विधानसभा प्रश्नोत्तर: यवतमाल में 700 विद्यार्थियों के लिए बनेगा 5 एकड़ जमीन पर स्कूल, दबाव में है राज्य का मत्स्य व्यवसाय, झींगा निर्यात प्रभावित

यवतमाल में 700 विद्यार्थियों के लिए बनेगा 5 एकड़ जमीन पर स्कूल, दबाव में है राज्य का मत्स्य व्यवसाय, झींगा निर्यात प्रभावित
  • राज्य का मत्स्य व्यवसाय दबाव में, अमेरिका-भारत व्यापार वार्ता का असर
  • झींगा निर्यात सबसे ज्यादा प्रभावित

Mumbai News. यवतमाल जिले के पुनवट गांव में प्रस्तावित स्कूल के लिए राज्य सरकार ने सकारात्मक रुख दिखाया है। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान कहा कि क्षेत्र के 700 विद्यार्थियों के स्कूल के लिए 5 एकड़ जमीन पर्याप्त है। जिसका जल्द काम शुरू होगा। यह मुद्दा विधायक संजय देरकर ने उठाया। मंत्री बावनकुले ने बताया कि प्रस्तावित स्कूल का क्षेत्र खनन (माइनिंग) जोन में आता है, जिसके चलते ग्राम पंचायत और संबंधित कंपनी डब्ल्यूसीएल ने स्कूल के लिए वैकल्पिक जमीन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव दिया है। सरकार के पास उपलब्ध जमीन पर ही स्कूल स्थापित करने की योजना है।बावनकुले ने कहा कि स्कूल के लिए 15 एकड़ जमीन की मांग की जा रही थी, लेकिन 700 विद्यार्थियों के लिए 5 एकड़ जमीन पर्याप्त और सुविधाजनक है। इससे ग्राम पंचायत के पास बची हुई जमीन का उपयोग अन्य सार्वजनिक विकास कार्यों के लिए किया जा सकेगा। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि इस परियोजना को लेकर डब्ल्यूसीएल और संबंधित निजी संस्था के बीच समझौता किया जाएगा।

मत्स्य मंत्री नितेश राणे ने माना, राज्य का मत्स्य व्यवसाय दबाव में, अमेरिका-भारत व्यापार वार्ता का असर

अमेरिका और भारत के बीच चल रही व्यापार वार्ताओं का असर अब महाराष्ट्र के मत्स्य व्यवसाय पर दिखाई देने लगा है। अमेरिकी आयात शुल्क में बढ़ोतरी के कारण राज्य के समुद्री उत्पाद, खासकर झींगा निर्यात पर असर पड़ा है। इस मुद्दे को लेकर विधानसभा में एक प्रश्न के लिखित जवाब में मत्स्य मंत्री नितेश राणे ने कहा कि केंद्र सरकार के वाणिज्य विभाग के अंतर्गत आने वाली संस्था मरीन प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट डेवलपमेंट अथॉरिटी के अनुसार भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर अभी बातचीत जारी है। हालांकि, अमेरिका द्वारा भारतीय समुद्री उत्पादों पर आयात शुल्क बढ़ाने से राज्य के निर्यात उद्योग पर दबाव बढ़ा है और यह व्यवसाय दबाव में है।

झींगा निर्यात सबसे ज्यादा प्रभावित

नितेश राणे के अनुसार अमेरिकी टैरिफ बढ़ने का सबसे ज्यादा असर झींगा निर्यात पर पड़ा है। इससे कोकण क्षेत्र के मछुआरों और निर्यातकों की चिंता बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि हालांकि स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने कई कदम उठाए हैं। राज्य सरकार ने 9 मार्च 2026 को ‘मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना’ को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत मीठे पानी, खारे पानी और समुद्री क्षेत्रों में मत्स्य व्यवसाय को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे मछुआरों को आर्थिक सहायता मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा केंद्र सरकार ने मत्स्य व्यवसाय से जुड़े उपकरणों पर जीएसटी दर 18 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दी है, जिससे लागत कम होगी और उद्योग को राहत मिलेगी। राणे ने कहा कि अमेरिका से आयात पर टैरिफ या अन्य कर लगाने का निर्णय केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है। राज्य सरकार इस पर सीधे निर्णय नहीं ले सकती।

Created On :   18 March 2026 9:09 PM IST

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