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Uttarakhand Jansamvad Rally: रक्षा मंत्री बोले, भारत-नेपाल का रिश्ता 'रोटी-बेटी' का, दुनिया की कोई भी ताकत इसे तोड़ नहीं सकती

Uttarakhand Jansamvad Rally: रक्षा मंत्री बोले, भारत-नेपाल का रिश्ता 'रोटी-बेटी' का, दुनिया की कोई भी ताकत इसे तोड़ नहीं सकती

हाईलाइट

  • रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की वर्चुअल रैली
  • वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से ‘उत्तराखंड जनसंवाद रैली’ को संबोधित किया

डिजिटल डेस्क, देहरादून। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से ‘उत्तराखंड जनसंवाद रैली’ को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत-नेपाल का रिश्ता 'रोटी-बेटी' का है। दुनिया की कोई भी ताकत इस रिश्ते को तोड़ नहीं सकती। हमारे यहां गोरखा रेजिमेंट ने समय समय पर अपने शौर्य का परिचय दिया है। उस रेजिमेंट का उद्घोष है कि “जय महाकाली आयो री गोरखाली”। महाकाली तो कलकत्ता, कामाख्या और विंध्यांचल में विद्यमान हैं। तो कैसे भारत और नेपाल का रिश्ता टूट सकता है? बता दें कि नेपाल ने हाल ही में भारत के तीन इलाकों कालापानी, लिम्पियाधुरा और लिपुलेख को अपने नक्शे में शामिल किया है जिसे लेकर दोनों देश के रिश्तों में खटास की बात कही जा रही है।

Updates:

-राजनाथ सिंह ने कहा, पीएम मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार के 6 वर्ष पूरे हुए हैं। पांच वर्षों में लगातार जनता के बीच सरकार के कामों का रिपोर्ट कार्ड लेकर गए। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला वर्ष पूरे होने पर हम जनता से सीधा संवाद स्थापित कर रहे हैं

-पिछले 6 वर्षों में पीएम मोदी के नेतृत्व में हमारे देश ने बहुत प्रगति की है। अंतरराष्ट्रीय जगत में भी भारत की प्रतिष्ठा बढ़ी है। हमारा देश जब आगे बढ़ रहा था, तो सारे विश्व के सामने कोरोना की चुनौती पैदा हुई

-हमारे प्रधानमंत्री ने जिस सूझबूझ और इच्छा शक्ति के साथ कोरोना से लड़ने के लिए जो भी कदम उठाए हैं, उसकी सराहना पूरे विश्व से लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन तक हो रही है

-'गौरा देवी कन्या धन योजना' के लिए मैं उत्तराखंड सरकार को विशेष रूप से बधाई देना चाहता हूं। जिस परिवार में बेटी का जन्म होता है उस परिवार को 50,000 रुपये की धनराशि दी  जाती है

-उत्तराखंड की स्थिति आज पहले से काफी सुधर चुकी है। किसानों के कल्याण के लिए भी राज्य सरकार ने जो कदम उठाए हैं, उसकी जितनी प्रशंसा की जाए, वो कम है। किसानों के लिए फसलों के बीज पर पहले 50 फीसदी सब्सिडी थी, वो बढ़ाकर 75 फीसदी की गई है

-उत्तराखंड सरकार ने फैसला किया है कि हरिद्वार से ऋषिकेश तक मैट्रो ट्रेन चलाई जाएगी, इसे मंजूरी दे दी गई है। भ्रष्टाचार के खिलाफ भी राज्य सरकार ने जीरो टॉरलेंस की नीति अपनाई है। गैरसैंण को उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाया गया है

-उत्तराखंड परिश्रम और पराक्रम की भूमि है, ये देवभूमि है। कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री जी ने केदारनाथ के पुनर्निमाण के सभी पहलुओं की समीक्षा की है। यात्रियों के लिए ये यात्रा ईको फ्रेंडली हो सके ये कोशिश की जा रही है

-मानसरोवर यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए भारत सरकार ने एक सुविधा उपलब्ध कराई है। पहले मानसरोवर जाने वाले यात्री सिक्किम के नाथुला का रूट लेकर जाते थे, जिससे अधिक समय लगता था

-बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन ने लिपुलेख तक एक लिंक रोड का निर्माण किया, जिससे मानसरोवर जाने के लिए एक नया रास्ता खुल गया। पहले यात्रा के मुकाबले अब 6 दिन कम समय में मानसरोवर की यात्रा होगी

-हमारे पड़ोसी देश नेपाल में इस सड़क को लेकर कुछ गलतफहमियां पैदा हुई हैं। नेपाल के साथ हमारे केवल सामाजिक, भौगोलिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रिश्ते ही नहीं बल्कि आध्यात्मिक रिश्ते भी हैं

-भारत-नेपाल का रिश्ता 'रोटी-बेटी' का है। दुनिया की कोई भी ताकत इस रिश्ते को तोड़ नहीं सकती

-हमारे यहां गोरखा रेजिमेंट ने समय समय पर अपने शौर्य का परिचय दिया है। उस रेजिमेंट का उद्घोष है कि “जय महाकाली आयो री गोरखाली”। महाकाली तो कलकत्ता, कामाख्या और विंध्यांचल में विद्यमान हैं। तो कैसे भारत और नेपाल का रिश्ता टूट सकता है?

-मैं विश्वास के साथ कहना चाहता हूं कि भारतीयों के मन में कभी भी नेपाल को लेकर किसी भी प्रकार की कटुता पैदा हो ही नहीं सकती है। इतना गहरा संबंध हमारे साथ नेपाल का है। हम मिल बैठकर इन सब समस्याओं का समाधान करेंगे

-6 साल में मोदी जी ने बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए बहुत कदम उठाए हैं। आजादी के इतने साल बाद भी भारत में करीब 18,500 गांव ऐसे थे, जहां बिजली नहीं थी, हमारी सरकार ने उन गांवों में बिजली पहुंचाई

-प्रधानमंत्री जनधन योजना से हर भारतवासी का बैंक खाता खोलने का काम भी हमारी सरकार ने किया है। हमारी सरकार का संकल्प है कि 2022 तक देश में कोई ऐसे परिवार नहीं होगा, जिसके पास पक्की छत न हो

-हमारे प्रधानमंत्री जी ने वन नेशन, वन राशन कार्ड की योजना शुरु की है। जिसके तहत उत्तराखंड का कोई निवासी अगर तमिलनाडु में भी रोजगार के लिए जाता है तो वहां भी सस्ते दर पर अनाज प्राप्त कर सकेगा

-जब चुनाव आता है तब राजनीतिक पार्टियां जनता के सामने बड़े-बड़े वादे करती हैं। लेकिन चुनाव समाप्त हो जाने और सरकार बन जाने के बाद अपने वादे भूल जाती है

-लेकिन भाजपा सरकार ने जो काम किया है उसे देखते हुए मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि आजाद भारत की राजनीति में जो विश्वास का संकट पैदा हुआ था, उस विश्वास के संकट को हमने चुनौती के रूप में स्वीकार किया है और उस पर भाजपा सरकार ने विजय प्राप्त की है

-नरेन्द्र मोदी जी के आने के बाद उन्होंने एक लक्ष्य निर्धारित किया कि भारत सिर्फ आयात करने वाला देश नहीं होना चाहिए, बल्कि निर्यात करने वाला देश भी बनना चाहिए

-रक्षा के क्षेत्र में पहले देश से 100-150 करोड़ रुपये का निर्यात होता था, हमने अब लक्ष्य निर्धारित किया है कि 2024 तक डिफेंस में हमारा एक्सपोर्ट 5 बिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगा

-उत्तराखंड की त्रिवेंद्र रावत सरकार ने अपने 3 साल के कार्यकाल में घोषणा पत्र के 85 फीसदी वादों को पूरा किया है। 2 साल का समय राज्य सरकार के पास अभी और है, इन 2 साल में कोई ऐसे वादा ऐसा नहीं रहना चाहिए, जो पूरा न हो

-'राम जन्म भूमि के संबंध में जब हम लोग सार्वजनिक सभाओं में बोलते थे, उस समय लोग कहते थे कि चुनाव आ गया है इसलिए राम जन्म भूमि की बात कर रहे हैं। लेकिन आपने देखा कि धीरे-धीरे मार्ग प्रशस्त होता गया और देश की सबसे बड़ी अदालत ने राम जन्म भूमि के पक्ष में फैसला दिया।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।