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मध्य प्रदेश न्यूज: MP में बिजली कटौती पर कांग्रेस का हल्लाबोल, लालटेन लेकर पावर कंपनी के दफ्तर पहुंचे नेता

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्यप्रदेश में बिजली व्यवस्था में लगातार कमियां देखने को मिल रही हैं। इसको लेकर कांग्रेस नेता एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी के कार्यालय पहुंचे। इस दौरान उनके हाथों में लालटेन थी। साथ ही पार्टी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एक प्रेस रिलीज जारी की है। इस दौरान कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी ने बताया कि प्रदेश की राजधानी भोपाल की अरेरा कॉलोनी सहित कई क्षेत्रों में बार-बार अघोषित बिजली गुल और वोल्टेज फ्लक्चुएशन हो रहा है। इस वजह से जनता को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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झूठे दावे के आरोप
कांग्रेस प्रवक्ता ने आगे बताया कि एक तरफ मोहन यादव सरकार दावा कर रही है कि राज्य में सरप्लस बिजली उपलब्ध है। वहीं दूसरी तरफ, लोगों को महंगी बिजली मजबूरन खरीदनी पड़ रही है। उन्होंने जनता के हवाले से बताया कि लोग यह सवाल पूछ रहे हैं कि ये सरप्लस बिजली जा कहां रही है? साथ ही बताया कि क्यों जनता के घरों में स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं, इससे सिर्फ भारी-भरकम बिल उन्हें मिल रहे हैं।
कांग्रेस प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी ने प्रदर्शन के बाद एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी के एमडी विशेष गढ़पाले को शिकायत सौंपी। जिसमें उन्होंने राज्य में लगातार अघोषित बिजली कटौती और बदहाल व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है। इसके बाद उन्होंने सरकार पर बड़े-बड़े बिजली व्यवस्था के दावे करने के आरोप लगाए हैं। साथ ही बताया कि राजधानी में बिजली व्यवस्था इतनी गंभीर बनी हुई है, तो राज्य का क्या हाल हो रहा होगा?
अतिरिक्त भार की जांच
कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमान का इस मामले में कहना है कि जब उपभोक्ता प्रति माह समय पर बिजली का बिल चुका रहे हैं, तो इस प्रकार और गुणवत्ताहीन बिजली क्यों मिल रही है? उन्होंने कहा कि बिजली कंपनियों की लापरवाही का खामियाजा आम जनता क्यों भुगत रही है?
भोपाल जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर ने बताया कि अरेरा कॉलोनी में आवासीय क्षेत्रों में बिजली के भार और कनेक्शनों की स्थिति को लेकर तकनीकी जांच कराना जरूरी है। साथ ही इलाके में नियमों के विपरीत चल रही व्यावसायिक गतिविधियों और व्यावसायिक बिजली कनेक्शन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इन्हीं कारणों से घरेलू उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त भार पड़ रहा है, जिसकी जांच होनी चाहिए।
बिजली व्यवस्था पर रहवासियों ने क्या कहा?
स्थानीय रहवासी राजवीर सिंह का कहना है कि 10 नंबर मार्केट समेत आसपास के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, दुकानों और हजारों रहवासियों को बार-बार बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है। इसकी वजह से उनकी आर्थिक और दैनिक गतिविधियों पर असर पड़ रहा है। साथ ही बताया कि बुजुर्ग, बच्चे, विद्यार्थी और महिलाएं इस भीषण गर्मी से काफी परेशान हैं।
वहीं, स्थानीय रहवासी हरीश चौबे ने आरोप लगाते हुए बताया कि बार-बार शिकायत करने के बाद भी बिजली व्यवस्था स्थायी रूप से सुधारी नहीं गई है। अगर तकनीकी खराबी, मेंटेनेंस एवं किसी अन्य कारण से बिजली बंद होती है, तो इससे पहले उपभोक्ताओं को सूचना देना कंपनियों की जिम्मेदारी है।
बिजली व्यवस्था को लेकर कांग्रेस की मांग
- भोपाल की विद्युत व्यवस्था की तत्काल तकनीकी एवं स्वतंत्र जांच कराई जाए।
- प्रदेश में बार-बार हो रही अघोषित विद्युत कटौती पर तत्काल रोक लगाई जाए।
- शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में खराब तथा ओवरलोडेड ट्रांसफार्मर, केबल, फीडर एवं अन्य विद्युत उपकरणों की जांच कर आवश्यकतानुसार उनकी क्षमता बढ़ाई जाए।
- लो-वोल्टेज एवं वोल्टेज फ्लक्चुएशन की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए।
- तकनीकी खराबी एवं मेंटेनेंस के कारण होने वाली कटौती की स्थिति में उपभोक्ताओं को पूर्व सूचना देना अनिवार्य किया जाए।
- पूरे प्रदेश में विद्युत व्यवस्था की स्थिति की जांच के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय जांच दल गठित किया जाए और उसकी निगरानी में विशेष विद्युत सुधार अभियान चलाया जाए।
विवेक त्रिपाठी ने दी चेतावनी
विवेक त्रिपाठी बताते हैं कि एमपी में बिजली उपभोक्ता नियमित रूप से बिल भर रहा है। इसके बाद भी उन्हें अघोषित कटौती, लो-वोल्टेज और खराब बिजली व्यवस्था का सामना करना पड़ता रहा है। साथ ही उन्होंने बताया कि सिर्फ यह तकनीकी समस्या नहीं, बल्कि कंपनियों और सरकार की जवाबदेही की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाती है। कांग्रेस नेता ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर भोपाल समेत पूरे राज्य में विद्युत व्यवस्था तत्काल नहीं सुधारी जाती है, तो इसके खिलाफ प्रदेशभर में आंदोलन किया जाएगा।
Created On :   23 Sept 2026 10:38 PM IST














