• Dainik Bhaskar Hindi
  • State
  • Due to heavy rains, many areas of the state including the capital Bhopal, water-water, Indira Sagar, Tawa, Omkareshwar, Kaliasot, Kolar along with many more dams were opened.

बारिश से हाहाकार : भारी बारिश के चलते राजधानी भोपाल समेत प्रदेश के कई इलाके हुए पानी-पानी, इंदिरा सागर, तवा, ओंकारेश्वर, कलियासोत के साथ कई और बांधों के गेट खोले गए

July 24th, 2022

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्यप्रदेश में भारी बारिश का दौर लगातार जारी है। तेज बारिश की वजह से प्रदेश के नदी-नाले उफान पर हैं। नर्मदा, छिप्रा, बेतवा, तवा, ताप्ती और पार्वती समेत कई नदियां खतरे के निशान को करीब आ गई हैं। प्रशासन द्वारा इन नदियों के किनारे स्थित गांवों को अलर्ट पर रखा गया है। इसके साथ ही प्रदेश के कई छोटे-बड़े बांधों का जलस्तर बढ़ने की वजह से इनके गेटों को खोला गया है।

बीते 24 घंटे में इस आसमानी आफत की वजह दो लोगों की जान भी चली गईं। जानकारी के मुताबिक छिंदवाड़ा में कंगला नदी पार करते समय तीन लोग ट्रेक्टर सहित बह गए। इस हादसे में ड्राइवर की मौत हो गई। वहीं मुरैना में बिजली गिरने की घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई। प्रदेश की राजधानी भोपाल में शनिवार शाम से लेकर रात तक धीमी और रविवार सुबह 10 से लेकर 2 बजे तक तेज बारिश हुई। बारिश के चलते यहां की सड़के तालाब में बदल गईं।   

 

 

 

कई नदियां उफान पर 

तेज बारिश की वजह से प्रदेश की नदियां उफान पर हैं। ग्वालियर चंबल में बीते कई दिनों से  जारी बारिश की वजह से बेतवा नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। स्थानीय प्रशासन द्वारा नदी के किनारे रहने वाले गांवो में अलर्ट जारी किया गया है। शिवपुरी में बेतवा नदी में बाढ़ के कारण टापू पर दो चरवाहे और उनके जानवर फंस गए। जिन्हें रेस्क्यू करके निकाला गया।

सीहोर में अंबर नदी में बाढ़ आ जाने से एक ही परिवार के 12 लोग फंस गए जिन्हें रेस्कयू करके निकाला गया। नर्मदा नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। जिले के नसरुल्लागंज में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-वयस्त हो गया। यहां के निचले इलाकों पानी भर जाने की वजह लोगों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ा। बाढ़ की वजह से भोपाल-नसरुल्लागांव मार्ग भी बंद हो गया। 

नर्मदापुरम जिले में चार युवकों के फंसने का मामला भी सामना आया है। जानकारी के मुताबिक ये चारों युवक तवा डैम के गेट खुलने के समय नदी में आ रहे पानी के बीच शेल्फी लेने नदी उतरे थे। इस दौरान बांध से छूटे पानी की वजह से नदी के तेज बहाव में फंस गए। राहत की बात यह रही कि आसपास के ग्रामीणों द्वारा भारी मशक्कत करके इन युवकों को बचा लिया गया। 

 

शाजापुर जिले के बिकलाखेड़ी खेड़ी में एक स्कूल बस ड्राइवर की लापरवाही की वजह से नाले में फंस गई। नाले का जलस्तर करीब 4 फीट था। बस में पानी भरता देख बच्चे चीख-पुकार करने लगे। गांववालों ने ट्रेक्टर की सहायता सभी बच्चों को सकुशल निकाला। बता दें कि बस में करीब 25 बच्चे सवार थे। 

इंदिरा सागर और ओंकारेश्वर समेत अन्य कई बांधों के गेट खोले गए

लगातार हो रही बारिश की वजह से प्रदेश के कई बड़े और छोटे बांध लबालब हो गए हैं। जिसके चलते इनके गेट खोलने पड़े। रविवार को खंडवा के इंदिरा सागर के 20 में से 12 गेट, नर्मदापुरम के तवा डैम और छिंदवाड़ा के माचागोरा जलाशय के 4 गेट खोले गए।

 

वहीं राजधानी भोपाल के भदभदा डैम के का तीसरा गेट भी आज खोल दिया गया।

इसके अलावा बड़े तालाब का जलस्तर लगातार बढ़ने के चलते कलियासोत के 13 मे से 9 गेट और कोलार डैम के 4 गेट आज खोले गए। 

 

यहां हुई सबसे ज्यादा बारिश 

बीते 24 घंटे के दौरान प्रदेश के बैतूल और नर्मदापुरम में सबसे ज्यादा 3 इंच बारिश दर्ज हुई। वहीं नरसिंहपुर में 2.5 इंच, भोपाल में 2 इंच, पंचमढ़ी में 2 इंच और नौगांव में 2 इंच बारिश हुई। इनके अलावा सतना में और खजुराहों में 1.5-1.5 इंच बारिश दर्ज हुई। 

बता दें कि मौसम विभाग द्वारा प्रदेश के भोपाल और नर्मदापुरम संभाग के अलावा रायसेन, राजगढ़, विदिशा, सीहोर, देवास, नीमच, मंदसौर, उमरिया, अनूपपुर, शहडोल, बालाघाट, बैतूल जिलों में बारिश होने की संभावना जताई है।