- Home
- /
- राज्य
- /
- मध्य प्रदेश
- /
- राज्य सरकार ने सालों पुराने दो...
MP News: राज्य सरकार ने सालों पुराने दो कपड़ा उद्योगों को पीएफ लागू न करने की मिली छूट खत्म की

डिजिटल डेस्क, भोपाल। राज्य सरकार ने सालों पुराने दो कपड़ा उद्योगों को कर्मचारी भविष्य निधि लागू न करने की मिली छूट खत्म कर दी है। दोनों उद्योगों को 61 साल पहले 20 फरवरी 1965 से यह छूट मिली हुई थी। कपड़ा उद्योग मेसर्स भारत कामर्स एवं इण्डस्ट्रीज लिमिटेड और मेसर्स इंदौर मालवा यूनाईटेड मिल्स। मेसर्स भारत कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड प्रदेश में नागदा (बिरलाग्राम) जिला उज्जैन में स्थित है। मूल रूप से इस कंपनी की शुरुआत 1945 में कलकत्ता में एयरवेज लिमिटेड के नाम से हुई थी। इसके बाद वर्ष 1955 में इसका नाम बदलकर भारत कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड कर दिया गया। प्रदेश के नागदा (उज्जैन) में इस इकाई का पंजीकरण और पुनर्गठन 16 जून 1999 को रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज ग्वालियर के तहत हुआ था।
यह मुख्य रूप से एक टेक्सटाइल मिल (कपड़ा उद्योग) के रूप में कार्य करती थी। इसका मुख्य कार्य सूती, सिंथेटिक ब्लेंडेड धागे और स्टेपल फाइबर का निर्माण और कताई करना था। इसके अलावा यह तैयार कपड़ों के निर्माण और गैर-अनुसूचित हवाई परिवहन जैसी गतिविधियों से भी जुड़ी रही है। यह मिल काफी समय से बंद पड़ी है और वर्तमान में यह कानूनी रूप से लिक्विडेशन की प्रक्रिया में है। कंपनी की देनदारियों को चुकाने के लिए इसकी संपत्तियों और जमीनों की नीलामी/हस्तांतरण से जुड़े मामले उच्च न्यायालय में भी प्रक्रियाधीन रहे हैं।
यह भी पढ़े -सीएम मोहन यादव के 'लाड़ली बहना बोझ' वाले बयान पर उमंग सिंघार बोले- बहनें बोझ नहीं सम्मान होती हैं
इसी तरह, मेसर्स इंदौर मालवा यूनाइटेड मिल्स लिमिटेड न्यू देवास रोड मालवा मिल चौराहा इंदौर में स्थित है। यह इंदौर की सबसे पुरानी और ऐतिहासिक सूती कपड़ा (कॉटन टेक्सटाइल) मिलों में से एक थी, जिसकी स्थापना 20वीं शताब्दी की शुरुआत (लगभग 1907-1908) में हुई थी। यह मिल कपास से सूत और कपड़े का निर्माण करती थी। भारी घाटे और अन्य कानूनी-प्रशासनिक कारणों से यह मिल वर्षों पहले बंद हो चुकी है और प्रशासन द्वारा इसकी भूमि का भू-उपयोग निरस्त कर इसे अन्य विकास कार्यों के लिए लिया जा चुका है।
Created On :   7 Oct 2026 11:45 PM IST













