विशेष जांच: अस्पतालों की अग्नि सुरक्षा पर राज्य सरकार का फायर अलर्ट, आईसीयू - एनआईसीयू का होगा अग्नि और विद्युत सुरक्षा ऑडिट

अस्पतालों की अग्नि सुरक्षा पर राज्य सरकार का फायर अलर्ट, आईसीयू - एनआईसीयू का होगा अग्नि और विद्युत सुरक्षा ऑडिट
  • सरकारी, निजी और धर्मार्थ अस्पतालों को तत्काल सुरक्षा खामियां दूर करने के निर्देश
  • सभी अस्पतालों में अग्नि और विद्युत सुरक्षा का होगा ऑडिट
  • आईसीयू, एनआईसीयू और ऑपरेशन थिएटर की विशेष जांच

Mumbai News. राज्य के सभी सरकारी, निजी और धर्मार्थ अस्पतालों में अब अग्नि सुरक्षा, विद्युत व्यवस्था, भवन निर्माण तथा अस्पताल में इस्तेमाल होने वाली संबंधित प्रणालियों का ऑडिट किया जाएगा। सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री प्रकाश आबिटकर ने स्वास्थ्य विभाग को इस संबंध में तत्काल कार्रवाई करने और ऑडिट रिपोर्ट सरकार को सौंपने के निर्देश दिए हैं।

आईसीयू, एनआईसीयू और ऑपरेशन थिएटर की विशेष जांच

अस्पतालों के आईसीयू, एनआईसीयू, नर्सरी और ऑपरेशन थिएटर जैसे संवेदनशील विभागों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की विशेष जांच की जाएगी। इसके अलावा विद्युत सुरक्षा, मेडिकल गैस पाइपलाइन, आपातकालीन निकासी व्यवस्था, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता और कार्यक्षमता, कर्मचारियों का प्रशिक्षण तथा मॉक ड्रिल की भी समीक्षा होगी। जांच के दौरान सामने आने वाली खामियों और कमियों को दर्ज कर उनके आधार पर प्राथमिकता तय की जाएगी तथा आवश्यक सुधार तत्काल पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं।

हर छह महीने में होगी भवन और ब्लॉक की जांच

अस्पताल परिसर की प्रत्येक इमारत और ब्लॉक को छह महीने के चक्र में अग्नि सुरक्षा मूल्यांकन के दायरे में लाया जाएगा। केवल कागजों पर फायर ऑडिट करने के बजाय मौके पर वास्तविक स्थिति की जांच करना और कमियों को दूर करना अनिवार्य होगा।

हर अस्पताल में नोडल अधिकारी

राज्य की प्रत्येक स्वास्थ्य संस्था में अग्नि सुरक्षा के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं। यह अधिकारी फायर ऑडिट, विद्युत सुरक्षा, अग्निशमन व्यवस्था, आपातकालीन निकासी, कर्मचारियों के प्रशिक्षण और मॉक ड्रिल का नियमित निरीक्षण करेगा तथा अनुपालन रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपेगा।

लापरवाही पर अस्पताल प्रमुख जिम्मेदार

फायर ऑडिट में देरी या सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर खामियों के कारण कोई अप्रिय घटना होने पर संबंधित संस्था प्रमुख की जिम्मेदारी तय की जाएगी। सरकार ने सभी सरकारी और निजी स्वास्थ्य संस्थानों को सुरक्षा उपायों को गंभीरता से लेते हुए निर्धारित समय में आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए हैं।

जिला स्तर पर भी जिम्मेदारी तय

सभी जिलों में सरकारी, निजी और धर्मार्थ स्वास्थ्य संस्थानों का ऑडिट सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी अस्पताल प्रमुखों के साथ-साथ विभागीय उपसंचालक, जिला शल्य चिकित्सक, जिला स्वास्थ्य अधिकारी, मनपा स्वास्थ्य अधिकारी और चिकित्सा अधीक्षकों को दी गई है।

नियमित रूप से सरकार को देनी होगी रिपोर्ट

अग्नि सुरक्षा मूल्यांकन और उसके आधार पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट नियमित रूप से सरकार को प्रस्तुत करनी होगी। साथ ही केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार अग्नि सुरक्षा और जीवन सुरक्षा से जुड़े राष्ट्रीय मानकों का प्रभावी तरीके से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

Created On :   25 Aug 2026 10:37 PM IST

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