CJP का समर्थन: दिपके ने कहा - जरांगे गलत नहीं, बच्चों की शिक्षा और रोजगार का हक मांग रहे, टाइपिंग परीक्षा मामले में भी सरकार को घेरा

दिपके ने कहा - जरांगे गलत नहीं, बच्चों की शिक्षा और रोजगार का हक मांग रहे, टाइपिंग परीक्षा मामले में भी सरकार को घेरा
  • कॉकरोच जनता पार्टी ने आंदोलन को दिया समर्थन
  • जंतर-मंतर जैसा लंबा आंदोलन न होने दें
  • सरकार ने अवसर दिए होते तो सड़क पर उतरने की नौबत क्यों आती

Chhatrapati Sambhaji Nagar News. मनोज जरांगे पाटील के आमरण अनशन का कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दिपके ने समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि जरांगे कोई गलत मांग नहीं कर रहे हैं, बल्कि मराठा समाज के युवाओं के लिए शिक्षा और रोजगार का अधिकार मांग रहे हैं। यदि सरकार ने समाज के बच्चों को बेहतर शिक्षा और रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराए होते तो जरांगे को आंदोलन का रास्ता अपनाने की जरूरत ही क्यों पड़ती? दिपके ने कहा कि किसी व्यक्ति के लिए आंदोलन अंतिम विकल्प होता है। जब सरकार किसी समाज की समस्याओं का समाधान नहीं करती, तब लोग आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होते हैं। उन्होंने सरकार से अपील की कि जरांगे के साथ तत्काल बातचीत कर उनकी मांगों पर ठोस समाधान निकाला जाए। दिपके ने कहा कि वे जल्द ही जरांगे से मुलाकात करेंगे।

जंतर-मंतर जैसा लंबा आंदोलन न होने दें

दिपके ने अपने पिछले आंदोलन का हवाला देते हुए कहा कि उन्हें जंतर-मंतर पर 35 दिन तक बैठना पड़ा था और सरकार 31 दिन बाद बातचीत के लिए आई थी। उन्होंने कहा कि जरांगे के आंदोलन के मामले में सरकार को ऐसा नहीं करना चाहिए। सरकार को अभी उनसे बातचीत कर समाधान निकालना चाहिए।

टाइपिंग परीक्षा मामले में भी सरकार को घेरा

दिपके ने बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश के बाद टाइपिंग परीक्षा रद्द होने के मुद्दे का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि परीक्षा दोबारा कराने की मांग सरकार ने मान ली है, लेकिन जिन विद्यार्थियों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए थे, उनकी मांग अभी तक पूरी नहीं हुई है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कोर्ट का हवाला देकर अपनी जिम्मेदारी से बच रही है। विद्यार्थियों की सूची मांगे जाने के बावजूद सरकार उसे उपलब्ध नहीं करा रही है। दिपके ने चेतावनी दी कि यदि विद्यार्थियों की मांगों का समाधान नहीं किया गया तो उन्हें फिर आंदोलन करना पड़ेगा। उन्होंने दावा किया कि आगामी आंदोलन जंतर-मंतर पर हुए पिछले आंदोलन से भी बड़ा होगा। दिपके ने कहा कि देश में शायद ही कोई ऐसा राज्य हो, जहां किसी न किसी मुद्दे को लेकर आंदोलन नहीं चल रहा हो।

Created On :   30 Aug 2026 9:37 PM IST

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