Mumbai News: गणेश नाईक ने कहा - जान जोखिम में डालने वाले सर्पमित्रों को बीमा सुरक्षा कवच देने को तैयार है सरकार

गणेश नाईक ने कहा - जान जोखिम में डालने वाले सर्पमित्रों को बीमा सुरक्षा कवच देने को तैयार है सरकार
  • अधिकृत सेवा का दर्जा देने के लिए उठाए जाएंगे उचित कदम
  • - जान जोखिम में डालने वाले सर्पमित्रों को बीमा सुरक्षा कवच देने को तैयार है सरकार

Mumbai News. राज्य में सांपों को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर छोड़ने वाले ‘सर्पमित्रों’ के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य के वन मंत्री गणेश नाईक का कहना है कि सरकार सर्पमित्रों के संरक्षण के लिए बीमा सुविधा देने को तैयार है। इसके लिए अधिकृत सर्पमित्रों का डाटा तैयार किया जा रहा है। नाईक ने कहा कि इसके साथ ही उन्हें अधिकृत सेवा का दर्जा देने पर भी सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। गौरतलब है कि अभी तक सर्पमित्रों को कोई सुविधा अभी तक नहीं मिलती है।

नहीं मिलती है कोई सुविधा

वन मंत्री गणेश नाईक ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा कि सर्पमित्र अपनी जान जोखिम में डालकर सांपों सहित अन्य वन्य जीवों को पकड़ते हैं। सरकार की ओर से इन्हें कुछ मानधन भी नहीं मिलता है। उन्होंने कहा कि राज्य में सर्पमित्रों का वन विभाग में पंजीकरण और पहचान पत्र तो अनिवार्य है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें किसी प्रकार की सरकारी सुविधा या सुरक्षा नहीं मिलती। नाईक ने कहा कि जल्द ही राज्य सरकार अधिकृत सर्पमित्रों को बीमा सुरक्षा कवच देने जा रही है। इसके लिए राज्य भर के सर्पमित्रों का डाटा इकट्ठा किया जा रहा है। नाईक ने यह भी कहा कि फिलहाल सर्पमित्रों को सरकारी कर्मचारी या अधिकृत सेवक का दर्जा नहीं दिया गया है। जिस पर विभागीय स्तर पर कार्य शुरू है।

जोखिम भरा काम, फिर भी कोई सुरक्षा नहीं

शहरों और गांवों में जब भी घरों या बस्तियों में सांप निकलते हैं, तो सर्पमित्र ही मौके पर पहुंचकर उन्हें पकड़ते हैं और सुरक्षित स्थान पर छोड़ते हैं। इस दौरान वे अपनी जान जोखिम में डालते हैं। मुंबई में सर्प नाम की संस्था चलाने वाले सर्पमित्र संतोष शिंदे का कहना है कि हमारी कुछ दिनों पहले वन मंत्री के साथ बैठक हुई थी, जिसमें बीमा कवच से लेकर हेम अधिकृत सर्पमित्र का दर्जा देने की बात हुई थी। शिंदे ने कहा कि हम चाहते हैं कि सरकार हम जैसे अधिकृत सर्पमित्र और नकली सर्पमित्र में तुलना करे। इसके बाद ही अधिकृत देवक का दर्जा दे। सरकार के इस बयान से उम्मीद जगी है कि आने वाले समय में सर्पमित्रों को कुछ राहत मिल सकती है।

Created On :   19 March 2026 9:02 PM IST

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