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World Music Day 2021: सिंगर शेखर रवजियानी ने Remix गाने पर कहा- ऐसे गाने तभी चलते है,जब.........

World Music Day 2021: सिंगर शेखर रवजियानी ने Remix गाने पर कहा- ऐसे गाने तभी चलते है,जब.........

डिजिटल डेस्क,मुंबई। विश्‍व संगीत दिवस यानि कि, World Music Day के मौके पर बॉलीवुड की लोकप्रिय जोड़ी विशाल- शेखर के गायक-संगीतकार "शेखर रवजियानी" ने रीमिक्स गानों को लेकर अपनी राय साझा की है, जो वर्तमान समय में बॉलीवुड गानों में काफी प्रमुख भूमिका निभा रहा है। शेखर के अनुसार, एक समय था जब रीमिक्स भी मजबूत, फ्रेश और क्रिएटिव तरीके से था, जो उसे लोगों के बीच लोकप्रिय बनाता था। उन्होंने युवा पीढ़ी को पुराने क्लासिक्स की एक झलक देने और संगीत में उनके स्वाद को बढ़ाने के लिए एक शानदार तरीके की रचनाएं और ट्रैक रूप में भी काम किया। लेकिन हाल के दिनों में, रीमिक्स अकल्पनीय हो गए हैं, जल्दबाजी में वे गाने ऑरिजनल से मेल नहीं खा पाते है।

We don't do films without each other': Vishal-Shekhar

उन्होंने कहा, जब बॉलीवुड की बात आती है, तो रीमिक्स तभी काम करते हैं जब उन्हें कहानी में एकीकृत किया जाता है। यदि ऐसा नहीं होता है तो यह एक ऐसे साउंडट्रैक बन जाता है जिसमें क्रिएटीविटी की भरपूर कमी होती है। शेखर ने हाल ही में ग्लोबल इंडियन इंटरनेशनल स्कूल के साथ साझेदारी में अपना संगीत विद्यालय शुरू किया। उन्होंने कहा कि, हम 22 जून को जीआईआईएस शेखर रवजियानी संगीत विद्यालय का एक वर्ष होने का जश्न मना रहे हैं। यह कोई संयोग नहीं है कि विश्व संगीत दिवस हमारे स्कूल के जन्म से ठीक एक दिन पहले पड़ता है। पिछला एक वर्ष मेरे लिए एक सपने के सच होने जैसा रहा है। मैं अपने संगीत के माध्यम से समुदाय को नई, उभरती हुई प्रतिभाओं को वापस देना चाहता था।

Vishal Dadlani, Shekhar Ravjiani At Jio Mami Film Mela on 7th Oct 2017 / Shekhar Ravjiani - Bollywood Photos

शेखर आगे कहते हैं कि, यही वह समय है जब मैंने ग्लोबल इंडियन इंटरनेशनल स्कूल के साथ हमारे संगीत स्कूल को लॉन्च करने के लिए हाथ मिलाया था। पिछले एक साल में, मैंने एक एक सत्रों के माध्यम से छात्रों को तैयार किया है, और उन्होंने अपनी समझ और गायन में काफी सुधार दिखाया है । वास्तव में, मैं संगीत उद्योग के लोगों के साथ बात कर रहा हूं और मुझे यकीन है कि हमारे छात्रों के लिए अपनी प्रतिभा दिखाने के अधिक अवसर खुलेंगे। संगीत के अलावा, शेखर ने अभिनय को भी एक शॉट दिया है। उन्हें विशेष रूप से 2016 की फिल्म नीरजा में एक छोटी भूमिका निभाते हुए देखा गया था।

Shekhar Ravjiani - Celebrity Style in Sa Re Ga Ma Pa 2018, Episode 21, 2018 from Episode 21. | Charmboard

