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International Yoga Day: कंगना रनौत की मां हुई योग से निरोग, हार्ट सर्जरी से मिला छुटकारा 

International Yoga Day: कंगना रनौत की मां हुई योग से निरोग, हार्ट सर्जरी से मिला छुटकारा 

डिजिटल डेस्क, मुंबई। बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती है और अक्सर अपनी निजी जिंदगी को लेकर कई पोस्ट भी करती रहती है। इन दिनों इंस्टाग्राम पर अपनी निजी जिंदगी की कई कहानियां साझा करती रहती है। क्योंकि उनका ट्विटर अकाउंट सस्पेंड कर दिया गया है। आज दुनियाभर में अंतराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है। कंगना ने इस खास दिन एक पोस्ट शेयर किया हैं, जिसमें उन्होंने बताया हैं कि, कैसे उनकी मां ने नियमित योग किया और उन्हें हार्ट सर्जरी कराने की जरुरत नहीं पड़ी।

कंगना का पोस्ट
अभिनेत्री कंगना रनौत ने दो तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा कि,  "कल अतंर्राष्ट्रीय योग दिवस है. मैं अपनी योग कहानियों को साझा करने जा रही हूं, हर कोई जानता है कि मैंने कब और कैसे योग शुरू किया, लेकिन ये कोई नहीं जानता कि मैंने अपने पूरे परिवार को योग करना कैसे सिखाया. कुछ ने योग का विरोध किया, कुछ को समय लगा। पर सबने अब योग करना शुरू कर दिया है।"

कंगना आगे लिखती हैं कि, "कुछ साल पहले मां को मधुमेह, थायरॉयड और उच्च स्तर के कोलेस्ट्रॉल (600) का पता चला था। डॉक्टर ने कहा कि हमें उनके लिए एक ओपन हार्ट सर्जरी करने की आवश्यकता है। मैंने अपनी आंखों में आंसू के साथ मां से कहा कि मुझे अपने जीवन के 2 महीने दे दो, मैं सर्जरी नहीं होने दे सकती. उसने मुझ पर भरोसा किया और आखिरकार मैं अपनी लगातार कोशिश में सफल रही। आज उसे कोई बीमारी नहीं है, वह सबसे स्वस्थ है परिवार में सबसे सक्षम है।"

Kangana Ranaut- Mumbai Mirror

कंगना ने सिर्फ अपनी मां ही नहीं बल्कि अपने पिता की जर्नी पर भी बात की और लिखा कि, "अत्यधिक चलने के साथ पापा ने अपने घुटनों को क्षतिग्रस्त कर दिया था, उस समय मुझे एक अवसर मिला और मैंने उन्हें योग करवाना शुरू कर दिया। वह अब जॉगिंग भी करते हैं। आज मैं गर्व के साथ कह सकती हूं कि मैंने मेरे परिवार को योग करना सिखा दिया है।" एक खुशहाल परिवार कोई ऐसी चीज नहीं है जो आपको अपने आप मिल जाती है, आपको इसके लिए कड़ी मेहनत करने की आवश्यकता होती है। हर सुबह मैं उन्हें फोन करती हूं और केवल एक ही सवाल पूछती हूं, योग किया? आज उन्होंने ये तस्वीरें मुझे सुबह अपने घर मंडी में अभ्यास से भेजी हैं।"

Cannes 2019: Sizzling HOT Kangana Ranaut sets the mood for holiday with her poses on yacht in French Riviera

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क्या है ड्रोन ? देश की सुरक्षा के लिए कितना घातक हो सकता है, जानें सबकुछ

क्या है ड्रोन ? देश की सुरक्षा के लिए कितना घातक हो सकता है, जानें सबकुछ

डिजिटल डेस्क, श्रीनगरजम्मू कश्मीर की सीमा के आसपास ड्रोन की हलचलें लगातार तेज होती जा रही हैं। इसके बाद भारत ने भी ये मुद्दा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाया है कि ड्रोन की इस तरह की गतिविधियां न सिर्फ भारत बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सुरक्षा के दृष्टिकोण से घातक साबित हो सकती हैं। इस हमले के बाद से भारत में ड्रोन के इस्तेमाल को लेकर बहस छिड़ गई है। इस रिपोर्ट में जानिए आखिर ड्रोन है क्या और यह कैसे ऑपरेट होते हैं? इसके इस्तेमाल और इससे क्या नुकसान हो सकता है और देश में ड्रोन्स को उड़ाने को लेकर सरकार की क्या गाइडलाइन्स हैं।

ड्रोन क्या होता है?
ड्रोन्स को UAV यानी Unmanned aerial vehicles या RPAS यानी Remotely Piloted Aerial Systems भी कहा जाता है। आम बोल चाल वाली भाषा में इसे मिनी हैलिकॉप्टर भी कहते हैं। अक्सर शादी के दौरान फोटोग्राफी के लिए आपने ड्रोन का इस्तेमाल होते हुए देखा होगा। यह एक ऐसा यंत्र है, जिसमें एचडी कैमरे, ऑनबोर्ड सेंसर और जीपीएस लगा होता है। इसे नियंत्रित करने के लिए एक सॉफ्टवेयर की आवश्यकता होती है। इसके चारों और 4 रोटर्स लगे होते हैं, जिनकी मदद से यह आसमान में ऊंचा उड़ने में सक्षम होता है। एक ड्रोन का वजन 250 ग्राम से लेकर 150 किलोग्राम से भी ज्यादा हो सकता है।

