दैनिक भास्कर हिंदी: राजस्थान में पायलट के प्रदेशाध्यक्ष बनने का रास्ता साफ, गहलोत के इस जवाब से हुई पुष्टि

July 24th, 2021

हाईलाइट

  • सिद्धू के बाद पायलट को मिलेगी कमान!

डिजिटल डेस्क, जयपुर। कांग्रेस हाईकमान ने लंबे चले सियासी भूचाल के बाद नवजोत सिंह सिद्धू को पंजाब कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बनाये जाने के बाद अब सब की नजर राजस्थान पर टिक गई हैं। सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के बाद राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी झुकने के संकेत दे दिए हैं। उन्होंने ट्वीट कर यह कहा है कि सोनिया गांधी का हर फैसला मानूंगा। 

राजस्थान में भी यह बहस दोबारा तेज हो गई है कि सचिन पायलट को उनके कद का पद मिले। जब से पार्टी हाईकमान ने सिद्धू पर फैसला लिया है तब से गहलोत खेमे में खलबली मच गई है। सिद्धू के बाद कांग्रेस नेतृत्व ने अब पायलट पर भी निर्णय लेने का मन बना लिया है। सीएम गहलोत का ट्वीट पायलट और गहलोत के बीच जमी बर्फ को पिघलाने के संकेत दे रहा है। गहलोत ने सबसे पहले सिद्धू को बधाई दी, और फिर अपने बयान के जरिए पायलट खेमे के प्रति नरमी के संकेत दिए। 

 

प्रदेश प्रभारी सीएम से मुलाकात कर चुके हैं

गौरतलब है कि पंजाब में चले हाईवोल्टेज ड्रामा से पहले प्रदेश प्रभारी अजय माकन सीएम अशोक गहलोत से मिल चुके थे। सूत्रों की माने तो माकन गहलोत से मिलकर पायलट खेमे को संगठन और सरकार में सेट करने की बात कह चुके थे। लेकिन गहलोत की जिद की वजह से यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया था। कैप्टन और सिद्धू के झगड़े को शांत करने के बाद कांग्रेस हाईकमान की नजर अब राजस्थान पर है। अब यह माना जा रहा है कि सीएम गहलोत कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के निर्णय को अंतिम मानते हुए काम करेंगे। 

माकन के एक ट्वीट को रीट्वीट करने के पीछे छिपे हैं कई राजनीतिक मायने

अजय माकन राजस्थान के कांग्रेस प्रभारी हैं। उनके ऊपर राजस्थान में चल रही सियासी खींचतान को शांत करने की जिम्मेदारी है। उनका एक रीट्वीट गहलोत खेमे के लिए छिपा हुआ राजनीतिक संदेश हो सकता है। इस ट्वीट में कांग्रेस शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों की कार्यशैली की आलोचना की गई है। इसमें लिखा गया है कि सरकार बनने के बाद ये लोग यह समझने लगते हैं कि सरकार केवल इनके दम पर बनी है। बाकी नेताओं की मेहनत को यह भूल जाते हैं। माकन के यह रीट्वीट राजस्थान की राजनीति में कई सियासी संदेश दे रहा है। 
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