MP News: आरबीआई ने राज्य सरकार को सबसे कम ब्याज दर पर मंजर किया 3 हजार करोड़ लोन

आरबीआई ने राज्य सरकार को सबसे कम ब्याज दर पर मंजर किया 3 हजार करोड़ लोन
मप्र सरकार को इन्फ्रास्ट्रक्चर मजबूती और विकास कार्यों के लिए आरबीआई ने सबसे कम ब्याज दर पर 3 हजार करोड़ रुपए लोन मंजूर किया है।

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मप्र सरकार को इन्फ्रास्ट्रक्चर मजबूती और विकास कार्यों के लिए आरबीआई ने सबसे कम ब्याज दर पर 3 हजार करोड़ रुपए लोन मंजूर किया है। इसको 1000-1000 करोड़ रुपये के तीन चरणों में राज्य सरकार लेगी। आरबीआई ने मंगलवार को नीलामी प्रक्रिया बाजार से सबसे कम दर पर ब्याज पर राज्य सरकार को लोन स्वीकृत किया है। यह ऋण भारत सरकार की तय सीमा 3 प्रतिशत के अंतर्गत ही लिया गया है। उप-मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कदम को राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए दूरदर्शी और अत्यंत सकारात्मक फैसला बताया है। आरबीआई के माध्यम से प्राप्त होने वाला यह ऋण प्रदेश के आधारभूत ढ़ांचे जैसे सड़क निर्माण, पुल-पुलिया निर्माण, भू-अर्जन क्षेत्र, सिंचाई परियोजनाएं, बांध निर्माण, मेडिकल सेक्टर, विद्युत क्षेत्र, भवन निर्माण एवं आमजन की सुरक्षा से संबंधित कार्य किये जायेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि ऋण राशि का उपयोग राजस्व व्यय जैसे वेतन भत्ते, लाड़ली बहना योजना, पेंशन, प्रशासनिक व्यय, सीएम किसान कल्याण निधि एवं अनुदान राज्य सहायता में नहीं किया जाता है।

मंत्री देवड़ा ने कहा कि सरकार ऋण लेकर पूंजीगत कार्यों में व्यय करती है। इससे जीएसडीपी बढ़ती है और जीएसडीपी बढ़ने से प्रदेश के आम नागरिकों की आय भी बढ़ती है। इससे विकास परियोजनाओं की ग्रोथ और प्रदेश में समृद्धि आती है। किसी भी प्रदेश में ऋण लेकर विकास कार्यों में लगाना प्रदेश को विकासोन्मुखीकरण की ओर ले जाना है। वित्तीय अनुशासन और आरबीआई की निर्धारित सीमाओं के तहत ली जा रही यह राशि पूरी तरह से राज्य के विकास कार्यों में निवेश की जाएगी।

वित्तीय प्रबंधन एवं विकास रणनीति के मुख्य बिंदु

वित्तीय वर्ष 2026-27 में निर्धारित ऋण सीमा के अंतर्गत बाज़ार परिस्थितियों के अनुसार 1000-1000 करोड़ रुपये की तीन किस्तों में यह राशि जुटाई जाएगी, जिसमें कम ब्याज दर पर बेहतर प्रबंधन हो सके। आर्थिक गतिविधियों के बुनियादी ढांचे में पूंजीगत निवेश होने से राज्य में नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे और व्यापारिक गतिविधियों में भी तेज़ी आएगी। देवड़ा ने स्पष्ट किया कि भारत सरकार और आरबीआई द्वारा निर्धारित राजकोषीय जवाबदेही एवं बजट प्रबंधन सीमा 3 प्रतिशत के भीतर ही यह वित्तीय प्रबंधन किया जा रहा है। प्रदेश का जीएसडीपी अनुपात मजबूत है और राज्य सरकार समय पर ऋण भुगतान का अच्छा रिकॉर्ड है। वित्तीय रणनीति से प्रदेश में चल रहे विकास प्रोजेक्ट्स में और तेज़ी आएगी, जिससे 'विकसित मप्र' के संकल्प को मजबूती मिलेगी।

Created On :   8 Oct 2026 12:37 AM IST

Tags

Next Story