लव के लिए ....कुछ भी करेगा!: लव स्टोरी से शुरू हुई साजिश, प्रेमिका के लिए लगा दी सिस्टम में सेंध, टॉप कराने का था जुनून - पेपर लीक

Third Party
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  • एमपीएससी पेपर लीक मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई
  • महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग के 3 अफसरों समेत 6 आरोपियों को किया गिरफ्तार

Mumbai News. महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (एमपीएससी) की बेहद प्रतिष्ठित ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा में सामने आए बहुचर्चित पेपर लीक कांड में मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच की प्रॉपर्टी सेल ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। गहन तफ्तीश के बाद क्राइम ब्रांच ने एमपीएससी के 3 वरिष्ठ अधिकारियों समेत कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान विश्वेश्वर दत्तात्रय नकाते (35, सहायक कक्ष अधिकारी, एमपीएससी), गोपाल भट्टू मराठे (36, अवर सचिव, एमपीएससी), अभिजीत गणपतराव लेंडवे (38, अवर सचिव, एमपीएससी), अमृत नामदेव पाटिल (55, उम्मीदवार रितुजा पाटिल के पिता), प्रवीण दिलीप पाटिल (35, बिचौलिया व नंदुरबार स्थित कौटिल्य एकेडमी का संचालक) और लोकेश उर्फ गौरव राजेंद्र पाटिल (26, मुख्य सूत्रधार) के रूप में हुई है। अदालत ने सभी आरोपियों को 2 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। कफ परेड पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज होने के बाद आयोग के प्रशासनिक तंत्र में हड़कंप मच गया है। वहीं, धांधली साबित होने पर एमपीएससी ने पूरी भर्ती प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है।

लव स्टोरी से शुरू हुई साजिश, प्रेमिका के लिए सिस्टम में सेंध

इस पूरे घोटाले की पटकथा किसी सस्पेंस फिल्म जैसी है, जिसके केंद्र में प्यार, लालच और प्रशासनिक भ्रष्टाचार का त्रिकोण है।

प्रेमिका को टॉप कराने का जुनून

परीक्षा में शामिल हुई उम्मीदवार रितुजा पाटिल और आरोपी गौरव पाटिल के बीच प्रेम संबंध थे। रितुजा को किसी भी कीमत पर परीक्षा में शीर्ष स्थान दिलाने के लिए गौरव ने इस पूरी साजिश का ताना-बाना बुना।

पिता और बिचौलिए की जुगलबंदी

रितुजा के पिता अमृत पाटिल ने बेटी का भविष्य सेट करने के लिए नंदुरबार के कोचिंग संचालक प्रवीण पाटिल से संपर्क किया। प्रवीण की पहुंच सीधे सरकारी गलियारों तक थी।

अधिकारियों को 12 लाख का ऑफर - प्रवीण पाटिल ने एमपीएससी के 3 अधिकारियों के साथ साठगांठ की। पूरी डील 12 लाख रुपये में तय हुई, जिसमें से 5 लाख का प्राथमिक ट्रांजैक्शन भी हो चुका था।

ऐसे बाहर आया पर्चा - परीक्षा से ठीक दो दिन पहले विशेषज्ञों द्वारा तैयार गुप्त प्रश्न-संच में से अवैध रूप से 294 प्रश्नों को चुराकर एक नया सेट तैयार किया गया। यह प्रश्नसंच परीक्षा से पहले अवर सचिव अभिजीत लेंडवे को आयोग कार्यालय की इमारत के पार्किंग क्षेत्र में दिया गया। लेंडवे ने इसे गोपाल मराठे को सौंपा, जिसके बाद यह बिचौलिए प्रवीण पाटिल तक पहुँचाया गया।


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नंदुरबार से नाशिक और फिर व्हाट्सऐप तक पहुंचा प्रश्नसंच

पुलिस के मुताबिक, प्रवीण पाटिल ने मयुर ठाकरे की मध्यस्थता से अमृत पाटिल और उनकी बेटी रितुजा पाटिल को प्रश्नसंच की छायाप्रति उपलब्ध कराई। यह प्रश्नसंच अमृत पाटिल के नाशिक स्थित फ्लैट पर दिया गया था। रितुजा ने इसी लीक प्रश्नसंच के दम पर परीक्षा दी और सातवाँ स्थान हासिल कर चयनित हो गई। इसके बाद उसने प्रश्नसंच की प्रतियाँ अपने परिचित लोकेश उर्फ गौरव पाटिल को व्हाट्सऐप के माध्यम से भेजीं।

ब्रेकअप बना भंडाफोड़ की वजह

क्राइम ब्रांच के पुलिस उपायुक्त राजतिलक रौशन के अनुसार, परिणाम आने के बाद रितुजा और गौरव के रिश्तों में खटास आ गई और उनका ब्रेकअप हो गया। गुस्से में आकर गौरव पाटिल ने पूरे खेल का पर्दाफाश करने की ठान ली। उसने शिकायतकर्ता ऋषिकेश गांगुर्दे को सारे साक्ष्य सौंप दिए, जिसके बाद मामला एमपीएससी और मुंबई पुलिस तक पहुँचा। मामले में विधायक रोहित पवार ने भी सबूत पेश कर हलचल तेज़ कर दी थी। क्राइम ब्रांच ने अब रितुजा पाटिल को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए तलब किया है।

परीक्षा का पूरा घटनाक्रम

  • 29 जुलाई 2025 - एमपीएससी ने ड्रग इंस्पेक्टर (ग्रुप-बी) के पदों हेतु आधिकारिक विज्ञापन जारी किया।
  • 22 मार्च 2026 - राज्य के 6 प्रमुख केंद्रों पर ऑफलाइन स्क्रीनिंग परीक्षा का आयोजन हुआ।
  • 12 जून 2026 - परीक्षा परिणाम घोषित, 506 उम्मीदवार इंटरव्यू के लिए चुने गए।
  • 1 - 22 जुलाई 2026 - 488 योग्य उम्मीदवारों के इंटरव्यू संपन्न हुए।
  • 21 - 26 जुलाई 2026 - पर्चा लीक होने की लिखित शिकायतें आयोग को मिलीं।
  • 27 जुलाई 2026 - एमपीएससी ने मुंबई पुलिस से जांच की सिफारिश की।
  • 25 अगस्त 2026 - रिपोर्ट मिलने के बाद एमपीएससी ने भर्ती प्रक्रिया निरस्त की।
  • 26 अगस्त 2026 - क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई। 3 अफसरों सहित 6 गिरफ्तार।

ईमानदार अभ्यर्थियों को झटका, जल्द होगा री-एग्जाम

इस प्यार, पैसा और पेपर लीक के कॉकटेल ने उन हजारों ईमानदार अभ्यर्थियों के सपनों पर पानी फेर दिया, जो सालों से दिन-रात मेहनत कर रहे थे। हालांकि, एमपीएससी ने आश्वासन दिया है कि व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाकर जल्द ही पुनः परीक्षा आयोजित की जाएगी।

Created On :   26 Aug 2026 9:56 PM IST

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