86 हजार करोड़ रुपए के बकाये को लेकर ठेकेदार राज से मिले, मनसे अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री के साथ बैठक करने दिया आश्वासन

86 हजार करोड़ रुपए के बकाये को लेकर ठेकेदार राज से मिले, मनसे अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री के साथ बैठक करने दिया आश्वासन

Mumbai News. प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों का विकास काम करने वाले ठेकेदारों का 86 हजार 664 करोड़ रुपए का बकाया भुगतान का मामला अब मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे के दरबार में पहुंच गया है। मंगलवार को राज्य के ठेकेदारों के प्रतिनिधिमंडल ने राज से उनके दादर स्थित निजी आवास शिवतीर्थ पर मुलाकात की। राज ने ठेकेदारों को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ बैठक करवाने को लेकर आश्वासन दिया है। पत्रकारों से बातचीत में ठेकेदारों ने कहा कि लगभग 35 हजार ठेकेदारों का 86 हजार 600 करोड़ 64 रुपए का भुगतान बकाया है। राज्य के जलापूर्ति व स्वच्छता मंत्री गुलाबराव पाटील के विभाग की जल जीवन मिशन योजना के कामों का सबसे अधिक बकाया है। इस योजना के लिए केंद्र सरकार भी अपने हिस्से की राशि उपलब्ध कराती है। इसके बाद राज्य के सार्वजनिक निर्माण कार्य विभाग, आदिवासी विकास विभाग समेत अन्य विभागों का ठेकेदारों का बकाया है। हम लोग मंत्रियों के पास जाते हैं तो वो कहते हैं कि बॉस (सीएम) से बात करना पड़ेगा। हम लोगों ने भी मुख्यमंत्री को बीते दो महीनों में बकाया भुगतान के लिए चार पत्र दिया है। लेकिन मुख्यमंत्री पत्रों का कोई जवाब नहीं देते हैं। ठेकेदारों ने कहा कि हमने आजाद मैदान में आंदोलन किया था, उस समय दावा किया गया था कि संकटमोचन (मंत्री गिरीष महाजन) मिलने के लिए आएंगे। लेकिन नाशिक सिंहस्थ कुंभमेला के कामों का फर्जी आदेश को लेकर संकटमोचन ही संकट में हैं। ऐसे में वो हम लोगों का क्या संकट दूर करेंगे।

गुजराती ठेकेदारों का भुगतान समय पर होता है- देशपांडे

मनसे के नेता संदीप देशपांडे ने कहा कि गुजरात से महाराष्ट्र में आकर काम करने वाले गुजराती ठेकेदारों का बकाया भुगतान समय पर हो रहा है। लेकिन महाराष्ट्र के भूमिपुत्र ठेकेदारों को पैसे नहीं दिए जा रहे हैं। मुंबई मनपा का काम भी गुजरात के ठेकेदार कर रहे हैं। सरकार को बताना चाहिए कि गुजराती ठेकेदारों का किस मद (हेड) के तहत भुगतान किया जाता है।

विधायकों की हिम्मत नहीं होती थी

ठेकेदारों ने कहा कि साल 2014 में देवेंद्र फडणवीस जब पहली बार मुख्यमंत्री बने थे तब विधायकों की फडणवीस के सामने खड़े रहने की हिम्मत नहीं होती थी। लेकिन जब से विधायकों को तोड़कर राज्य में नहीं सरकार बनी है, तब से राज्य में कमीशनखोरी बढ़ गई है।

Created On :   25 Aug 2026 10:17 PM IST

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