comScore

98 साल के दिलीप कुमार हुए अस्पताल से डिस्चार्ज, पत्नी सायरा भी आई साथ नजर 

98 साल के दिलीप कुमार हुए अस्पताल से डिस्चार्ज, पत्नी सायरा भी आई साथ नजर 

डिजिटल डेस्क,मुंबई। हिंदी सिनेमा के मशहूर एक्टर 98 साल के दिलीप कुमार को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। जब दिलीप अस्पताल से बाहर आ रहे थे तो, उनके साथ पत्नी सायरा बानों भी मौजूद थी। दिलीप इतने कमजोर हो चुके हैं कि, उन्हें स्ट्रेचर पर लेटा कर बाहर लाया जा रहा था। इस बीच पैपराजी ने अपने कैमरे में दिलीप कुमार और सायरा बानो को कैद कर लिया। जिसमें सायरा दिलीप का माथा चुमते और मीडिया का अभिवादन करते नजर आ रहीं है। बता दें कि, दिलीप कुमार को 5 दिन पहले सांस लेने में समस्या आ रही थी, जिसके बाद उन्हें मुंबई के पी. डी. हिंदूजा अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। हालांकि, सोशल मीडिया के जरिए उनकी हेल्थ अपडेट फैंस की दी जा रही थी। एक्टर आईसीयू वॉर्ड में ऑक्सीजन सपोर्ट पर थे। बाद में पता चला कि, दिलीप के फेफड़ों में पानी (बाइलेटरल प्ल्यूरल इफ्यूजन) भर गया था। ये बात सुनकर फैंस ने दिलीप कुमार की सलामती को लेकर कई ट्वीट भी किए।

तबीयत पूरी तरह ठीक न होने की वजह से हिंदुजा हॉस्पिटल से बाहर दिलीप साहब को स्ट्रेचर पर ही लाया गया। - Dainik Bhaskar

ट्वीट कर दी जानकारी
दिलीप कुमार की जगह उनके ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर डॉ. फैजल फारुकी ने इस बात की जानकारी देते हुए लिखा कि, दिलीप साहब आपके प्यार और स्नेह और दुआओं से अस्पताल से घर जा रहे हैं। डॉक्टर्स (नितिन) गोखले, (जलील) पारकर, डॉ. अरुण शाह और हिंदुजा हॉस्पिटल, खार की पूरी के जरिए अल्लाह का रहम रहा --फैसल फारूकी

बता दें कि, रविवार सुबह दिलीप कुमार को अस्पताल में भर्ती किया और आज दोपहर करीब 12.45 बजे अस्पताल से छुट्टी मिल गई। उनके जाने की सुविधा एम्बुलेंस से की गई थी। दिलीप के साथ उनकी पत्नी सायरा भी मौजूद रही और उन्हें एम्बुलेंस से बांद्रा स्थित पाली हिल बंगले में ले जाया गया। एबीपी न्यूज डिजिटल में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, सायरा बानो ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि, दिलीप साहब के फेफड़ों से पूरा पानी निकाल दिया गया और उन्हें अच्छे से आराम करवाने के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। डॉक्टरों ने उन्हें घर में तमाम तरह के एहतियात बरतने और एंटी-बायोटिक्स देने के लिए कहा है. आप सभी की दुआएं काम आईं, आगे भी आप लोग उनकर लिए दुआ कीजिए. उनके लिए दुआ करनेवाले सभी लोगों की मैं बहुत शुक्रगुजार हूं। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो बुधवार को दोपहर 1.30 से 2.00 बजे के बीच दिलीप कुमार के छाती में जमा पानी निकालने के लिए एक छोटी सी सर्जरी की गई, जिसे 'प्ल्यूरल एस्पीरेशन' कहते है। 

हिंदुजा हॉस्पिटल के बाहर दिलीप कुमार और सायरा बानो।

दिलीप कुमार जब अस्पताल में भर्ती हुए उस वक्त कई तरह की अफवाहें सोशल मीडिया पर उड़ने लगी थीं, जिसको देखते हुए दिलीप कुमार ने के ट्विटर हैंडल से उनके स्वास्थ्य को लेकर अपडेट दी गई और लिखा कि, अपडेट सुबह 11:45 बजे.......दिलीप साहब ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं, वेंटिलेटर पर नहीं। वो स्थिर हैं. Pleural Aspiration परफॉर्म करने के लिए कुछ टेस्ट रिजल्ट्स का इंतजार कर रहे हैं।-  डॉ जलील पारकर, साब का इलाज करने वाले छाती विशेषज्ञ।.....अपडेट्स देते रहेंगे।


Dilip Kumar Health: हॉस्पिटल से घर पहुंचे दिलीप कुमार, सायरा बानो ने कहा- फेफड़ों से पूरी तरह से पानी निकल गया, फैंस की दुआएं काम आईं

कमेंट करें
sf1Ty
NEXT STORY

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।