खलल पड़ा भारी: खर्राटों ने छीन ली कैदी की नींद, गुस्से में साथी की आंख पर जड़ दिया घूंसा - आधी रात मचा हड़कंप

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  • सोते-सोते खर्राटे लेना बना खूनी झगड़े की वजह
  • खर्राटों से टूटती थी नींद, कई बार दी थी चेतावनी

डिजिटल डेस्क, नागपुर। जेल की सलाखों के पीछे एक कैदी के खर्राटे दूसरे कैदी के लिए इतने भारी पड़ गए कि मामला सीधे मारपीट तक पहुंच गया। रातभर खर्राटों से परेशान कैदी का गुस्सा तड़के ऐसा फूटा कि उसने सो रहे साथी की आंख पर जोरदार घूंसा जड़ दिया। अचानक हुए हमले से बैरक में हड़कंप मच गया। घायल कैदी की आंख पर गंभीर चोट आई है। मामले में धंतोली पुलिस ने आरोपी कैदी के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है।


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खर्राटों से टूटती थी नींद, कई बार दी थी चेतावनी

आरोपी सतीश पैसाडेली (29) और मनीष ठाकुर (43) गंभीर मामलों में लिप्त रहे हैं। दोनों फिलहाल विचाराधीन कैदी के रूप में स्थानीय जेल में बंद हैं। उन्हें बैरक नंबर-4 की ‘बड़ी गोल’ में रखा गया है। दोनों पास-पास सोते थे। मनीष को नींद में जोर-जोर से खर्राटे लेने की आदत है। इससे सतीश की नींद बार-बार टूटती थी। वह कई बार मनीष को टोक भी चुका था, लेकिन खर्राटों पर मनीष का कोई बस नहीं था।


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तड़के नींद खुली तो आंख पर जड़ दिया घूंसा

घटना वाली रात भी यही सिलसिला जारी रहा। मनीष गहरी नींद में खर्राटे भर रहा था। उसकी आवाज से सतीश की नींद फिर टूट गई। पहले से जमा गुस्से पर इस बार उसका काबू नहीं रहा। उसने आव देखा न ताव और सो रहे मनीष की आंख पर जोरदार घूंसा जड़ दिया। अचानक हुए हमले से मनीष दर्द से कराह उठा। देखते ही देखते बैरक में शोर-शराबा और विवाद शुरू हो गया।


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जेल रक्षक की शिकायत पर मामला दर्ज

घटना के बाद जेल में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर मौजूद जेल रक्षक सुनील फुलके ने मामले की शिकायत पुलिस से की। उनकी शिकायत पर धंतोली थाने में सतीश के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। जेल में खर्राटों जैसी मामूली बात ने इस तरह हिंसक रूप ले लिया, जिससे सुरक्षा व्यवस्था के बीच कैदियों के विवाद का मामला चर्चा में आ गया।

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