अपील: किसानों के साथ गांव में दिवाली मनाएंगे सीएम फडणवीस, बोले - अभी रिटायर होने का कोई इरादा नहीं

- मंत्रियों से भी गांव जाकर किसानों के बीच त्योहार मनाने की अपील, बोले- उन्हें अकेलेपन का एहसास न होने दें
- जापानी नमा चॉकलेट है पसंद, गाने सुनना अच्छा लगता है, नागपुर आना ही छुट्टी जैसा
- धमकी भरे ईमेल पर अंतरराष्ट्रीय फ्रेमवर्क जरूरी, भूमि अधिग्रहण सहमति से करने पर जोर
- शिवसेना (शिंदे) के मंत्री और विधायक किसानों के साथ खेत में मनाएंगे दीपावली
डिजिटल डेस्क, नागपुर। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इस बार गांव जाकर किसानों के साथ दिवाली मनाएंगे। उन्होंने मंत्रिमंडल के सभी मंत्रियों से भी कम से कम एक दिन गांव में जाकर किसानों के साथ दीपावली मनाने और उनकी समस्याएं समझने की अपील की है। राज्य में सूखे के कारण किसान मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। ऐसे में उन्हें यह एहसास कराना जरूरी है कि संकट की इस घड़ी में वे अकेले नहीं हैं। गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास रामगिरी में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत के दौरान फडणवीस ने किसानों की मदद के साथ अपनी पसंद-नापसंद और विभिन्न मुद्दों पर भी खुलकर बात की।
फडणवीस ने कहा कि किसानों की मदद केवल सरकारी स्तर पर ही नहीं, बल्कि सामाजिक स्तर पर भी होनी चाहिए। सरकार विभिन्न सामाजिक संगठनों और नागरिकों की ओर से किए जा रहे राहत कार्यों को प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने कहा कि हर मंत्री दिवाली के दौरान एक दिन गांव में बिताए और किसानों के साथ त्योहार मनाए। वे स्वयं भी नागपुर जिले के एक गांव में किसानों के साथ एक दिन रहेंगे। इस अवसर पर सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के नागपुर कार्यालय की ओर से सूखा प्रभावित लोगों की मदद के लिए एकत्रित राशि का चेक मुख्यमंत्री को सौंपा गया।
यह भी पढ़े -फडणवीस का राहुल गांधी पर बड़ा हमला, बोले- संविधान बदलने की अंतरराष्ट्रीय साजिश का कांग्रेस कर रही नेतृत्व
जापानी नमा चॉकलेट पसंद, नागपुर आना ही छुट्टी जैसा
खाने की पसंद पूछने पर मुख्यमंत्री ने बताया कि महाराष्ट्र के खास व्यंजन पुरणपोली और मोदक उन्हें पसंद हैं, लेकिन लोग जहां भी जाते हैं, उन्हें यही खिलाने लगते हैं। इससे बचने के लिए उन्होंने जापानी नमा चॉकलेट को अपनी पसंद बता दिया। यह आसानी से उपलब्ध नहीं होती, इसलिए अब कोई इसे लेकर नहीं आता। उनकी इस बात पर पत्रकारों के बीच खूब ठहाके लगे। गाने गाने के बजाय उन्हें सुनना पसंद है। व्यस्त दिनचर्या में शौक पूरे करने का समय कम मिलता है। उन्होंने कहा कि नागपुर से उनका भावनात्मक जुड़ाव है और यहां आना ही उनके लिए छुट्टी जैसा है। अपनी जिंदगी पर बायोपिक बनने के सवाल पर उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि फिलहाल रिटायर होने का उनका कोई इरादा नहीं है।
धमकी भरे ईमेल पर अंतरराष्ट्रीय फ्रेमवर्क जरूरी
