महाराष्ट्र एटीएस का बड़ा ऑपरेशन: पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के डिजिटल जाल पर हमला, 102 ठिकानों पर बड़ी छापेमारी में संदिग्धों से पूछताछ

पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के डिजिटल जाल पर हमला, 102 ठिकानों पर बड़ी छापेमारी में संदिग्धों से पूछताछ
  • डिजिटल सबूत जब्त, एटीएस की नागरिकों से सतर्क रहने की अपील
  • सोशल मीडिया पर जहर घोलकर करते थे युवाओं का ब्रेनवॉश
  • बड़ी छापेमारी में 102 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी
  • ब्रेनवाश कर युवाओं को देश विरोधी गतिविधियों में धकेलने की थी साजिश

Mumbai News. देश की आंतरिक सुरक्षा और अखंडता को निशाना बनाने वाली एक बहुत बड़ी अंतरराष्ट्रीय साजिश को नाकाम करते हुए महाराष्ट्र राज्य आतंकवाद विरोधी दस्ते (एटीएस) ने सीमा पार से चल रहे एक खतरनाक नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पाकिस्तान में बैठे कुख्यात गैंगस्टर शहजाद भट्टी द्वारा भारतीय युवाओं को फंसाने के लिए बुने गए डिजिटल जाल पर एटीएस ने अब तक का सबसे बड़ा प्रहार किया है। शुक्रवार तड़के से ही एटीएस की टीमों ने मुंबई समेत महाराष्ट्र के कई जिलों में एक साथ 102 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस मेगा ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने 102 संदिग्धों को हिरासत में लिया है, जिनसे अलग-अलग यूनिट्स में बेहद कड़ाई से पूछताछ की जा रही है।

तड़के 7 बजे से 102 ठिकानों पर एक साथ स्ट्राइक

खुफिया एजेंसियों से मिले पुख्ता इनपुट और तकनीकी सर्विलांस के आधार पर एटीएस प्रमुख और वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में इस पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। शुक्रवार सुबह ठीक 7:00 बजे एटीएस की 58 टीमों ने एक साथ मोर्चा संभाला। इस राज्यव्यापी सर्च ऑपरेशन के तहत मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई, कुर्ला, बांद्रा, जोगेश्वरी, मीरा रोड और भायंदर जैसे संवेदनशील इलाकों में सघन छापेमारी की गई। इसके अलावा इस ऑपरेशन का दायरा मुंबई से बाहर पश्चिमी महाराष्ट्र के सांगली, सतारा और मराठवाड़ा के छत्रपति संभाजीनगर सहित कई अन्य जिलों तक फैला हुआ था। अचानक हुई इस कार्रवाई से संदिग्धों को संभलने का मौका नहीं मिला और एटीएस ने डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर सभी 102 संदिग्धों को दबोच लिया।

सोशल मीडिया पर जहर घोलकर युवाओं के ब्रेनवॉश की साजिश

जांच एजेंसियों के मुताबिक, पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी अपने साथियों आबिद जाट उर्फ आबिद छल, अजमल गुजर, हम्माद मेमन, राणा हुनैन और अश्रफ बशीर आलम के साथ मिलकर भारत में स्लीपर सेल तैयार करने की फिराक में था। इस गैंग की कार्यप्रणाली बेहद शातिराना थी। भट्टी फेसबुक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम और व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर भारतीय युवाओं को टारगेट करता था। धार्मिक और संवेदनशील मुद्दों का सहारा लेकर युवाओं के मन में असंतोष पैदा किया जाता था और उनका ब्रेनवॉश कर उन्हें देश विरोधी तथा समाज विरोधी गतिविधियों के दलदल में धकेला जा रहा था। इतना ही नहीं, बेरोजगार और आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं को मोटी रकम का लालच देकर ड्रग्स तस्करी, अवैध हथियारों की सप्लाई और खुफिया जानकारी जुटाने जैसे खतरनाक कामों के लिए मजबूर किया जा रहा था।

डिजिटल सबूत जब्त, एटीएस की नागरिकों से सतर्क रहने की अपील

इस छापेमारी के दौरान एटीएस ने संदिग्धों के पास से बड़ी मात्रा में मोबाइल फोन, लैपटॉप, सिम कार्ड और अन्य डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है। अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि इनके बीच अब तक क्या वित्तीय लेनदेन हुआ है। इस बीच सुरक्षा की गंभीरता को देखते हुए एटीएस ने अभिभावकों और युवाओं के लिए एक जरूरी एडवाइजरी भी जारी की है। एटीएस ने अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी अजनबी से दोस्ती न करें और शॉर्टकट तरीके से पैसे कमाने के झांसे में न आएं। माता-पिता को भी अपने बच्चों की इंटरनेट एक्टिविटी पर नजर रखने को कहा गया है। एटीएस अधिकारियों का कहना है कि देश विरोधी गतिविधियों में शामिल किसी भी तत्व को बख्शा नहीं जाएगा और आने वाले दिनों में इस मामले में कई और चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।

Created On :   10 July 2026 7:34 PM IST

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