Bhopal News: नर्मदापुरम जिला कोर्ट ने की अपील खारिज, 5 साल कारावास की मिली है सजा

नर्मदापुरम जिला कोर्ट ने की अपील खारिज, 5 साल कारावास की मिली है सजा

भास्कर ब्यूरो, भोपाल। नर्मदापुरम जिला कोर्ट ने मप्र स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (एमपीएसटीएफ) द्वारा गिरफ्तार किये गये बाघ के अवैध शिकार और उसकी हड्डियों की अंतर्राष्ट्रीय तस्करी के आरोपी ताशी शेरपा की अपील खारिज कर दी है। कोर्ट ने अपने पूर्व के निर्णय 5 साल का कारावास और ₹10 हजार के अर्थदंड की सजा को बरकरार रखा। कोर्ट ने ताशी शेरपा को अंतर्राष्ट्रीय बाघ तस्करी गिरोह की एक महत्वपूर्ण कड़ी माना।

मामले की विस्तृत सुनवाई के बाद दिसंबर 2022 में नर्मदापुरम (होशंगाबाद) के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने 27 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 5-5 साल की सजा सुनाई थी। जांच के दौरान एमपीएसटीएफ ने इंटरपोल, वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो सहित अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों से भी सहयोग लिया था।

जुलाई 2015 में सतपुड़ा टाइगर रिजर्व, नर्मदापुरम में बाघ के अवैध शिकार और उसकी हड्डियों की चीन में अवैध की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच एमपीएसटीएफ को सौंपी गई। लंबे समय से फरार चल रहे ताशी शेरपा को एमपीएसटीएफ की टीम ने लगातार प्रयासों के बाद 23 जनवरी 2024 को अंतर्राष्ट्रीय सीमा के समीप पानी टंकी, सिलीगुड़ी (पश्चिम बंगाल) से गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से फर्जी भारतीय दस्तावेज, विदेशी मुद्रा, नेपाली-भूटानी मुद्रा और तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए।

एमपीएसटीएफ ने जांच में एक संगठित गिरोह का भी पर्दाफाश कर 30 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इसमें ताशी शेरपा के गिरोह का नेटवर्क भारत, नेपाल, भूटान और चीन तक फैला हुआ था। वह चीन के स्वायत्त क्षेत्र तिब्बत का मूल निवासी है।

Created On :   25 Sept 2026 12:51 AM IST

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