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अजब-गजब: दुनिया के पांच अजीबोगरीब टैक्स, जिनके बारे में जानकर होगी हैरानी

August 23rd, 2020 15:16 IST
अजब-गजब: दुनिया के पांच अजीबोगरीब टैक्स, जिनके बारे में जानकर होगी हैरानी

डिजिटल डेस्क। दुनिया के लगभग हर देश के नागरिक अपनी आय के मुताबिक सरकार को टैक्स यानी कर देते हैं। इसके अलावा हर देश की सरकार समानों की खरीद-बिक्री पर भी एक निश्चित दर से कर वसुलती है। देश के सभी नागरिकों को सरकार द्वार लगाए गए टैक्स को देना चाहिए। क्योंकि यह देश के विकास के लिए बहुत जरूरी होता है। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी की कई देश बर्फ का टुकड़ा खरीदने के लिए या फिर ताश की गड्डी के लिए भी टैक्स लेते हैं। आज हम आपको दुनिया के अजीबोगरीब टैक्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनके बारे में जानकर आप दंग रह जाएंगे। 

  • अमेरिका के एरिजोना में बर्फ का टुकड़ा (आइस ब्लॉक) खरीदने पर भी लोगों को टैक्स देना पड़ता है। हालांकि अगर लोग आइस क्यूब खरीदें तो उसके लिए कोई टैक्स नहीं है।
  • अमेरिका के अलबामा में लोगों को ताश के पत्ते खरीदने या बेचने के लिए भी टैक्स देना पड़ता है। खरीदने वाले को 10 फीसदी प्रति 'ताश की गड्डी', जबकि बेचने वाले को 71 रुपये फीस के साथ ही 213 रुपये वार्षिक लाइसेंस के लिए चुकाने पड़ते हैं। हालांकि यह टैक्स सिर्फ ताश के 54 पत्ते या उससे कम खरीदने वालों पर लागू होता है।
  • आजकल शरीर के अंगों पर टैटू बनवाना युवा वर्ग का शौक बन चुका है। लेकिन अगर आपको अपने शरीर पर भी टैटू बनवाने के लिए भी सरकार को टैक्स देना पड़े, तो आपको कैसा लगेगा? आपको बता दें कि अमेरिकी राज्य अरकंसास में लोगों को टैटू के लिए छह फीसदी सेल्स टैक्स चुकाना पड़ता है।
  • क्या आपने कभी ये बात सोचा भी होगा कि आपको टॉयलेट में फ्लश करने के लिए भी टैक्स चुकाना पड़ सकता है? अमेरिका के मैरीलैंड में कुछ ऐसा ही होता है। यहां की सरकार टॉयलेट फ्लश के उपयोग पर लोगों से प्रति महीने करीब 355 रुपये टैक्स वसूलती है। हालांकि इन पैसों को नालों की साफ-सफाई पर खर्च किया जाता है।
  • क्या आपने कभी सुना है कि कद्दू के लिए कर अदा करना पड़ेगा? किन अमेरिका के न्यू जर्सी में ऐसा होता है। यहां लोगों को कद्दू खरीदने के लिए भी टैक्स देना पड़ता है।
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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।