MP News: पॉलीहाउस के नाम पर बैंक और निजी फर्म संचालकों ने निकाले 9 करोड़ 70 लाख, अधिकारियों सहित 8 पर केस दर्ज

पॉलीहाउस के नाम पर बैंक और निजी फर्म संचालकों ने निकाले 9 करोड़ 70 लाख, अधिकारियों सहित 8 पर केस दर्ज

भास्कर ब्यूरो, भोपाल। मप्र में नेशनल हॉर्टीकल्चर बोर्ड की योजना का लाभ लेने के लिए बैंक अधिकारियों, प्राइवेट फर्म संचालकों ने 33 किसानों के नाम पर फर्जी तरीके से 9 करोड़ 70 लाख 85 हजार रुपए लोन निकालने पर ईओडब्ल्यू ने बुधवार को केस दर्ज दर्ज किया है। आरोपियों ने पॉलीहाउस-ग्रीन हाउस का निर्माण पूरा दिखाने के कागजों से लेकर बैंक लोन लेने और पॉलीहाउस किसानों को सुपुर्द करने तक के पेपर जाली बनाए। यही नहीं, नारायण सिंह पिता मानसिंह ने पॉली हाउस लोन अकाउंट नम्बर 06/653 में बैंक ऑफ बड़ौदा खरगोन में उसकी कृषि भूमि ग्राम भीलगांव, तहसील कसरावद, खरगोन का खसरा न. 494/2/3 एरिया 1.0 हेक्टर बैंक में बंधक थी।

इसके बावजूद बैंक की बिना सहमति और एनओसी के फिर से बंधक रख कर 1 करोड़ 90 लाख का कैश क्रेडिट लोन ले लिया। इसमें तत्कालीन मुख्य शाखा प्रबंधक केके सरवटे की अहम भूमिका है। नारायण सिंह, राजेन्द्रसिंह तंवर, नितिन गावशिंदे, केके सरवटे ने षड़यंत्रपूर्वक बंधक रखी संपत्ती का लैंड यूज बदलकर उसी बैंक में गिरवी रख दी। आरोपियों ने 7 करोड़ 80 लाख 85 हजार सहित 1 करोड़ 90 लाख रुपए (कुल 9 करोड़ 70 लाख 85 हजार) की धोखाधड़ी की है।

33 किसानों के नाम से पालीहाउिस के लिए बैंक लोन मंजूर कराया, जबकि पॉलिहाउस बनाया ही नहीं गया। 33 अलग-अलग किसानों को लाभ का प्रलोभन देकर उनके नाम से राष्ट्रीय बागबानी मिशन के अंतर्गत पॉलीहाउस के लिए यह फर्जीवाड़ा किया गया। इसके लिए बैंक ऑफ बडौदा, खरगौन में 33 किसानों के लोन प्रकरण की 7 करोड़ 80 लाख 85 हजार रुपए स्वीकृत किए गए। इनमें आरोपी एवीआई एग्रीकल्चर सॉल्यूशन प्रायवेट लिमिटेड को 5 पॉलीहाउस बनाने थे, लेकन नहीं बनाए। उलट कूटरचित कार्यपूर्णता प्रमाण पत्र पेश कर लोन ले लिया।

मेसर्स किसान एग्रो को 20 पॉलीहाउस बनाना थे, लेकिन इसके भी कूटरचित कार्यपूर्णता प्रमाण पत्र तैयार कर डीडी बैंकिंग चैनल के माध्यम से पैसे ले लिए। मेसर्स सिरांश टेक्नो प्रायवेट लिमिटेड इंदौर को 8 पॉलिहाउस बनाना था, लेकिन कूटचरित कागजों से बैंक से लोन का पैसा ले लिया।

ईओडब्ल्यू की जांच में पाया गया कि 33 केस में से 3 में जिस दिनांक को लोन राशि का भुगतान किया गया, उसी दिन का कार्यपूर्णता प्रमाण पत्र पेश किया गया। 12 लोन प्रकरणों में जिस दिनांक को लोन राशि का भुगतान हुआ है उससे पहले का कार्यपूर्णता प्रमाण पत्र पेश किया गया। जबकि 16 लोन प्रकरणों में लोन मंजूरी के दिनांक से पहले का कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र मिले। जांच में किसानों को विश्वास में लेकर उनसे भूमि के दस्तावेज लेकर उनके नाम पर ऋण स्वीकृत कराकर प्रायवेट फर्म को भुगतान किया गया

इन्हाेंने मिलकर रचा षडयंत्र

- में राज इको फार्म्स और राज इको फार्म्स के भागीदार, राजेन्द्रसिंह पिता स्व. भरतसिंह तंवर, नितिन पिता सुभाषचन्द्र

- सिरांश टेक्नो इंडिया प्रालि के डायरेक्टर, सौरभ दुबे

- मे किसान एग्रो के भागीदार नरेन्द्र पिता शेरसिंह पंवार

- एवीआई एग्रीकल्चर सॉल्यूशन प्रालि के डायरेक्टर, बृजपालसिंह चौधरी डायरेक्टर, अविनाश पाटीदार

- नारायणसिंह पिता मानसिंह तंवर ग्राम मिलगांव, खरगोन

- केके सरवटे पिता नारायणलाल तत्का. मुख्य शाखा प्रबंधक बैंक ऑफ बड़ौदा खरगोन

- शुभम सोहनी पिता यज्ञदत्त तत्का. ऋण प्रबंधक बैंक ऑफ बड़ौदा खरगोन

- चन्द्रषेखर राठौड़ पिता श्री सुरेषचन्द्र राठौड़ तत्का. बैंक अधिकारी व अन्य

Created On :   25 Sept 2026 12:42 AM IST

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