बड़ा निशाना: दिपके ने कहा - भाजपा के गुंडों ने ही की पुलिस पर पत्थरबाजी, खाकी के दोहरे रवैये पर भी उठाए तीखे सवाल

दिपके ने कहा - भाजपा के गुंडों ने ही की पुलिस पर पत्थरबाजी, खाकी के दोहरे रवैये पर भी उठाए तीखे सवाल
  • 12-12 साल की बच्चियों पर लाठियां बरसाने वाली पुलिस किसके इशारे पर थी खामोश?
  • पुलिस के दोहरे रवैये पर उठाए तीखे सवाल

Sambhaji Nagar News. कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के आंदोलन के दौरान हुई हिंसक झड़पों को लेकर अब एक नया मोड़ आ गया है। आंदोलन में घायल हुए दिल्ली पुलिस और सुरक्षा बलों के परिवारों द्वारा शुक्रवार को बुलाई गई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने पुलिस और सत्ताधारी दल पर बेहद गंभीर और तीखे आरोप लगाए हैं। दिपके का दावा है कि पुलिस पर पत्थरबाजी करने वाले असली आरोपी छात्र नहीं, बल्कि भाजपा के गुंडे थे।

ट्रक भरकर किसने मंगाए पत्थर?

दिपके ने कहा, "जो छात्र पिछले एक महीने से वहां शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे थे, उन्होंने कोई हिंसा नहीं की। पुलिस के साथ जो भी हुआ, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन सवाल यह है कि वहां पत्थरों से भरा ट्रक कैसे आया? पत्थर किसने लाकर रखे थे? यह सब भाजपा के लोगों की सोची-समझी साजिश थी और उन्हीं के गुंडों ने पुलिस पर पथराव किया। हम किसी भी तरह की हिंसा का समर्थन नहीं करते। जिसने पत्थर फेंके, उन पर कार्रवाई हो, लेकिन जिन निर्दोष छात्रों ने कुछ नहीं किया, उन्हें क्यों निशाना बनाया जा रहा है?"

पुलिस के दोहरे रवैये पर उठाए तीखे सवाल

दिपके ने पुलिस की भूमिका को संदिग्ध बताते हुए पूछा कि आखिर पुलिस किसके इशारे पर हाथ पर हाथ धरे बैठी थी? उन्होंने आरोप लगाया, "छात्रों पर पैलेट गन चलाई गई, बिहार में एके-47 तक का इस्तेमाल हुआ। क्या पुलिस बल में लोग इसी के लिए भर्ती होते हैं? 15 दिन पहले भाजपा के गुंडों ने निशू नाम की एक लड़की के पिता का सिर फोड़ दिया था, लेकिन पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार नहीं किया। जब मैंने पुलिस से पूछा तो उन्होंने कहा कि हम ऐसे ही किसी को पकड़ नहीं सकते। इसके बाद उन गुंडों ने बाकायदा वीडियो बनाकर धमकी दी कि अभी तो एक को मारा है, शाम को आऊंगा तो और मारूंगा। तब पुलिस क्यों खामोश थी? वह किसके दबाव में काम कर रही थी?"

मासूम बच्चियों के कपड़े फाड़े, सिर पर बरसाईं लाठियां

सीजेपी प्रमुख ने कहा, "निर्दोष छात्रों के सिर पर लाठियां मारते हुए पुलिस को जरा भी शर्म नहीं आई। उन लाठियों में बाकायदा कीलें लगाई गई थीं। पुरुष पुलिसकर्मियों ने 12-12 साल की बच्चियों के कपड़े फाड़े और उनके सिर पर बेरहमी से लाठियां बरसाईं।"

गुमराह नहीं करना चाहिए : शितोले

भाजपा शहराध्यक्ष किशोर शितोले ने कहा कि अभिजीत दिपके का आरोप है कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने आंदोलन के दौरान पत्थरबाजी की। यदि दिपके के बयान में दम है, तो दिल्ली पुलिस संबंधित व्यक्तियों को ढूंढ़कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगी। फिर उस कार्रवाई का विरोध करने का क्या कारण है? उन्होंने यह सवाल उठाया। शितोले ने कहा कि आंदोलन के दौरान पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों और पत्रकारों पर हमले, पत्थरबाजी तथा हिंसा गंभीर घटनाएं हैं। इस पर कड़ी कार्रवाई की मांग करने के बजाय अभिजीत दिपके के बयान से ऐसा प्रतीत होता है कि वह आरोपियों का समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हाथ में संविधान लेकर बयानबाजी करने वालों को कानून का सम्मान करते हुए हिंसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करनी चाहिए थी। ऐसा करने के बजाय गुमराह करने वाला रुख अपनाया जा रहा है। इसके पीछे के मकसद को लेकर जनता के मन में सवाल उठ रहे हैं। शितोले ने कहा कि यदि अभिजीत दिपके कांग्रेस के रुख से सहमत नहीं हैं, तो कर्नाटक और पंजाब में पेपर लीक मामले में संबंधित मंत्रियों के इस्तीफे की मांग कब करेंगे? आंदोलन के दौरान हुई नारेबाजी, गाली-गलौज और जश्न पर भी दिपके को अपनी भूमिका स्पष्ट करनी चाहिए। ऐसी मांग भाजपा शहराध्यक्ष किशोर शितोले ने की।

Created On :   31 July 2026 10:27 PM IST

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