:20 AM IST