अदालतों और अन्य प्रमुख स्थलों को उड़ाने की धमकी वाले ईमेल पर फडणवीस ने कहा कि ऐसे मामलों से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फ्रेमवर्क जरूरी है। धमकी भरे ईमेल अक्सर विदेश के सर्वर से भेजे जाते हैं और जांच एजेंसियां उनकी गहन पड़ताल कर रही हैं। भूमि अधिग्रहण के विवादों पर उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास सहमति से जमीन लेने का है। सूखे की स्थिति में खर्चीले आयोजनों पर नियंत्रण की जरूरत बताते हुए उन्होंने एक मंत्री का उदाहरण दिया, जिन्होंने बेटे का विवाह सीमित लोगों की मौजूदगी में किया और बची राशि मुख्यमंत्री सहायता कोष में दी। उन्होंने नागपुर की निर्मल बैंक के खाताधारकों को राहत दिलाने के लिए केंद्रीय स्तर पर प्रयास जारी होने की जानकारी भी दी। इस दौरान वित्त राज्यमंत्री आशीष जायसवाल, विधायक संजय भेंडे, परिणय फुके, कृष्णा खोपड़े और भाजपा शहर अध्यक्ष दयाशंकर तिवारी उपस्थित थे।
शिवसेना (शिंदे) के मंत्री और विधायक किसानों के साथ खेत में मनाएंगे दीपावली
उधर शिवसेना (शिंदे) ने सूखा प्रभावित 278 तहसीलों के किसानों को 7 लाख 69 हजार दीपावली राशन किट वितरण वितरित करने का फैसला लिया है। इसमें से अभी तक 5 लाख 38 हजार 500 राशन किट वितरित किए जा चुके हैं। जबकि बाकी बचे राशन किट को अगले दो दिनों में किसानों तक पहुंचा दिया जाएगा। गुरुवार को शिवसेना (शिंदे) के प्रवक्ता तथा पूर्व सांसद आनंद परांजपे ने यह जानकारी दी। परांजपे ने कहा कि शिवसेना (शिंदे) के मुख्य नेता तथा उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पार्टी नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को किसानों के साथ दीपावली मनाने
के निर्देश दिए हैं। इसके तहत अगले तीन दिनों में शिवसेना (शिंदे) के मंत्री, विधायक और सांसद और स्थानीय निकायों के जनप्रतिनिधि किसानों के खेतों में पहुंचेंगे। ये लोग किसानों के साथ दीपावली मनाएंगे। परांजपे ने बताया कि अभी तक मराठवाड़ा संभाग में 1 लाख 77 हजार, नाशिक संभाग में 1 लाख 35 हजार, पुणे संभाग में 82 हजार, अमरावती संभाग में 77 हजार 500 और नाशिक विभाग में 66 हजार राशन किए वितरित किए गए हैं। इसके अलावा 10 हजार गन्ना मजदूरों को भी राशन किट दिए गए हैं। जबकि कोंकण अंचल में राशन किट का वितरण अंतिम चरण में है। शिवसेना (शिंदे) के डॉक्टर सेल की तरफ से भी गरीब परिवारों को भी 5 हजार राशन किट वितरित किए जाएंगे। परांजपे ने कहा कि प्रदेश में साल 1972 के बाद सबसे ज्यादा भीषण सूखे की स्थिति है। इसके मद्देनजर उपमुख्यमंत्री शिंदे ने बीते सितंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान राज्य के सूखा प्रभावित किसानों को पर्याप्त मदद राशि उपलब्ध कराने की मांग की थी। इसके बाद केंद्र सरकार की टीम सूखा प्रभावित इलाकों का दौरा कर चुकी है।
Created On :  
Tags
- Nagpur News
- Maharashtra News
- नागपुर
- महाराष्ट्र समाचार
- नागपुर शहर
- नागपुर ग्रामीण
- कामठी
- हिंगना
- कलमेश्वर
- काटोल
- नरखेड़
- सावनेर
- उमरेड
- कुही
- भिवापुर
- मौदा
- पारशिवनी
- रामटेक
- कन्हान
- वाडी
- बुटीबोरी
- कोराडी
- खापरखेड़ा
- मोहपा
- कोंढाली
- वर्धा रोड
- वलनी
- पेंच
- येरखेड़ा
- वडधामना
- बेसा
- मानकापुर
- जरीपटका
- कामठी रोड
- पारडी
- वाठोडा
- हुडकेश्वर
- नंदनवन
- दिघोरी
- बेलतरोड़ी
- मानेवाड़ा
- नरेंद्रनगर
- प्रतापनगर
- सोनेगांव
- अजनी
- धरमपेठ
- सदर
- महाल
- इतवारी
- गंजपेठ
