साइबर एंथम लॉन्च: फडणवीस बोले - डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई चीज नहीं, धोखाधड़ी की तुरंत करें शिकायत, पंकज और सोनाली बेंद्रे रहे मौजूद

फडणवीस बोले - डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई चीज नहीं, धोखाधड़ी की तुरंत करें शिकायत, पंकज और सोनाली बेंद्रे रहे मौजूद
  • फडणवीस ने लघु फिल्म और साइबर एंथम को किया लॉन्च
  • 3 से 15 दिन देरी दर्ज होती है शिकायत
  • पंकज त्रिपाठी और सोनाली बेंद्रे रहे मौजूद

Mumbai News. राज्य में साइबर अपराधियों द्वारा पुलिस, सीबीआई और न्यायाधीश का नाम लेकर नागरिकों को डरा-धमका कर ठगने के मामले बढ़ रहे हैं। इसके मद्देनजर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि "डिजिटल अरेस्ट’ जैसी कोई चीज नहीं होती। इसलिए नागरिक इस तरह की चीजों का शिकार न हों। किसी प्रकार की धोखाधड़ी होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर "1930 ' पर संपर्क करें। बुधवार को मुख्यमंत्री ने साइबर जागरूकता लघु फिल्म "डिजिटल अरेस्ट' और "1930 महाराष्ट्र साइबर एंथम' लॉन्च किया। राज्य अतिथिगृह सह्याद्री में महाराष्ट्र साइबर की तरफ से आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के गृह राज्य मंत्री (ग्रामीण) पंकज भोयर, राज्य के गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव मनीषा म्हैसकर, राज्य पुलिस महानिदेशक सदानंद दाते, महाराष्ट्र साइबर सेल के प्रमुख यशस्वी यादव उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने वॉयस क्लोनिंग, डीपफेक, फर्जी ऑडियो और वीडियो बनाना नई चुनौती बन गया है। साइबर अपराधी पार्सल में ड्रग्स मिलने, ओटीपी फ्रॉड, फर्जी फोन कॉल और पुलिस या सीबीआई के नाम पर धमकी देने के लिए हथकंडे अपनाते हैं। सामान्य लोग पुलिस अधिकारी और जज का नाम सुनते ही डर जाते हैं। इससे वो धोखाधड़ी का शिकार हो जाते हैं। लेकिन नागरिकों को किसी भी तरह के दबाव और डर के बिना तुरंत शिकायत करना चाहिए।

3 से 15 दिन देरी दर्ज होती है शिकायत

मुख्यमंत्री ने कहा कि साइबर धोखाधड़ी के बाद "गोल्डन आवर' बहुत महत्वपूर्ण है। इस दौरान शिकायत दर्ज होने पर धोखाधड़ी की राशि को वसूलने की संभावना अधिक होती। लेकिन नागरिक शिकायत दर्ज करने में 3 से 15 दिनों का समय लगा देते हैं। इससे कई बैंक खातों से पैसे चले जाते हैं। जिसकी वसूली बहुत मुश्किल हो जाती है। इसलिए धोखाधड़ी का एहसास होते ही बिना किसी देरी के नागरिक शिकायत दर्ज कराएं। फडणवीस ने कहा कि मोबाइल, ऑनलाइन लेनदेन, विभिन्न पेमेंट गेटवे और डिजिटल मीडिया दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बन गए हैं। लेकिन नागरिकों के साइबर अपराधों का शिकार होने की संभावना भी बढ़ गई है।

कलाकार फैलाएं जागरूकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि साइबर अपराधों को रोकने के लिए जागरूकता सबसे प्रभावी तरीका है। इसलिए कलाकारों, अभिनेताओं और गायकों के जरिए नागरिकों तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकता है। 42 मिनट की जागरूकता फिल्म डिजिटल अरेस्ट सहित विभिन्न क्लिप और रीलों के माध्यम से सोशल मीडिया पर व्यापक अभियान चलाने की जरूरत है।

पंकज त्रिपाठी और सोनाली बेंद्रे रहे मौजूद

इस मौके पर लघु फिल्म और महाराष्ट्र साइबर एंथम में योगदान देने वाले कलाकार और अभिनेता पंकज त्रिपाठी, सोनाली बेंद्रे, आशीष विद्यार्थी, शरद केलकर, सोनाली बेंद्रे, जावेद जाफरी, गायक सुनिधि चौहान, अभिषेक बॅनर्जी, मंगेश देसाई समय रैना आदि भी उपस्थित थे। इस मौके पर कलाकारों को सम्मानित भी किया गया।

Created On :   26 Aug 2026 10:06 PM IST

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