शेखर से पूछा गया, क्या विश्व संगीत दिवस पर संगीत प्रेमियों के लिए कोई संदेश देना चाहेंगे? तो उन्होंने कहा, अनिश्चितता और चिंता से भरी दुनिया में, मेरा मानना है कि संगीत में हम सभी को केंद्रित, और प्यार महसूस कराने की शक्ति है। हमारे देश में संगीत प्रतिभा का एक बड़ा अनदेखा खजाना है जिसे सुनने की प्रतीक्षा है। मैं संगीत प्रेमियों से इसे खोलने का आग्रह करता हूं । इन नए, आने वाले संगीतकारों और गायकों के लिए उनके दिमाग और दिल और उन्हें अपने दर्शकों को खोजने में मदद करें, ताकि वे संगीत के एक नए युग का मार्ग प्रशस्त कर सकें। यह मेरा भी सपना है कि अधिक से अधिक बच्चे संगीत के लिए अपने प्यार और पैशन का पीछा करें और ऐसा करने में मैं थोड़ा सा योगदान देना चागता हूं।

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क्या है ड्रोन ? देश की सुरक्षा के लिए कितना घातक हो सकता है, जानें सबकुछ

क्या है ड्रोन ? देश की सुरक्षा के लिए कितना घातक हो सकता है, जानें सबकुछ

डिजिटल डेस्क, श्रीनगरजम्मू कश्मीर की सीमा के आसपास ड्रोन की हलचलें लगातार तेज होती जा रही हैं। इसके बाद भारत ने भी ये मुद्दा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाया है कि ड्रोन की इस तरह की गतिविधियां न सिर्फ भारत बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सुरक्षा के दृष्टिकोण से घातक साबित हो सकती हैं। इस हमले के बाद से भारत में ड्रोन के इस्तेमाल को लेकर बहस छिड़ गई है। इस रिपोर्ट में जानिए आखिर ड्रोन है क्या और यह कैसे ऑपरेट होते हैं? इसके इस्तेमाल और इससे क्या नुकसान हो सकता है और देश में ड्रोन्स को उड़ाने को लेकर सरकार की क्या गाइडलाइन्स हैं।

ड्रोन क्या होता है?
ड्रोन्स को UAV यानी Unmanned aerial vehicles या RPAS यानी Remotely Piloted Aerial Systems भी कहा जाता है। आम बोल चाल वाली भाषा में इसे मिनी हैलिकॉप्टर भी कहते हैं। अक्सर शादी के दौरान फोटोग्राफी के लिए आपने ड्रोन का इस्तेमाल होते हुए देखा होगा। यह एक ऐसा यंत्र है, जिसमें एचडी कैमरे, ऑनबोर्ड सेंसर और जीपीएस लगा होता है। इसे नियंत्रित करने के लिए एक सॉफ्टवेयर की आवश्यकता होती है। इसके चारों और 4 रोटर्स लगे होते हैं, जिनकी मदद से यह आसमान में ऊंचा उड़ने में सक्षम होता है। एक ड्रोन का वजन 250 ग्राम से लेकर 150 किलोग्राम से भी ज्यादा हो सकता है।

ड्रोन को उड़ाने के लिए सॉफ्टवेयर, जीपीएस और रिमोट की आवश्यकता होती है। रिमोट के जरिए ही ड्रोन को ऑपरेट और कंट्रोल कर सकते हैं। ड्रोन पर लगे रोटर्स की गति को रिमोट की जॉयस्टिक के जरिए कंट्रोल किया जाता है। वहीं, जीपीएस दिशाएं बताता हैं, जीपीएस दुर्घटना होने से पहले ही ऑपरेटर को चेतावनी भेज देता है। 

ड्रोन हमले किस तरह से हो सकते हैं?
ड्रोन का इस्तेमाल कई देशों की सेनाएं कर रही हैं, क्योंकि ये साइज में छोटे होते हैं इसलिए रडार की पकड़ में आसानी से नहीं आ पाते हैं, साथ ही दुर्गम इलाकों में भी गुपचुप घुसपैठ कर सकते हैं। यही कारण है कि सेना में इनका इस्तेमाल बढ़ने लगा है।ड्रोन हमले दो प्रकार से संभव हैं। एक तरीका ये है कि ड्रोन में हथियार या विस्फोटक लगा दिए जाते हैं और ड्रोन इन हथियारों या विस्फोटक को लक्ष्य पर ड्रॉप कर देता है। ड्रोन से हमले का दूसरा तरीका है ड्रोन को खुद ही एक विस्फोटक में बदल दिया जाए। 

