भंडाफोड़: स्कूटर छुड़ाने के कोर्ट ऑर्डर को बनाया हवाला और तस्करी का वारंट - जायदाद हड़पने की अंतरराष्ट्रीय साजिश

स्कूटर छुड़ाने के कोर्ट ऑर्डर को बनाया हवाला और तस्करी का वारंट - जायदाद हड़पने की अंतरराष्ट्रीय साजिश
  • यूएई नागरिकों समेत 6 के ख़िलाफ़ पुलिस ने दर्ज किया केस, जाँच जारी
  • दुबई दूतावास तक के जाली सिक्कों से तैयार किए अदालती दस्तावेज
  • हाई कोर्ट की जाँच में दुबई में अरबों की जायदाद हड़पने की अंतरराष्ट्रीय साजिश भंडाफोड़

Mumbai News. दिवाकर सिंह. मुंबई की एक अदालत के नाम पर पूरी तरह फर्जी अदालती आदेश और जजमेंट तैयार कर दुबई की अदालत को गुमराह करने और एक भारतीय कारोबारी को अरबों रुपये की पुश्तैनी जायदाद से बेदखल करने की रोंगटे खड़े कर देने वाली अंतरराष्ट्रीय साजिश का पर्दाफाश हुआ है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में मुंबई पुलिस ने मुंबई उच्च न्यायालय की जांच रिपोर्ट के बाद कुर्ला पुलिस ने गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर पूरे मामले की जाँच शुरू कर दी है।

शिकायतकर्ता वहीदा हुसैन शत्ताफ (निवासी- खंडाला) ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि उनके पति हुसैन मोहम्मद शत्ताफ फिलहाल दुबई में रहते हैं। दुबई की अदालत में हुसैन शत्ताफ और उनकी बुजुर्ग मां फरीदा(78) का उनकी पुश्तैनी संपत्ति के वारिस हक को लेकर एक केस लंबित है। इसी मामले में विरोधी पक्ष ने हुसैन शत्ताफ को जायदाद के हिस्से से बेदखल करने और दुबई कोर्ट को गुमराह करने के लिए मुंबई की महानगर दंडाधिकारी अदालत (57वें कोर्ट, कुर्ला) के नाम पर पूरी तरह से जाली और मनगढ़ंत अदालती आदेश और जजमेंट तैयार किए।

वास्तव में पुलिस जांच और अदालती रिकॉर्ड के सत्यापन में जो खुलासा हुआ, उसने सबको चौंका दिया। असल में कुर्ला कोर्ट में जो मूल केस चल रहा था, वह सिर्फ एक जब्त एक्टिवा स्कूटर को सुपुर्दगी पर छोड़ने का था, लेकिन जालसाजों ने मूल रिकॉर्ड को पूरी तरह से बदलकर हुसैन शत्ताफ के खिलाफ 25 लाख की धोखाधड़ी, जाली पासपोर्ट बनाने, हवाला कारोबार और गैर-जमानती वारंट जारी होने का फर्जी मजमून जोड़ दिया।

हाई कोर्ट की जांच में हुआ भंडाफोड़

मामले की गंभीरता को देखते हुए जब बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देश पर मुंबई के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने इस मामले की गहन जांच की, तो पता चला कि जालसाजों ने कोर्ट की डिजिटल सिग्नेचर का दुरुपयोग कर यह फर्जी आदेश तैयार किया था। हाई कोर्ट की रिपोर्ट में करीब 12 गवाहों के बयान दर्ज किए गए, जिससे साफ हुआ कि कुर्ला कोर्ट में हुसैन शत्ताफ के खिलाफ ऐसा कोई मामला या एफआईआर दर्ज ही नहीं थी। शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने न सिर्फ अदालत के फर्जी आदेश और जजमेंट बनाए, बल्कि उस पर मुंबई के एक नोटरी की जाली सही-सिक्के भी लगवाए। इसके बाद इन दस्तावेजों को असली दिखाने के लिए महाराष्ट्र शासन के गृह विभाग, दिल्ली स्थित यूएई वाणिज्य दूतावास और दुबई स्थित दूतावास के भी जाली सिक्के और हस्ताक्षर तैयार कर उनका इस्तेमाल किया गया।

इन आरोपियों पर दर्ज हुआ मुकदमा

पीड़ित महिला की शिकायत पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत यूएई के नागरिकों समेत 6 आरोपियों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया है, जिनकी पहचान हुमैद मोहम्मद शत्ताफ (यूएई),हलीमा सुलतान अल-ओवैस (यूएई),मधुकर रविराज विल्सन (पावर ऑफ अटॉर्नी एजेंट),केन रिचर्ड विल्सन, राझी अहमद और शिवाजी एन. धनागे (नोटरी) व अन्य सहयोगी के रूप में हुई है।

साजिश का मुख्य उद्देश्य

आरोपियों का मकसद दुबई की शारजाह कोर्ट में हुसैन शत्ताफ को एक अंतरराष्ट्रीय अपराधी, हवाला कारोबारी और तस्कर साबित करना था, ताकि कोर्ट के मन में उनके प्रति द्वेष पैदा हो और वे अपनी करोड़ों की पुश्तैनी संपत्ति के अधिकार से वंचित हो जाएं। फिलहाल पुलिस इस अंतरराष्ट्रीय जालसाजी के तार खंगालने में जुट गई है।

Created On :   16 July 2026 8:26 PM IST

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