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जान लीजिए: खतरा है नशे का नया कॉकटेल - ये शौक, नहीं शोक है! एनर्जी ड्रिंक बीयर में दवाइयों की गोलियां

Nagpur News. नशे का प्रमाण बढ़ाने के लिए एनर्जी ड्रिंक, बीयर और अन्य पेयों में कुछ दवाओं की गोलियां मिलाकर सेवन का चलन बढ़ रहा है, लेकिन यह शौक धीरे-धीरे दिमाग, हृदय, लिवर, फेफड़े, किडनी और मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है। 40 की आयु होने के बाद गंभीर बीमारियों का शिकार होकर असमय मृत्यु खतरा होता है। अकेले मेडिकल के मानसिक रोग विभाग में सालाना ऐसे 25 से अधिक मामले सामने आते हैं। सोशल मीडिया, मॉडर्न पार्टी कल्चर, दोस्तों का आग्रह, क्लब में मौज-मस्ती, सस्ता नशा, रोमांच की तलाश आदि कारणों से युवाओं में यह लत बढ़ रही है।
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युवाओं के शौक की साथी
बाजार में विभिन्न फ्रूट फ्लेवर वाले अनेक एनर्जी ड्रिंक उपलब्ध हैं। इनमें कैफीन, टॉरिन, गुआराना, जिनसेंग, शुगर या कृत्रिम स्वीटनर, कार्बोनेटेड पानी आदि तत्व होते हैं। यह ड्रिंक्स अधिक मात्रा में लेने से दिल की धड़कन तेज होना, घबराहट, अनिद्रा, उच्च रक्तचाप और दौरे तक पड़ने का खतरा होता है। वर्तमान में एनर्जी ड्रिंक्स और बीयर में दवाओं की गोलियां मिलाकर सेवन करने का चलन बढ़ रहा है। इन दवाओं में अल्प्राजोलम, डायजेपाम, लोराजेपाम, क्लोनाजेपाम, नाइट्राजेपाम, एस्सिटालोप्राम के अलावा अलग-अलग उपचार में उपयोग की जाने वाली क्लोनाज़ेपाम, ट्रामाडोल, कोडीन, प्रेगाबालिन, गैबापेंटिन, जोलपिडेम आदि दवाएं शामिल हैं।
भीतरी अंग हाेते हैं खराब
अधिकतर दवाएं शेड्यूल एच, एच वन या अन्य नियंत्रित श्रेणी में आती हैं। इनका सेवन केवल पंजीकृत चिकित्सक की सलाह पर ही किया जा सकता है। शराब, बीयर या एनर्जी ड्रिंक के साथ इनका सेवन गंभीर दुष्प्रभाव कर सकती है।
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ड्रिंक व दवा का मिश्रण जानलेवा
डॉ. मनीष ठाकरे, मनोचिकित्सक, मेडिकल मनोरोग विभाग के मुताबिक शराब या एनर्जी ड्रिंक के साथ दवाओं का मिश्रण कभी भी जानलेवा साबित हो सकता है। यदि किसी में ऐसी आदत दिखाई दे, तो उसे छिपाने के बजाय नशा मुक्ति विशेषज्ञ या मनोचिकित्सक से इलाज कराना चाहिए। मेडिकल में आने वाले मरीज कई बार अपनी आदतें छिपाते हैं।
Created On :   13 July 2026 7:01 PM IST












