अजब गजब: झारखंड का ऐसा अनोखा रेलवे स्टेशन, जहां बिना टिकट भी कर सकते हैं यात्रा, जानें क्या है पूरी कहानी

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। झारखंड के सिंहभूम जिले में स्थित महादेवसाल स्टेशन की अपनी एक अलग कहानी है। यहां हर दिन कई लोग ट्रेन से सफर करते हैं और कई ट्रेनें भी रुकती हैं। लेकिन इस स्टेशन पर नियमित टिकट बुकिंग की सुविधा नहीं है। स्टेशन पर टिकट काउंटर बना हुआ है, लेकिन वहां हमेशा टिकट देने वाला कर्मचारी मौजूद नहीं रहता है। ऐसे में यात्री स्टेशन से टिकट नहीं खरीद पाते और यही वजह है कि महादेवसाल स्टेशन (महादेवसाल हॉल्ट) अक्सर चर्चा में रहता है। यह स्टेशन दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर रेल मंडल के अंतर्गत आता है और चक्रधरपुर राउरकेला रेल मार्ग पर स्थित है। यहां से रोज 6 ट्रेनें गुजरती हैं और भारी संख्या में यात्री इस स्टेशन से ट्रेन पर यात्रा के लिए चढ़ते हैं, लेकिन यात्रियों को इस स्टेशन से यात्रा करने के लिए टिकट कटवाने की जरूरत नहीं पड़ती है। आसपास के कई गांवों के लोग रोजमर्रा के सफर के लिए इसी स्टेशन पर निर्भर हैं।
क्यों नहीं है टिकट काउंटर?
सावन के महीने में महादेवसाल हॉल्ट पर काफी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। स्टेशन के पास भगवान शिव का एक प्रसिद्ध मंदिर है, इसलिए इस दौरान यहां यात्रियों की भीड़ बढ़ जाती है। लोगों की सुविधा के लिए रेलवे अस्थायी टिकट काउंटर शुरू करता है और टिकट भी जारी किए जाते हैं। मालूम हो कि महादेवसाल एक हॉल्ट स्टेशन है और यहां पूरे साल नियमित टिकट बुकिंग की व्यवस्था नहीं रहती है। लेकिन सावन मेले जैसे खास मौकों पर, जब यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है, तब रेलवे एक्स्ट्रा इंतजाम करता है और अस्थायी बुकिंग काउंटर खोलता है।
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डीआरएम के पहुंचने से हुआ खुलासा
इस मामले की चर्चा तब शुरू हुई, जब 22 सितंबर को चक्रधरपुर रेल मंडल के डीआरएम तरुण हरिया महादेवसाल हॉल्ट की देखरेख करने पहुंचे। जांच के दौरान पता चला कि स्टेशन पर टिकट काउंटर तो बना है, लेकिन वहां नियमित बुकिंग क्लर्क मौजूद नहीं है। इसी वजह से स्टेशन से टिकट जारी नहीं किए जाते। स्टेशन की नई बिल्डिंग 2016 में करीब 4 करोड़ रुपए की लागत से बनाई गई थी। स्टेशन की इमारत मंदिर जैसी दिखती है और यहां यात्रियों के लिए कई जरूरी सुविधाएं भी मौजूद हैं। लेकिन यह कमर्शियल स्टेशन नहीं, बल्कि स्टेशन है। इसलिए यहां नियमित टिकट बुकिंग की व्यवस्था नहीं है। इसके बावजूद यहां हर दिन करीब आधा दर्जन ट्रेनें रुकती हैं, जिनमें चक्रधरपुर-राउरकेला पैसेंजर, टाटा-इतवारी पैसेंजर और टाटा-बिलासपुर पैसेंजर जैसी ट्रेनें शामिल हैं। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, महादेवसाल का इस्तेमाल मुख्य रूप से ट्रेनों के संचालन के लिए किया जाता है, न कि नियमित टिकट बिक्री वाले कमर्शियल स्टेशन के रूप में। इसलिए यहां स्थायी बुकिंग क्लर्क की नियुक्ति नहीं की गई है।
Created On :   25 Sept 2026 5:24 PM IST














