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अजब-गजब: यह है दुनिया की सबसे तीखी मिर्च, जिसे खाने की कभी कोई सोच भी नहीं सकता

अजब-गजब: यह है दुनिया की सबसे तीखी मिर्च, जिसे खाने की कभी कोई सोच भी नहीं सकता

डिजिटल डेस्क। दुनियाभर में कई तरह की मिर्च की खेती की जाती है। मिर्च की कुछ प्रजातियां बिल्कुल भी तीखी नहीं होती हैं, लेकिन कुछ तो इतनी तीखी होती हैं कि मिर्च का एक टुकड़ा खाने में ही पसीना छूट जाता है। क्या आप जानते हैं कि, दुनिया की सबसे तीखी मिर्च कहां उगाई जाती है और उसका नाम क्या है? इस मिर्च का नाम है 'कैरोलीना रीपर', जो अमेरिका में उगाई जाती है।

कुछ-कुछ शिमला मिर्च की तरह दिखने वाली इस मिर्च का नाम 'दुनिया की सबसे तीखी मिर्च' के तौर पर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, आज तक इतनी तीखी मिर्च दुनिया में कभी कहीं नहीं हुई, जितनी कि 'कैरोलीना रीपर' है। साल 2012 में दक्षिणी कैरोलीना की विनथ्रॉप यूनिवर्सिटी ने इस मिर्च के तीखेपन की जांच की थी, जिसमें 15,69,300 एसएचयू यानि स्कोवील हीट यूनिट पायी गई थी।

दरअसल, किसी भी चीज के तीखेपन को एसएचयू में ही मापा जाता है। एसएचयू जितना ज्यादा होता है, तीखापन भी उतना ही खतरनाक होता है। वैसे किसी आम मिर्च का एसएचयू 5000 के करीब होता है, लेकिन इस मिर्च का एसएचयू इतना ज्यादा है कि, शायद ही आप उसे खा पाएं।  

'कैरोलाीना रीपर' नामक मिर्च को खाना कितना खतरनाक हो सकता है, इसका उदाहरण साल 2018 में अमेरिका के न्यूयॉर्क में देखने को मिला था। यहां एक 34 वर्षीय व्यक्ति ने मिर्च खाने की प्रतियोगिता में भाग लिया था और उसने दुनिया की सबसे तीखी मिर्च इतनी ज्यादा खा ली थी कि उसके सिर में तेज दर्द होने लगा था, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। 

आपको जानकर हैरानी होगी कि 'कैरोलीना रीपर' के गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल होने से पहले भारत की 'भूत जोलकिया' को दुनिया की सबसे तीखी मिर्च माना जाता था। 'भूत जोलकिया' को साल 2007 में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल किया गया था। सामान्य मिर्च की तुलना में इसमें 400 गुना ज्यादा तीखापन होता है। इसकी खेती असम, नगालैंड और मणिपुर जैसे राज्यों में होती है।
 

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।