• Dainik Bhaskar Hindi
  • State
  • Madhya Pradesh is moving towards liberation from Corona with the lofty spirit and strong arrangements of Chief Minister Shri Chouhan!

दैनिक भास्कर हिंदी: मुख्यमंत्री श्री चौहान के बुलंद हौंसले और पुख्ता इंतजामों से कोरोना मुक्ति की ओर बढ़ता मध्यप्रदेश!

June 7th, 2021

डिजिटल डेस्क | जबलपुर किसी भी राज्य को यह एहसास भी न था कि कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर इतनी घातक होगी। दूसरी लहर में जिस गति से कोरोना ने अपने पैर पसारे, उससे सभी राज्य हतप्रभ रह गये। मध्यप्रदेश भी उन्हीं में से एक था। अचानक कोरोना के संक्रमण का बढ़ना सभी के लिये चिंता का विषय था। इन कठिन परिस्थितियों में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने बुलंद हौंसले और पुख्ता इंतजामों के साथ प्रदेश की जनता को कोरोना से बचाने के लिये सुरक्षा कवच प्रदान किया। जिस तरह से कोरोना संक्रमण बढ़ रहा था, ऐसे में इंतजामों के लिये समय बहुत कम था। इसके बावजूद भी मुख्यमंत्री श्री चौहान ने हार नहीं मानी। प्रतिदिन लगभग 20 घंटे जाग कर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रभावी रणनीति बनाई और प्रदेश के हर जिले में चिकित्सकीय व्यवस्थाओं को दुरूस्त किया। कोरोना संक्रमण के प्रकरणों को देखते हुए शासकीय अस्पतालों में बेड्स की संख्या बढ़ाते हुए जरूरी औषधियों की आपूर्ति भी सुनिश्चित की गई।

इसी बीच कोरोना वायरस ने अपना रौद्र रूप लेकर मरीजों के लंग्स पर असर डालना शुरू कर दिया। इस स्थिति में मरीजों को ऑक्सीजन और वेंटिलेटर्स की जरूरत पड़ने लगी। स्थिति गंभीर हो रही थी, लेकिन शिवराज सिंह चौहान ने हार नहीं मानी। दिन-रात एक कर वे ऑक्सीजन की व्यवस्था में जुट गये। राज्य स्तर पर होने वाले सभी प्रयत्न किये गये। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी सहित कई केंद्रीय मंत्रियों से संवाद कर ऑक्सीजन की कम समय में आपूर्ति करवाई। राज्य के बाहर से आने वाली ऑक्सीजन के लिये टैंकरों को इंडियन एयर फोर्स के विमानों से झारखंड और राजस्थान भेजा गया। जहाँ से रेल एवं सड़क मार्ग द्वारा ऑक्सीजन मध्यप्रदेश को मिली और कोरोना मरीजों के लिये जीवन दायिनी बनी। ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता के प्रभावी प्रयास जरूरत के समय ऑक्सीजन बाहर से मंगाना मजबूरी थी। इस मजबूरी को खत्म करने के लिये मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने संकल्प लिया कि प्रदेशवासियों के हित में ऑक्सीजन की उपलब्धता प्रदेश में ही करेंगे।

इस दिशा में उन्होंने तेजी से प्रयास करने प्रांरभ कर दिये। इसमें केन्द्र सरकार का सहयोग लिया गया और ऑक्सीजन बनाने वाली कम्पनियों से भी सम्पर्क किया गया। सच्चे मन से किये गये प्रयास अब रंग लाना शुरू हो गये हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान की पहल पर आज मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों में 96 ऑक्सीजन प्लांट्स का कार्य निर्माणाधीन है। इनमें से कुछ प्लांट्स ने कार्य प्रांरभ कर दिया है। शेष का कार्य समय-सीमा निर्धारित कर पूरा किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री चौहान के प्रयासों से शीघ्र ही मध्यप्रदेश ऑक्सीजन के मामले में आत्म-निर्भर होगा। वर्तमान में केन्द्र सरकार और अन्य बाहय स्त्रोतों से प्राप्त हो रही ऑक्सीजन के अलावा राज्य सरकार ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के माध्यम से भी मरीजों को ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित कर रही है। प्रदेश के भोपाल, रीवा, इंदौर, ग्वालियर और शहडोल में नवीनतम तकनीक वीपीएसए आधारित ऑक्सीजन प्लांट्स लगाये जा रहे हैं। इनमें प्रति मिनट 300 से 400 लीटर ऑक्सीजन बनेगी।

इस नवीनतम तकनीक से ऑक्सीजन प्लांट्स लगाने वाला मध्यप्रदेश, देश का पहला राज्य है। बचाव की प्रभावी रणनीति मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेशवासियों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिये जो रणनीति अपनाई, उसमें पहली- कोरोना संक्रमण की चेन को तोड़ना। इस कार्य में शासन के मंत्री, विभिन्न विभागों के अधिकारी, जन-प्रतिनिधि, सामाजिक संस्थाएँ, स्वयंसेवी संगठन और शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र की जनता ने भी सक्रिय होकर कार्य किया हैं। क्षेत्र की जनता ने कोरोना संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिये स्व-प्रेरित होकर जनता कर्फ्यू भी लगाया। इस कार्य में प्रदेश के अनेक ग्रामों ने आदर्श भी प्रस्तुत किया है। अपने गाँव को कोरोना से सुरक्षित करने के लिये ग्रामीणों ने पूरा गाँव लॉक कर दिया। जरूरत का सामान लाने के लिये गाँव के 4-5 लोग ही बाहर जाते हैं और पूरे गाँव के लोगों के लिये सामग्री लाते हैं। कोरोना से बचाव का यह अभिनव नवाचार भी है।

राज्य शासन की अपील पर कई क्षेत्रों में लोगों ने अपने वैवाहिक एवं सामाजिक कार्यों को अभी न करने का निर्णय भी लिया है। प्रभावी किल कोरोना अभियान मुख्यमंत्री श्री चौहान की रणनीति का दूसरा कदम ''''किल कोरोना अभियान'''' है। इस अभियान में गाँव-गाँव टीम बनाकर लोगों को कोरोना के प्रति जागरूक किया और घर-घर जाकर संभावित मरीजों की पहचान कर उनके उपचार की व्यवस्था भी सुनिश्चित की है।

खबरें और भी हैं...