खास संकेत: फास्ट फूड के गंभीर खतरे पर शोध में सामने आया अजीनोमोटो का असर तो सूरजमुखी के बीजों ने जगाई नई उम्मीद

  • खानपान के प्रति सजगता जरूरी
  • दो शोध अध्ययन में परीक्षण
  • किडनी और प्रजनन क्षमता पर विपरीत असर डाल सकता है

Nagpur News. फास्ट फूड, इंस्टेंट नूडल्स और पैकेज्ड खाद्य पदार्थों का स्वाद बढ़ाने वाला अजीनोमोटो फिर चर्चा में है। नए शोध में संकेत मिले हैं कि इसका लंबे समय तक सेवन लिवर, किडनी और प्रजनन क्षमता पर विपरीत असर डाल सकता है। हालांकि शोध में यह भी पाया गया कि सूरजमुखी के बीज इन दुष्प्रभावों को कम करने में मददगार साबित हो सकते हैं।

दो शोध अध्ययन में परीक्षण

ये निष्कर्ष राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय के प्राणी शास्त्र विभाग में किए गए दो स्वतंत्र शोध अध्ययनों में सामने आए हैं। विभाग प्रमुख डॉ. वी.टी. धुर्वे के मार्गदर्शन में शोधार्थी धरिता जोशी और हर्षदा पवार ने यह अध्ययन किया। शोध के दौरान प्रायोगिक चूहों पर मोनोसोडियम ग्लूटामेट (एमएसजी) यानी अजीनोमोटो के दीर्घकालिक प्रभावों का परीक्षण किया गया। अध्ययन में पाया गया कि लगातार एमएसजी के संपर्क से लिवर और किडनी की कार्यप्रणाली प्रभावित हुई। जांच में इन अंगों से जुड़े जैव-रासायनिक संकेतकों में उल्लेखनीय परिवर्तन दर्ज किए गए।

नजर आया महत्वपूर्ण परिणाम

दूसरे अध्ययन में एमएसजी के प्रभाव का आकलन प्रजनन तंत्र पर किया गया। इसमें पाया गया कि लंबे समय तक इसके संपर्क से प्रजनन प्रणाली के महत्वपूर्ण अंग और शुक्राणुओं की गुणवत्ता प्रभावित हुई। साथ ही हार्मोनल असंतुलन और ऑक्सीडेटिव तनाव में भी वृद्धि देखी गई। शोधकर्ताओं के अनुसार जब आहार में सूरजमुखी के बीज शामिल किए गए तो स्थिति में सुधार दिखाई दिया। लिवर, किडनी और प्रजनन अंगों की कार्यप्रणाली बेहतर हुई। शरीर की एंटीऑक्सीडेंट क्षमता बढ़ी और कोशिकाओं को होने वाला नुकसान कम हुआ।

इसलिए खास हैं सूरजमुखी के बीज

सूरजमुखी के बीज विटामिन-ई, खनिज तत्वों और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर माने जाते हैं। इन्हें हृदय, त्वचा और प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए लाभकारी माना जाता है। शोध में भी इनके सुरक्षात्मक गुण सामने आए हैं, जिससे भविष्य में इस विषय पर और व्यापक अध्ययन का रास्ता खुल सकता है।

खानपान के प्रति सजगता जरूरी

अध्ययन में यह भी सामने आया कि सूरजमुखी के बीजों में विटामिन-ई और अन्य जैव सक्रिय तत्व शरीर को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यही कारण है कि एमएसजी से होने वाले संभावित नुकसान के खिलाफ इनमें सुरक्षात्मक प्रभाव देखने को मिले। शोधकर्ताओं का मानना है कि बढ़ते पैकेट बंद खाद्य पदार्थों के दौर में लोगों को अपने खानपान के प्रति अधिक सजग रहने की जरूरत है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि ये निष्कर्ष प्रायोगिक अध्ययनों पर आधारित हैं और मनुष्यों पर इनके प्रभावों की पुष्टि के लिए आगे और शोध आवश्यक है।

जानें...क्या है अजीनोमोटो?

अजीनोमोटो या मोनोसोडियम ग्लूटामेट (एमएसजी) एक स्वादवर्धक पदार्थ है, जिसका उपयोग चाइनीज फूड, इंस्टेंट नूडल्स, सूप, चिप्स और अन्य पैकेटबंद खाद्य पदार्थ में बड़े पैमाने पर किया जाता है। यह भोजन का स्वाद बढ़ाता है, लेकिन इसके अत्यधिक सेवन को लेकर समय-समय पर स्वास्थ्य संबंधी बहस होती रही है।

Created On :   13 July 2026 6:14 PM IST

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