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MP News: नल-जल योजना: 3 करोड़ 85 लाख का भ्रष्टाचार, 3 इंजीनियर और ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मऊगंज जिले में नल जल योजना में 3 करोड़ 85 लाख 900 रुपए के भ्रष्टाचार के मामले को लेकर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू ) ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के तीन इंजीनियरों और ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। जांच में पाया गया कि कार्य को पूरा किए बिना ही ठेकेदार ने अधिकारियों से साठ गाठ कर राशि का पूरा भुगतान करा लिया। ठेकेदार के किए कार्यों में भारी लापरवाही और अनियमितता पाई गई। नईगढ़ी तहसील के तहत आने वाली खटखरी में नव निर्मित पानी की टंकी ढह गई। नईगढ़ी तहसील के कई गावों में घर घर पानी पहुंचाया जाना था, परन्तु ठेकेदार ने गांव के बाहर ही पाइप लाइन निकाल दी। घरों के भीतर न तो नल फिटिंग की गई न तो कंकीट सर्कुलर स्टैण्ड पोस्ट बनाया गया। पानी टंकी, सबमर्सिबल मोटर पंप, पाइपलाइन फिटिंग, पंप हाउस, बाउंड्री वाल सहित अन्य कार्य 9 माह में कराया जाना था, परन्तु पांच साल बाद भी अधूरा कार्य है।
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मिलीभगत कर ठेकेदार ने किया घटिया काम
मऊगंज जिले के नईगढ़ी विकासखंड में वर्ष 2021 में जल जीवन मिशन योजना (जेजेएम) के तहत कई गांवों में जल प्रदाय के लिए पानी की टंकी बनाई जाना थी। पाइप लाइन भी बिछाना थी। अर्थवर्क, रोड कटिंग, एचडीपीई पाइप फिटिंग, पम्प हाउस का निर्माण, वाल्व चेम्बर का निर्माण, आटोमेटिक वाटर लेबिल इंडिगेटर का निर्माण, सबमर्सिबल मोटर पम्प लगाने, बिजली फिटिंग का कार्य, हाउस होल्ड कनेक्शन के लिए जीआई पाइप के जरिए कंकीट का सर्कुलर स्टैण्ड पोस्ट तैयार करना, नल फिटिंग का कार्य, राइजिंग मेन की फिटिंग का कार्य, स्टार्टर कंट्रोल पैनल की स्थापना, टंकी स्थल पर बाउण्ड्रीवाल आदि का काम किया जाना था। पीएचई मऊगंज के अधिकारियों और ठेकेदार मेसर्स शिवेन्द्र तिवारी ने मिलीभगत कर गुणवत्ताहीन निर्माण कार्य किया, जिसकी शिकायत हुई। ईओडब्ल्यू ने जांच में पाया कि विभाग ने ठेकेदार मेसर्स शिवेन्द्र तिवारी को कार्यादेश दिया। पीएचई संभाग मऊगंज ने ठेकेदार को निर्माण के लिए 3 करोड़ 85 लाख 900 रुपए का इसके लिए भुगतान किया। लेकिन ठेकेदार ने गुणवत्ता विहीन निर्माण कार्य किया। जिसके कारण खटखरी में नवनिर्मित पानी की टंकी पहले ही जल भराव में टूटकर गिर गई। प्राक्कलन में 4400 मीटर पाइप लाइन बिछाना और 315 घरेलू नल कनेक्शन देना दर्शाया गया था। लेकिन पाइप लाइन केवल गांव के बाहर निकाल दी गई।
घरों के भीतर न तो नल फिटिंग की गई न ही सर्कुलर स्टैण्ड पोस्ट बनाया गया। ग्राम पंचायत जुड़मनिया रघुनाथ, खटखरी, करह उर्फ खैरागढ़ और शिवराजपुर में जल प्रदाय संबंधी गुणवत्ता विहीन कार्य किया गया। जिसके चलते आज तक गांवों में योजना के तहत पानी नहीं पहुंचा। करह गांव में 5 मोटर पम्प के स्थान पर मिली 1 सबमर्सिबल मोटर, 740 कनेक्शन के दावों के विपरीत एक भी घर के अंदर नल फिटिंग नहीं मिली। शिवराजपुर में ओव्हर हेड टैंक और सम्पवेल का निर्माण अधूरा पाया गया । जुड़मनिया रघुनाथ गांव में मुख्य पाइप लाइन तो डाली गई परन्तु घरों के अंदर कोई कनेक्शन नहीं किया गया। मुख्य पाइप लाइन भी आधे ही गांव में बिछाई गई।
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इन्हें बनाया आरोपी
भ्रष्टाचार के मामले में ईओडब्ल्यू ने तत्कालीन ईई पीएचई मऊगंज जेपी (जनार्दन प्रसाद) द्विवेदी, तत्कालीन सहायक यंत्री संजय पाण्डेय, तत्कालीन उप यंत्री एपी तिवारी , संचालक मेसर्स शिवेन्द्र कुमार तिवारी के खिलाफ कई धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई।
Created On :   24 Sept 2026 12:40 AM IST













