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ये 10 राज्य हैं भारत में सबसे ज्यादा शिक्षित, जानें आप कौन से नंबर पर हैं? 

September 05th, 2018 18:21 IST

हाईलाइट

  • केरल का लिटरेसी रेट पूरे देश में सबसे ज्यादा 93.91% है
  • लक्षद्वीप का लिटरेसी रेट 92.98% है
  • मिजोरम का लिटरेसी रेट 91.58% है

डिजिटल डेस्क । किसी भी देश के डेवलपमेंट के लिए उस देश का शिक्षित होना बहुत जरूरी है। अगर भारत की बात की जाए तो ये दुनिया में दूसरी सबसे बड़ी आबादी वाला देश है, लेकिन फिर भी हमारा देश उतनी तरक्की नहीं जकर पा रहा है जितनी उम्मीद आजादी के वक्त की गई थी। चलिए आज हम आपको भारत के उन 10 राज्यों के बारे में बताते हैं, जो एजुकेशन के मामले में सबसे आगे हैं। 

केरल- केरल का लिटरेसी रेट पूरे देश में सबसे ज्यादा 93.91% है। जो 2001 की जनगणना के अनुसार 3 प्रतिशत तक ज्यादा है। 

लक्षद्वीप- केरल के बाद लक्षद्वीप का नंबर आता है। जिसकी लिटरेसी रेट 92.98% है। ये 2001 के सेन्सस से 5.62% ज्यादा है। 

मिजोरम- मिजोरम का लिटरेसी रेट 91.58% है, जो 2001 के सेन्सस से 2.78% ज्यादा है,  लेकिन इस बार ये तीसरे नंबर पर आ गया है। 

त्रिपुरा- 2001 के सेन्सस में त्रिपुरा 13वें नंबर पर थे, लेकिन 2011 में ये चौथे नंबर पर आ गया। 2011 में त्रिपुरा का लिटरेसी रेट 87.75% है, जो 2001 से 14.59% ज्यादा है। 

गोवा- गोवा का लिटरेसी रेट 87.40% है, जो 2001 से 5.39% ज्यादा है। लेकिन 2001 में गोवा का नाम टॉप-4 में आता था। 

दमन और दीव- दमन और दीव का लिटरेसी रेट 2011 के सेन्सस के मुताबिक 87.07% है, जो 2001 से 8.89% ज्यादा है। पिछली जनगणना में दमन और द्वीव 9वें नंबर पर था।

पांडिचेरी- इस राज्य का लिटरेसी रेट 86.55% है, जो 2001 से 5.31% ज्यादा है। 2001 में पांडिचेरी 8वें नंबर पर आता था, जो 2011 में एक कदम ऊपर 7वें पर आ गया है। 

चंडीगढ़- इस राज्य की पॉजिशन गिरकर 5वें से 8वें पर आ गई। 2011 के आंकड़ों के मुताबिक, लिटरेसी रेट 86.34% है, जो 2001 से 4.49% ज्यादा है। 

दिल्ली- राजधानी दिल्ली के लिटरेसी रेट में भी गिरावट आ गई है। 2001 में जहां दिल्ली 6वें नंबर पर आता था, वहीं 2011 में 9वें नंबर पर आ गया। 2011 के मुताबिक, दिल्ली का लिटरेसी रेट 86.34% है, जो 2001 से 4.67% ज्यादा है। 

अंडमान-निकोबार आइसलैंड- इसका लिटरेसी रेट 86.27% है, जो 2001 से 4.97% ज्यादा है। 

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