ड्रोन को उड़ाने के लिए सॉफ्टवेयर, जीपीएस और रिमोट की आवश्यकता होती है। रिमोट के जरिए ही ड्रोन को ऑपरेट और कंट्रोल कर सकते हैं। ड्रोन पर लगे रोटर्स की गति को रिमोट की जॉयस्टिक के जरिए कंट्रोल किया जाता है। वहीं, जीपीएस दिशाएं बताता हैं, जीपीएस दुर्घटना होने से पहले ही ऑपरेटर को चेतावनी भेज देता है। 

ड्रोन हमले किस तरह से हो सकते हैं?
ड्रोन का इस्तेमाल कई देशों की सेनाएं कर रही हैं, क्योंकि ये साइज में छोटे होते हैं इसलिए रडार की पकड़ में आसानी से नहीं आ पाते हैं, साथ ही दुर्गम इलाकों में भी गुपचुप घुसपैठ कर सकते हैं। यही कारण है कि सेना में इनका इस्तेमाल बढ़ने लगा है।ड्रोन हमले दो प्रकार से संभव हैं। एक तरीका ये है कि ड्रोन में हथियार या विस्फोटक लगा दिए जाते हैं और ड्रोन इन हथियारों या विस्फोटक को लक्ष्य पर ड्रॉप कर देता है। ड्रोन से हमले का दूसरा तरीका है ड्रोन को खुद ही एक विस्फोटक में बदल दिया जाए। 

कितने घातक हो सकते हैं ड्रोन हमले?
ये ड्रोन के प्रकार और पेलोड पर निर्भर है। पेलोड मतलब ड्रोन कितना वजन अपने साथ लेकर उड़ सकता है। ड्रोन की पेलोड क्षमता जितनी ज्यादा होगी वो अपने साथ उतनी ज्यादा मात्रा में विस्फोटक सामग्री लेकर उड़ सकता है। अमेरिका के MQ-9 रीपर ड्रोन अपने साथ 1700 किलो तक वजन ले जाने में सक्षम हैं।

ड्रोन से अबतक के बड़े हमले
2020 में अमेरिका ने ईरानी मेजर जनरल सुलेमानी को मार गिराया था। इससे पहले 2019 में यमन के हूती विद्रोहियों ने साऊदी अरब की अरामको ऑयल कंपनी पर ड्रोन हमला किया था। पाकिस्तान के वजीरिस्तान में 2009 के दौरान एक ड्रोन हमले में 60 लोग मारे गए थे।

देश में ड्रोन्स के इस्तेमाल को लेकर गाइडलाइन्स 
देश में नागरिक उड्डयन मंत्रालय(Ministry of Civil Aviation) ने ड्रोन उड़ाने पर कई तरह के प्रतिबंध लगा रखे हैं। ड्रोन के वजन और साइज के अनुसार इन प्रतिबंधों को कई वर्ग में बांटा गया है।

1.नेनो ड्रोन्स- इसको उड़ाने के लिए लाइसेंस की आवश्यकता नहीं पड़ती।

2.माइक्रो ड्रोन्स- इसको उड़ाने के लिए UAS Operator Permit-I से अनुमति लेनी पड़ती है और ड्रोन पायलट को SOP(Standard operating procedure) का पालन करना होता है। 

इनसे बड़े ड्रोन उड़ाने के लिए डीजीसीए से परमिट(लाइसेंस ) की आवश्यकता होती है। अगर आप किसी प्रतिबंधित जगह पर ड्रोन उड़ाना चाहते हैं तो इसके लिए भी आपको डीजीसीए से अनुमति लेनी पड़ेगी। बिना अनुमति के ड्रोन उड़ाना गैरकानूनी है और इसके लिए ड्रोन ऑपरेटर पर भारी जुर्माने का भी प्रावधान है।

ड्रोन उड़ाने के लिए प्रतिबंधित जगह

  • मिलिट्री एरिया के आसपास या रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इलाका।
  • इंटरनेशनल एयरपोर्ट के 5 किलोमीटर और नेशनल एयरपोर्ट के 3 किलोमीटर का दायरा।
  • इंटरनेशनल बॉर्डर के 25 किलोमीटर का दायरा ।
  • इसके अलावा ड्रोन की कैटेगरी को मद्देनजर रखते हुए इन्हें कितनी ऊंचाई तक उड़ाया जा सकता है वो भी निर्धारित है।

ड्रोन उड़ाने के लिए जरूरी हैं लाइसेंस
नैनो ड्रोन्स को छोडकर किसी भी तरह के ड्रोन्स को उड़ाने के लिए लाइसेंस या परमिट की जरूरत पड़ती है।ड्रोन उड़ाने के लिए लाइसेंस दो कैटेगरी के अंतर्गत दिए जाते हैं, जिसमें पहला है स्टूडेंट रिमोट पायलट लाइसेंस और दूसरा है रिमोट पायलट लाइसेंस।इन दोनों लाइसेंस को प्राप्त करने के लिए ड्रोन ऑपरेटर की न्यूनतम उम्र 18 साल और अधिकतम 65 साल होनी चाहिए। लाइसेंस के लिए ऑपरेटर कम से कम 10वीं पास या 10वीं क्लास के बराबर उसके पास किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से डिग्री होना अति आवश्यक हैं।आवेदन करने वाले व्यक्ति को डीजीसीए स्पेसिफाइड मेडिकल एग्जामिनेशन भी पास करना जरूरी है। लाइसेंस के लिए बैकग्राउंड भी चेक होता है।

जुर्माने का प्रावधान

  • बिना लाइसेंस उड़ाने पर 25000 रुपए का जुर्माना।
  • नो-ऑपरेशन जोन यानी प्रतिबंधित क्षेत्र में उड़ान भरने पर 50000 रुपए का जुर्माना।
  • ड्रोन का थर्ड पार्टी बीमा ना होने पर 10000 रुपए का जुर्माना लग सकता है।