MP News: आंधी-तूफान से केले की फसल को 150 करोड़ का नुकसान, सरकार करें भरपाई

आंधी-तूफान से केले की फसल को 150 करोड़ का नुकसान, सरकार करें भरपाई
कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव कुणाल चौधरी ने पत्रकार वार्ता के दौरान किसानों की बदहाली को लेकर सरकार पर निशाना साधा। कुणाल ने खेतों में खराब हुई केले फसल का वीडियो दिखाया।

डिजितटल डेस्क, भोपाल। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव कुणाल चौधरी ने पत्रकार वार्ता के दौरान किसानों की बदहाली को लेकर सरकार पर निशाना साधा। कुणाल ने खेतों में खराब हुई केले फसल का वीडियो दिखाया। उन्होंने कहा वर्तमान सरकार केवल कागजों पर किसान कल्याण वर्ष मना रही है। हकीकत में हर वर्ग का किसान आज पूरी तरह प्रताड़ित और बेबस है।

तूफान की वजह से बुरहानपुर, खंडवा और खरगोन जिले के खेतों में केले की फसलें पूरी तरह से जमींदोज हो चुकी हैं। केले के किसानों का 150 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। वहीं सरकार में बैठे लोग हिंदू-मुस्लिम की बात कर रहे। मुख्यमंत्री और स्थानीय विधायकों को इस बात की कोई चिंता नहीं है कि अन्नदाता की स्थिति कैसे सुधरेगी। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खेत बचाओ अभियान चलाया है लेकिन मिट्टी की पूजा करने या ढोल-ताशे बजाने से किसान नहीं बचेगा।

शिवराज से एक सांसद ने पूछा कि मप्र के केले के किसानों को मौसम आधारित फसल बीमा क्यों नहीं मिलता, तो उन्होंने जवाब दिया कि राज्य सरकार ने इसकी डिमांड नहीं भेजी। किसानों को ऑर्गेनिक खेती का उपदेश दिया जाता है। जबकि कुछ दिन पहले ही शिवराज सिंह ने एक मेला लगवाया था जिसमें रासायनिक खाद कंपनियों से मोटी रकम लेकर केवल उन्हीं के स्टॉल लगाए गए थे। वहां बिना रसायन वाली जैविक खेती का कोई स्टॉल नहीं था। चौधरी ने आरोप लगाया कि भाजपा का खेती बचाओ अभियान असल में कॉर्पोरेट घरानों को खेती सौंपने की साजिश है और अमेरिका के साथ की गई संधियों के तहत स्थानीय किसानों को अपने ही खेतों में मजदूर बनाने की तैयारी चल रही है।

अन्य प्रदेशों में किसानें को मिल रहा ज्यादा लाभ

हिमाचल में बिना रासायनिक खाद के उत्पादित गेहूं 8000 रुपये प्रति क्विंटल और मक्का 5000 रुपये प्रति क्विंटल की दर पर खरीदा जाता है, जबकि कच्ची हल्दी 150 रुपये प्रति किलो और बेरी 6000 रुपये प्रति क्विंटल तक बिकती है। बुरहानपुर में किसानों ने मौसम आधारित बीमा के लिए आंदोलन किया, तो प्रशासन, कलेक्टर और एसपी ने गुंडागर्दी करते हुए कांग्रेस नेता हर्षित ठाकुर और कई अन्य कार्यकर्ताओं पर गंभीर मुकदमे दर्ज कर दिए।

किसान के पास 10000 केले के पेड़ हैं और आंधी में 4000 पेड़ गिर गए, तो सरकारी सर्वे उसे केवल 25-30 प्रतिशत का नुकसान मिलेगा। जबकि सच्चाई यह है कि आंधी की हवा से बाकी बचे 6000 पेड़ भी जड़ से हिल चुके हैं और अब पूरी तरह बेकार हो चुके हैं। एक केले के पौधे को तैयार करने में 150 रुपये का खर्च आता है। इस बार फसल अच्छी होने से बाजार में किसान को प्रति पौधा 350 से 400 रुपये का मुनाफा होने की उम्मीद थी, जिससे एक हेक्टेयर पर किसान का 5 लाख रुपये तक का खर्च डूब गया है। लेकिन सरकार केवल 2 लाख रुपये के अपर्याप्त मुआवजे की बात करती है, वह भी महीनों बाद तय होगी।

Created On :   5 Jun 2026 9:47 PM IST

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