कितने घातक हो सकते हैं ड्रोन हमले?
ये ड्रोन के प्रकार और पेलोड पर निर्भर है। पेलोड मतलब ड्रोन कितना वजन अपने साथ लेकर उड़ सकता है। ड्रोन की पेलोड क्षमता जितनी ज्यादा होगी वो अपने साथ उतनी ज्यादा मात्रा में विस्फोटक सामग्री लेकर उड़ सकता है। अमेरिका के MQ-9 रीपर ड्रोन अपने साथ 1700 किलो तक वजन ले जाने में सक्षम हैं।

ड्रोन से अबतक के बड़े हमले
2020 में अमेरिका ने ईरानी मेजर जनरल सुलेमानी को मार गिराया था। इससे पहले 2019 में यमन के हूती विद्रोहियों ने साऊदी अरब की अरामको ऑयल कंपनी पर ड्रोन हमला किया था। पाकिस्तान के वजीरिस्तान में 2009 के दौरान एक ड्रोन हमले में 60 लोग मारे गए थे।

देश में ड्रोन्स के इस्तेमाल को लेकर गाइडलाइन्स 
देश में नागरिक उड्डयन मंत्रालय(Ministry of Civil Aviation) ने ड्रोन उड़ाने पर कई तरह के प्रतिबंध लगा रखे हैं। ड्रोन के वजन और साइज के अनुसार इन प्रतिबंधों को कई वर्ग में बांटा गया है।

1.नेनो ड्रोन्स- इसको उड़ाने के लिए लाइसेंस की आवश्यकता नहीं पड़ती।

2.माइक्रो ड्रोन्स- इसको उड़ाने के लिए UAS Operator Permit-I से अनुमति लेनी पड़ती है और ड्रोन पायलट को SOP(Standard operating procedure) का पालन करना होता है। 

इनसे बड़े ड्रोन उड़ाने के लिए डीजीसीए से परमिट(लाइसेंस ) की आवश्यकता होती है। अगर आप किसी प्रतिबंधित जगह पर ड्रोन उड़ाना चाहते हैं तो इसके लिए भी आपको डीजीसीए से अनुमति लेनी पड़ेगी। बिना अनुमति के ड्रोन उड़ाना गैरकानूनी है और इसके लिए ड्रोन ऑपरेटर पर भारी जुर्माने का भी प्रावधान है।

ड्रोन उड़ाने के लिए प्रतिबंधित जगह

  • मिलिट्री एरिया के आसपास या रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इलाका।
  • इंटरनेशनल एयरपोर्ट के 5 किलोमीटर और नेशनल एयरपोर्ट के 3 किलोमीटर का दायरा।
  • इंटरनेशनल बॉर्डर के 25 किलोमीटर का दायरा ।
  • इसके अलावा ड्रोन की कैटेगरी को मद्देनजर रखते हुए इन्हें कितनी ऊंचाई तक उड़ाया जा सकता है वो भी निर्धारित है।

ड्रोन उड़ाने के लिए जरूरी हैं लाइसेंस
नैनो ड्रोन्स को छोडकर किसी भी तरह के ड्रोन्स को उड़ाने के लिए लाइसेंस या परमिट की जरूरत पड़ती है।ड्रोन उड़ाने के लिए लाइसेंस दो कैटेगरी के अंतर्गत दिए जाते हैं, जिसमें पहला है स्टूडेंट रिमोट पायलट लाइसेंस और दूसरा है रिमोट पायलट लाइसेंस।इन दोनों लाइसेंस को प्राप्त करने के लिए ड्रोन ऑपरेटर की न्यूनतम उम्र 18 साल और अधिकतम 65 साल होनी चाहिए। लाइसेंस के लिए ऑपरेटर कम से कम 10वीं पास या 10वीं क्लास के बराबर उसके पास किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से डिग्री होना अति आवश्यक हैं।आवेदन करने वाले व्यक्ति को डीजीसीए स्पेसिफाइड मेडिकल एग्जामिनेशन भी पास करना जरूरी है। लाइसेंस के लिए बैकग्राउंड भी चेक होता है।

जुर्माने का प्रावधान

  • बिना लाइसेंस उड़ाने पर 25000 रुपए का जुर्माना।
  • नो-ऑपरेशन जोन यानी प्रतिबंधित क्षेत्र में उड़ान भरने पर 50000 रुपए का जुर्माना।
  • ड्रोन का थर्ड पार्टी बीमा ना होने पर 10000 रुपए का जुर्माना लग सकता है।