दैनिक भास्कर हिंदी: AP Board Exams 2021: सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद, आंध्र प्रदेश सरकार ने इंटरमीडिएट और 10वीं बोर्ड परीक्षा रद्द की

June 24th, 2021

डिजिटल डेस्क, अमरावती। सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद आंध्र प्रदेश सरकार ने इंटरमीडिएट और कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षाओं को रद्द कर दिया है। शिक्षा मंत्री आदिमुलपु सुरेश ने कहा,  सुप्रीम कोर्ट ने राज्य को 10 दिनों के भीतर मूल्यांकन की योजना लाने और 31 जुलाई तक परीक्षा प्रक्रिया पूरी करने की छूट दी है, जो राज्य के लिए संभव नहीं है। हमने इस मामले की जानकारी मुख्यमंत्री को दे दी है। 

सुरेश ने कहा कि रद्द की गई इंटरमीडिएट परीक्षाओं के अंकों के मूल्यांकन की योजना जल्द घोषित की जाएगी। एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति जल्द ही छात्रों को अंक देने की व्यवस्था तय करेगी। मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए राज्य सरकार ने 10वीं कक्षा की परीक्षाओं को भी रद्द कर दिया है। मंत्री के अनुसार, कोर्ट ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) को भी आदेश दिया कि जब तक सीबीएसई, आईसीएसई और सभी राज्य 31 जुलाई तक इन परीक्षाओं के परिणाम घोषित नहीं कर देते, तब तक प्रवेश प्रक्रिया शुरू नहीं की जाए।

सुरेश ने कहा कि यह निर्णय यह सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है कि स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने के दौरान एपी छात्रों को नुकसान नहीं होगा। हालांकि, सुरेश ने कहा कि सरकार हमेशा कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए परीक्षा आयोजित करने के लिए तैयार थी, जो कि कोर्ट की समय सीमा को देखते हुए अब ऐसा नहीं है।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को आंध्र प्रदेश सरकार को कोविड की स्थिति के बीच 12वीं की शारीरिक तौर पर (फिजिकल) परीक्षा आयोजित करने पर जोर देने के लिए फटकार लगाई थी और परीक्षा आयोजित करने के लिए अपनाए गए तंत्र पर असंतोष व्यक्त किया था। जस्टिस ए. एम. खानविलकर और जस्टिस दिनेश माहेश्वरी की बेंच ने राज्य सरकार के वकील महफूज ए. नाजकी से कहा कि अदालत 12वीं कक्षा की राज्य बोर्ड परीक्षाओं की अनुमति तब तक नहीं देगी, जब तक कि सरकार उन्हें कोविड के प्रसार के खिलाफ किए गए उपायों से संतुष्ट नहीं करती।

बेंच ने कहा, आप कहते हैं कि एक परीक्षा कक्ष में केवल 15 छात्रों को बैठाया जाएगा। फिर तो आपको 34,634 कमरों की आवश्यकता होगी। क्या आपके पास वह (कक्षों की संख्या) है? अदालत ने कहा कि राज्य सरकार परीक्षा और परिणामों के लिए एक विशिष्ट समय सीमा निर्धारित नहीं करके छात्रों को अनिश्चितता में डाल रही है। बेंच ने कहा, आपको कम से कम 15 दिन का नोटिस देना होगा। आप ऐसा कब करने जा रहे हैं?

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