पर्दाफाश: नवी मुंबई में छप रहे थे नकली नोट, दिल्ली में खपाने की थी साजिश, क्राइम का मास्टरमाइंड और सप्लायर मुंबई से गिरफ्तार

नवी मुंबई में छप रहे थे नकली नोट, दिल्ली में खपाने की थी साजिश, क्राइम का मास्टरमाइंड और सप्लायर मुंबई से गिरफ्तार
  • वाटरमार्क पेपर, लैपटॉप, प्रिंटर और लैमिनेशन मशीन समेत 299 नकली नोट जब्त
  • दिल्ली-मुंबई पुलिस का संयुक्त एक्शन, नवी मुंबई में पकड़ी गई हाईटेक प्रिंटिंग यूनिट
  • क्राइम का मास्टरमाइंड और सप्लायर मुंबई से गिरफ्तार

Mumbai News. मुंबई और दिल्ली के बीच चल रहे एक बेहद हाईटेक अंतर-राज्यीय नकली नोट रैकेट का दिल्ली और मुंबई पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में पर्दाफाश किया है। इस पूरे सिंडिकेट की कमान मुंबई के करीब नवी मुंबई से संभाली जा रही थी, जहां बकायदा एक अत्याधुनिक प्रिंटिंग यूनिट स्थापित कर हूबहू असली जैसे दिखने वाले 100 और 500 रुपये के जाली नोट छापे जा रहे थे। पुलिस ने इस मामले में नवी मुंबई से गिरोह के तकनीकी मास्टरमाइंड और मुख्य सप्लायर सहित कुल तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।

ऐसे शुरू हुई तफ्तीश और मुंबई का कनेक्शन

इस पूरे हाईटेक सिंडिकेट का भंडाफोड़ तब हुआ, जब 29 जून 2026 की रात को आरोपी नटराज मोहन कंचन(62), जो नवी मुंबई का रहने वाला है और दिल्ली के भलस्वा डेयरी इलाके में एक जनरल स्टोर पर नकली नोट खपाने की कोशिश कर रहा था। दुकानदार पंकज की सूझबूझ और दिल्ली पुलिस के बीट ऑफिसर हेड कांस्टेबल प्रतीक की त्वरित कार्रवाई के कारण नटराज को रंगे हाथों पकड़ लिया गया। उसके पास से 100 के 96 नकली नोट बरामद हुए, जिसके बाद दिल्ली के भलस्वा डेयरी पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। इसके बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने जब नटराज से कड़ाई से पूछताछ की, तो मुंबई के इस बड़े नेटवर्क की परतें खुलती चली गईं। आरोपी नटराज दिल्ली के पहाड़गंज के एक होटल में रुका हुआ था, जहां छापेमारी कर पुलिस ने 100 के 180 और 500 के 13 और जाली नोट बरामद किए। आगे की जांच में पता चला कि उसने दिल्ली के ही रहने वाले सुभाष चंद्र नामक एक स्थानीय डीलर को भी सैंपल भेजे थे, जिसे बाद में पुलिस ने दिल्ली से दबोच लिया।

नवी मुंबई के घर में चल रही थी नोटों की फैक्ट्री

पूछताछ में नटराज ने कबूला कि नोटों की छपाई नवी मुंबई स्थित उसके अपने घर पर हो रही है। इस खुलासे के तुरंत बाद दिल्ली पुलिस की टीम मुंबई रवाना हुई। मुंबई पुलिस के सहयोग से नवी मुंबई स्थित नटराज के आवास पर छापेमारी की गई, जहां का नजारा देखकर पुलिस अधिकारी भी दंग रह गए। वहां बकायदा एक पूर्ण जाली मुद्रा प्रिंटिंग यूनिट चल रही थी। वहां से पुलिस ने एक लैपटॉप, एक प्रिंटर और एक लैमिनेशन मशीन बरामद की। इसके साथ ही नकली नोट बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले विशेष पेपर रोल, भारत और आरबीआई लिखे विशेष वॉटरमार्क वाले कागज, हरी चमकीली फॉयल/पॉलीथीन रोल (सुरक्षा धागे के लिए) और कटर बरामद किए गए।

रेलवे स्टेशन से पकड़ा गया सॉफ्टवेयर एक्सपर्ट मास्टरमाइंड

तकनीकी निगरानी और आगे की जांच के आधार पर पुलिस ने 13 जुलाई 2026 को नवी मुंबई रेलवे स्टेशन से इस सिंडिकेट के असली मास्टरमाइंड विनोद मुन्नीलाल जायसवाल (38) को दबोच लिया। विनोद कंप्यूटर सॉफ्टवेयर का एक्सपर्ट है। वही लैपटॉप पर विशेष सॉफ्टवेयर का उपयोग कर हूबहू असली नोटों जैसे दिखने वाले मास्टर टेम्पलेट और डिजाइन तैयार करता था। उसी के निर्देशन में नवी मुंबई के घर में हाई-क्वालिटी प्रिंटिंग की जा रही थी।

गिरफ्तार आरोपियों की प्रोफाइल और भूमिका -

नटराज मोहन कंचन - मुख्य सप्लायर और डिस्ट्रीब्यूटर। मुंबई से दिल्ली तक जाली नोटों की खेप पहुंचाना और कच्चा माल जुटाना इसका काम था। यह पहले भी धोखाधड़ी के एक मामले में शामिल रहा है।

विनोद मुन्नीलाल जायसवाल - सिंडिकेट का तकनीकी मास्टरमाइंड। विशेष सॉफ्टवेयर के जरिए जाली नोटों के हूबहू डिजाइन और टेम्पलेट तैयार करता था।

सुभाष चंद्र (55)- दिल्ली का स्थानीय रिसीवर, जो दिल्ली के बाजारों में इन जाली नोटों को चलाने का जिम्मा संभाले हुए था।

पुलिस की टीमें अब जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से डिजिटल सबूत निकालने में जुटी हैं। पुलिस को अंदेशा है कि इस सिंडिकेट के तार मुंबई और दिल्ली के कई अन्य बड़े डीलरों से जुड़े हो सकते हैं। इस अंतर-राज्यीय रैकेट को पूरी तरह से नेस्तनाबूद करने के लिए आगे की छानबीन की जा रही है।

Created On :   17 July 2026 9:52 PM IST

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