Chandrapur News: चंद्रपुर के जंगल में भटका बुजुर्ग, 15 दिन बाद मिला कंकाल

चंद्रपुर के जंगल में भटका बुजुर्ग, 15 दिन बाद मिला कंकाल
प्रारंभिक जांच में लू लगने से मौत की आशंका

Chandrapur Newsचिमूर तहसील के लावारी गांव निवासी बुजुर्ग जंगल में कुडया के फूल (जंगली फुल) तोड़ने के लिए जंगल गए थे, लेकिन रास्ता भटक जाने के कारण वापस नहीं लौट सके। लगातार 15 दिनों तक चली खोजबीन के बाद उनका कंकाल नागभीड़ वन परिक्षेत्र के घोड़ाझरी के घने जंगल में 5 जुलाई को मिला।

प्रारंभिक जांच में शरीर पर किसी प्रकार के हमले या चोट के निशान नहीं मिलने से आशंका जताई जा रही है कि उनकी मौत भीषण गर्मी और लू लगने से हुई होगी। वन विभाग के अनुसार, रविवार 5 जुलाई को गश्त के दौरान घोड़ाझरी नियत क्षेत्र के कक्ष क्रमांक 57 में दुर्गंध आने पर कर्मचारियों ने तलाश की।

खोजबीन के दौरान जंगल में एक मानव कंकाल दिखाई दिया। सूचना मिलते ही वन परिक्षेत्र अधिकारी भारती बघमारे, नागभीड़ पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। पंचनामा और प्राथमिक जांच के बाद शव की पहचान चिमूर तहसील के लावारी निवासी धर्मा वारलू जेंगठे (65) के रूप में हुई। धर्मा 20 जून की सुबह अपने साथियों के साथ तलोधी वन क्षेत्र में कुडया के फूल तोड़ने गए थे। पुलिस का मानना है कि जून माह की भीषण गर्मी में लू लगने से उनकी मौत हुई होगी। इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगी।

वन परिक्षेत्र अधिकारी भारती बघमारे ने आह्वान किया कि बारिश के मौसम में रानभाजी, मशरूम या अन्य वन उपज एकत्र करने के लिए जंगल में अकेले न जाएं। जंगल में रास्ता भटकने, वन्यजीवों के हमले अथवा अन्य जोखिमों से जान का खतरा हो सकता है। इसलिए सावधानी बरतना आवश्यक है।

Created On :   7 July 2026 1:59 PM IST

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