comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

AusOpen: नडाल टूर्नामेंट से बाहर, डोमिनिक थीम, ज्वेरेव, हालेप और मुगुरुजा सेमीफाइनल में


हाईलाइट

  • थीम ने मेंस सिंगल्स के क्वार्टरफाइनल में नडाल को 7(7)-6(3), 7(7)-6(4), 4-6, 7(8)-6(6) से मात दी
  • मेंस सिंगल्स के क्वार्टरफाइनल में ज्वेरेव ने वावरिंका को 1-6, 6-3, 6-4, 6-2 से हराया
  • हालेप ने विमेंस सिंगल्स के क्वार्टर फाइनल मैच में कोंतावेत को 6-1, 6-1 से मात दी
  • मुगुरुजा ने क्वार्टर फाइनल मैच में पावलियुचेंकोवा को 7-5, 6-3 से हराया

डिजिटल डेस्क। ऑस्ट्रिया के डोमिनिक थीम, जर्मनी के स्टार खिलाड़ी एलेक्जेंडर ज्वेरेव, रोमानिया की सिमोना हालेप और स्पेन की गार्बिन मुगुरुजा ने बुधवार को साल के पहले ग्रैंड स्लैम ऑस्ट्रेलियन ओपन के सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है। थीम ने मेंस सिंगल्स के क्वार्टरफाइनल में स्पेन के स्टार टेनिस खिलाड़ी राफेल नडाल को 7(7)-6(3), 7(7)-6(4), 4-6, 7(8)-6(6) से मात देकर सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की की। थीम पहली बार ऑस्ट्रेलियन ओपन के सेमीफाइनल में पहुंचे हैं। अब सेमीफाइल में थीम का मुकाबला ज्वेरेव से होगा। 

मेंस सिंगल्स के क्वार्टरफाइनल में ज्वेरेव ने स्विट्जरलैंड के स्टान वावरिंका को 1-6, 6-3, 6-4, 6-2 से मात देकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। ज्वेरेव पहली बार ऑस्ट्रेलियन ओपन के सेमीफाइनल में पहुंचे हैं। वहीं उन्होंने पहली बार किसी ग्रैंड स्लेम के सेमीफाइनल में जगह बनाई है। 

हालेप दूसरी बार सेमीफाइनल में
हालेप ने विमेंस सिंगल्स के क्वार्टर फाइनल मैच में इस्टोनिया की एनेट कोंतावेत को 6-1, 6-1 से मात देकर टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में जगह पक्की की है। वह ऑस्ट्रेलियन ओपन के सेमीफाइनल में दूसरी बार पहुंची हैं। इससे पहले 2018 में वह टूर्नामेंट के फाइनल तक पहुंची थीं। जहां उन्हें डेनमार्क की कैरोलिन वोज्नियाकी ने मात देकर टूर्नामेंट का खिताब जीता था। 

मुगुरुजा पहली बार टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में
वहीं मुगुरुजा ने विमेंस सिंगल्स के क्वार्टर फाइनल मैच में रूस की अनास्तासिया पावलियुचेंकोवा को 7-5, 6-3 से हराया और पहली बार टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में जगह बनाई। इससे पहले मुगुरुजा 2017 में क्वार्टर फाइनल में ही हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गई थीं। अब 30 जनवरी को सेमीफाइनल में हालेप और मुगुरुजा आमने-सामने होंगी। वहीं विमेंस सिंगल्स का दूसरा सेमीफाइनल मुकबाला ऑस्ट्रेलिया की एश्ले बार्टी और अमेरिका की सोफिया केनिन के बीच होगा। 

कमेंट करें
1mGOt
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।