भूमिपूजन: मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने कहा - महर्षि सुदर्शन वाल्मीकि वसाहत बने देश के लिए आदर्श मॉडल

मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने कहा - महर्षि सुदर्शन वाल्मीकि वसाहत बने देश के लिए आदर्श मॉडल
  • भूमिपूजन समारोह में विकासक को गुणवत्तापूर्ण निर्माण के निर्देश
  • सफाई कर्मचारियों के लिए निःशुल्क आवास योजना पर दिया जोर
  • परियोजना के विकासक को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश

Nagpur News. मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने कहा कि प्रस्तावित महर्षि सुदर्शन वाल्मीकि वसाहत केवल एक आवासीय परियोजना नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक आदर्श मॉडल बननी चाहिए। उन्होंने परियोजना के विकासक को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि इस कॉलोनी के माध्यम से सफाई कर्मचारियों के सम्मान और उनके जीवन स्तर में बदलाव का संदेश पूरे देश तक पहुंचना चाहिए।

रविवार को मौजा नारा में राज्य की पहली सफाई कर्मचारी आवासीय परियोजना के भूमिपूजन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वाल्मीकि एवं सुदर्शन समाज हमेशा से समाज सेवा और स्वच्छता के कार्य में अग्रणी रहा है। ऐसे में इस समाज की मूलभूत समस्याओं का समाधान करना सरकार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र में पहली बार सफाई कर्मचारियों के लिए निःशुल्क आवास योजना को साकार करने का श्रेय नागपुर महानगरपालिका को जाता है। उन्होंने मनपा प्रशासन को इस पहल के लिए बधाई देते हुए कहा कि मुंबई महानगरपालिका ने भी इस दिशा में प्रयास किए थे, लेकिन नागपुर ने यह पहल पहले पूरी कर इतिहास रच दिया।


फडणवीस ने बताया कि वर्ष 2019 में मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने सफाई कर्मचारियों को 300 वर्गफीट के निःशुल्क आवास देने की अधिसूचना जारी की थी।हालांकि बाद की सरकार ने इसमें संशोधन कर योजना को सशुल्क कर दिया था। उन्होंने कहा कि दोबारा सत्ता में आने के बाद सरकार ने अपने वादे के अनुरूप पुरानी अधिसूचना बहाल कर निःशुल्क आवास उपलब्ध कराने की प्रक्रिया फिर शुरू की है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 1998 में लागू की गई लाड़-पागे समिति की सिफारिशों के तहत सफाई कर्मचारियों के आश्रितों को तृतीय श्रेणी की नौकरी देने के निर्णय को लागू कराने के लिए सरकार को सर्वोच्च न्यायालय तक कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी। अब इसका सकारात्मक परिणाम सामने आया है और जल्द ही नागपुर में लगभग 500 युवाओं को स्थायी सेवा में नियुक्त करने के आदेश जारी किए जाएंगे।

कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, वित्त एवं कामगार राज्यमंत्री एड. आशिष जयसवाल, राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष शेरसिंह (सतीश) डागोर, विधायक प्रवीण दटके, उपमहापौर लीला हाथीबेड, स्थायी समिति सभापति शिवानी दाणी, सत्तापक्ष नेता नरेंद्र (बाल्या) बोरकर, मनपा आयुक्त डॉ. विपीन, अतिरिक्त आयुक्त अंकित, मुरुगानंथम एम., मिलिंद मेश्राम, मुख्य अभियंता लीना उपाध्ये, कार्यकारी अभियंता सुनील उईके, उपायुक्त गणेश राठोड तथा परियोजना विकासक गौरव अग्रवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।

गडकरी ने स्वरोजगार अपनाने की दी सलाह

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सफाई कर्मचारियों के लिए घरकुल योजना शुरू करने पर राज्य सरकार और नागपुर महानगरपालिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारी केवल सरकारी नौकरी तक सीमित न रहें, बल्कि हॉस्पिटैलिटी सहित अन्य क्षेत्रों में भी स्वरोजगार अपनाकर आर्थिक रूप से सशक्त बनें।

उपमहापौर ने रखीं मांगें

उपमहापौर लीला हाथीबेड ने शहर के सभी विधानसभा क्षेत्रों में सफाई कर्मचारियों के लिए आवास उपलब्ध कराने का आग्रह किया। साथ ही उन्होंने ऐवजदार नियुक्ति के लिए निर्धारित 20 वर्ष की आयु सीमा में शिथिलता देने की मांग भी उठाई।

22 जुलाई को होगा सेवा दिवस

राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष शेरसिंह (सतीश) डागोर ने बताया कि 22 जुलाई को 'सेवा दिवस' के रूप में मनाया जाएगा, जिसके माध्यम से सफाई कर्मचारियों के योगदान का सम्मान किया जाएगा।

Created On :   12 July 2026 5:02 PM IST

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