बड़े पैमाने पर संशोधन: मालेगांव सेंट्रल में 23,555 मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटे, शिकायत के बाद हुई कार्रवाई - किरीट सोमैया

मालेगांव सेंट्रल में 23,555 मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटे, शिकायत के बाद हुई कार्रवाई - किरीट सोमैया
  • जिन लोगों के नाम हटे उनमें अधिकांश बाहरी और बांग्लादेशी घुसपैठिए होने का संदेह
  • मालेगांव सेंट्रल में 23,555 मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटे, शिकायत के बाद हुई कार्रवाई

Mumbai News. मालेगांव मध्य विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर संशोधन करते हुए 23 हजार 555 मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। यह जानकारी उपविभागीय अधिकारी नितिन सदगीर मालेगांव ने जारी की है। सदगीर के मुताबिक यह कार्रवाई फॉर्म-7 के तहत प्राप्त आवेदनों की जांच और तय कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद की गई। दरअसल पूर्व भाजपा सांसद किरीट सोमैया ने दावा किया था कि कुछ महीने पहले उन्होंने निर्वाचन अधिकारियों को करीब 23 हजार संदिग्ध मतदाताओं की सूची सौंपी थी। उनका आरोप था कि इनमें बड़ी संख्या में बाहरी लोगों और बांग्लादेशी घुसपैठियों के नाम शामिल हो सकते हैं। सोमैया ने कहा कि उनकी शिकायत के बाद जांच हुई और अब बड़ी संख्या में नाम हटाए गए हैं।

जानकारी के अनुसार 4 नवंबर 2025 से 17 जुलाई 2026 के बीच फॉर्म-7 के तहत मिले आवेदनों पर जांच की गई। इसके बाद निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार 23 हजार 555 मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। हालांकि विभागीय अधिकारी सदगीर ने अपने आधिकारिक पत्र में यह नहीं कहा है कि हटाए गए सभी मतदाता फर्जी, बांग्लादेशी या अवैध नागरिक थे। पत्र में केवल इतना बताया गया है कि फॉर्म-7 के तहत प्राप्त आवेदनों पर नियमानुसार जांच के बाद नाम हटाए गए हैं।

क्या है फॉर्म-7?

फॉर्म-7 चुनाव आयोग की वह प्रक्रिया है, जिसके जरिए किसी मतदाता के नाम पर आपत्ति दर्ज कर उसे मतदाता सूची से हटाने का अनुरोध किया जाता है। हर मामले में अधिकारियों द्वारा दस्तावेजों की जांच, नोटिस और अन्य कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही फैसला लिया जाता है। सोमैया ने कहा कि मतदाता सूची को पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने का अभियान आगे भी जारी रहेगा। यदि अन्य क्षेत्रों में भी संदिग्ध नामों की जानकारी मिलेगी तो उसे चुनाव आयोग के समक्ष रखा जाएगा।

Created On :   17 July 2026 9:58 PM IST

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