विधान परिषद: सीएम महाफंड योजना 1 अप्रैल से होगी शुरू, इमारत सेस का एक हजार करोड़ रुपए कौशल्य विकास विभाग करेगा इस्तेमाल

सीएम महाफंड योजना 1 अप्रैल से होगी शुरू,  इमारत सेस का एक हजार करोड़ रुपए कौशल्य विकास विभाग करेगा इस्तेमाल
  • एक हजार करोड़ रुपए कौशल्य विकास विभाग करेगा इस्तेमाल
  • विप में मंत्री मंगल प्रभात लोढा ने दी जानकारी
  • युवाओं के लिए आयोग बनाए सरकार - तांबे

Mumbai News. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रदेश के महाराष्ट्र इमारत व अन्य निर्माण कार्य कामगार कल्याणकारी मंडल के सेस (उपकर) का एक हजार करोड़ रुपए कौशल्य, रोजगार, उद्यमिता व नवाचार विभाग को उपलब्ध कराने का फैसला लिया है। इस राशि का इस्तेमाल प्रदेश के पंजीकृत मजदूरों को परिजनों को प्रशिक्षण के लिए किया जा सकेगा। मंगलवार को विधान परिषद में राज्य के कौशल्य, रोजगार, उद्यमिता व नवाचार मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने यह जानकारी दी। लोढ़ा ने कहा कि महाराष्ट्र इमारत व अन्य निर्माण कार्य कामगार कल्याणकारी मंडल के पास एक प्रतिशत सेस का सात से आठ हजार करोड़ रुपए जमा है। इसलिए बीते चार महीने पहले मुख्यमंत्री ने एक हजार करोड़ रुपए की राशि एक विशेष प्रस्ताव के तहत कौशल्य, रोजगार, उद्यमिता व नवाचार विभाग को उपलब्ध कराने को मंजूरी दी थी। अब जल्द से जल्द ही राशि को कौशल्य, रोजगार, उद्यमिता व नवाचार विभाग के लिए उपलब्ध कराई जाएगी।

सीएम महाफंड योजना 1 अप्रैल से होगी शुरू

लोढ़ा ने बताया कि 1 अप्रैल से मुख्यमंत्री महाफंड योजना शुरू की जाएगी। जिसके जरिए 30 लाख युवाओं को ऑनलाइन परीक्षा में शामिल किया जाएगा। जिसमें से 5 लाख का चयन होगा। इसके बाद 1 लाख युवाओं को 5 लाख रुपए तक का ऋण दिया जाएगा। इस कर्ज के ब्याज का आधाभार सरकार उठाएगी। सफल स्टार्टअप को 25 लाख रुपए तक की आर्थिक सहायता भी दी जाएगी।

इन लाभार्थियों को भी सीएम महाफंड का लाभ

सदन में निर्दलीय विधायक सत्यजीत तांबे ने मुख्यमंत्री युवा कार्य प्रशिक्षणार्थी योजना के लाभार्थी युवाओं को स्थायी रोजगार उपलब्ध कराने का मुद्दा उठाया था। इसके जवाब में लोढा ने कहा कि सीएम महाफंड योजना में राज्य सरकार की मुख्यमंत्री युवा कार्य प्रशिक्षणार्थी योजना के लाभार्थी को भी शामिल किया जाएगा। युवाओं को वित्तीय मदद और प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही लाभार्थियों से प्रत्येक जिले में संवाद स्थापित करके रोजगार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। लोढ़ा ने कहा कि इस योजना के तहत युवाओं को 11 महीने का इंटर्नशिप करने का अवसर दिया जाता है। लाभार्थी अभ्यर्थियों को सात सूत्री कार्यक्रम लागू है। वहीं शॉर्ट टर्म कोर्स 10 प्रतिशत सीटें आरक्षित रखी जाएगी। आईटीआई में एक कोर्स मुफ्त में पढ़ाया जाएगा। लोढ़ा ने बताया कि इस योजना के तहत 1 लाख 32 हजार युवाओं ने कार्यप्रक्षिण पूरा किया है। इन युवाओं के बैंक खाते में 815 करोड़ 74 लाख रुपए विद्यावेतन जमा किया गया है। सरकार युवा नीति भी तैयार कर रही है।

युवाओं को विदेश में नौकरी के लिए भेजेगी सरकार

लोढ़ा ने कहा कि इजराइल और यूक्रेन के युद्ध के बाद 50 लाख नौकरियां उपलब्ध हो गई है। नौकरी के लिए विदेशों भेजने के नाम पर एजेंसियां युवाओं को फंसाती हैं। इसलिए राज्य के युवाओं को सरकार के माध्यम से विदेशों में नौकरी के लिए भेजा जाएगा। इसके लिए राज्य में विद्याविहार समेत 7 जगहों पर प्रशिक्षण केंद्र शुरू किया है। जिसमें युवाओं को संबंधित देश की भाषा और संस्कृति सिखाई जाएगी। लोढ़ा ने कहा कि औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था (आईटीआई) का नवीनीकरण शुरू किया गया है। दो सालों में आईटीआई और रोजगार केंद्र का कायाकल्प किया जाएगा।

केवल ब्लू कॉलर जॉब चाहते हैं युवा

लोढा ने कहा कि राज्य में बड़े पैमाने को युवाओं को नौकरी और रोजगार उपलब्ध है। लेकिन राज्य के युवा ब्लू कॉलर जॉब चाहते हैं। इसके अलावा उन्हें कुछ नहीं करना है। उन्होंने कहा कि कुशल मानव संसाधन उपलब्ध नहीं होने के कारण महाराष्ट्र में उपलब्ध नौकरी और रोजगार का लाभ दूसरे प्रदेशों को मिलता है।

युवाओं के लिए आयोग बनाए सरकार - तांबे

विधायक सत्यजीत तांबे ने कहा कि राज्य में युवाओं के लिए स्वतंत्र आयोग बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य में महिला, बच्चों, एसटी और एससी के लिए आयोग बना है तो राज्य की सबसे बड़ी आबादी युवाओं के लिए आयोग बनाया चाहिए। इस पर लोढ़ा ने कहा कि राज्य में युवा कल्याण आयुक्तालय बनाने के लिए मुख्यमंत्री से चर्चा के बाद फैसला लिया जाएगा।

Created On :   18 March 2026 5:42 PM IST

Tags

और पढ़ेंकम पढ़ें
Next Story