अटकलों का दौर: खडसे की भाजपा वापसी की अटकलें तेज, मुनगंटीवार ने कहा- घर के लोग बाहर रहें, अच्छा नहीं

खडसे की भाजपा वापसी की अटकलें तेज, मुनगंटीवार ने कहा- घर के लोग बाहर रहें, अच्छा नहीं
  • एकनाथ खडसे की भाजपा में वापसी को लेकर चर्चाएं तेज
  • मुनगंटीवार ने कहा कि उन्हें खडसे की अमित शाह से हुई मुलाकात की जानकारी नहीं

Nagpur News. राज्य की राजनीति में एक बार फिर वरिष्ठ नेता एकनाथ खडसे की भाजपा में वापसी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। बताया जा रहा है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ उनकी बातचीत हुई है, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में अटकलों का दौर शुरू हो गया है। हालांकि, भाजपा के वरिष्ठ नेता और विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने कहा कि उन्हें खडसे की अमित शाह से हुई मुलाकात या पार्टी में वापसी की संभावित प्रक्रिया की कोई जानकारी नहीं है। मुनगंटीवार ने कहा कि भाजपा को मजबूत बनाने में कई नेताओं का योगदान रहा है और उनमें एकनाथ खडसे भी शामिल हैं। उन्होंने कहा, “घर के लोगों का पार्टी से बाहर जाना अच्छा नहीं लगता। जब भाजपा इतनी बड़ी पार्टी नहीं थी, तब खडसे ने समर्पण के साथ संगठन के लिए काम किया था। यदि वे फिर से भाजपा में आना चाहते हैं, तो यह खुशी की बात होगी। हालांकि, इस संबंध में अंतिम निर्णय पार्टी का शीर्ष नेतृत्व ही करेगा।”

सीएम पद के रहे हैं दावेदार

गौरतलब है कि भाजपा-शिवसेना गठबंधन सरकार के दौरान एकनाथ खडसे राज्य मंत्रिमंडल में महत्वपूर्ण विभागों के मंत्री रहे थे। उस समय उन्हें मुख्यमंत्री पद के प्रमुख दावेदारों में भी माना जाता था। लेकिन 2014 में राज्य में भाजपा-शिवसेना सरकार बनने के बाद पार्टी ने देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री बनाया। इसके बाद खडसे की नाराजगी की चर्चा होती रही।

बाद में वे फडणवीस मंत्रिमंडल का हिस्सा बने, लेकिन एक भूमि सौदे से जुड़े विवाद में नाम सामने आने के बाद उन्हें मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा। इसके कुछ समय बाद उन्होंने भाजपा छोड़ दी और शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) में शामिल हो गए। वर्तमान में वे विधान परिषद के सदस्य हैं। उनकी बहू रक्षा खडसे भाजपा की सांसद हैं, जबकि उनकी बेटी रोहिणी खडसे एनसीपी की राजनीति में सक्रिय हैं।

लोकसभा चुनाव के दौरान खडसे और भाजपा के संबंधों में फिर से नजदीकी देखने को मिली थी। रक्षा खडसे की जीत के बाद भी उनके भाजपा में लौटने की चर्चाएं हुई थीं, लेकिन अब तक उनकी वापसी नहीं हो सकी है। ऐसे में अमित शाह के साथ संभावित बातचीत की खबरों ने राजनीतिक अटकलों को फिर हवा दे दी है।

फडणवीस सक्षम नेता

इस बीच देवेंद्र फडणवीस के दिल्ली जाने की चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए मुनगंटीवार ने कहा कि फिलहाल उन्हें ऐसी कोई संभावना नजर नहीं आती। उन्होंने कहा कि पार्टी स्तर पर इस संबंध में कोई चर्चा या गतिविधि उनके संज्ञान में नहीं है। मुनगंटीवार ने फडणवीस को सक्षम नेता बताते हुए कहा कि वे भविष्य में भी राज्य का नेतृत्व करें, यही उनकी शुभकामना है।

वहीं, विधायक बच्चू कडू के उस बयान पर कि एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री बनना चाहिए, मुनगंटीवार ने कहा कि यह उनकी व्यक्तिगत भावना है। हर कार्यकर्ता चाहता है कि उसका नेता मुख्यमंत्री बने। इसमें गलत कुछ भी नहीं है। आज सोशल मीडिया पर देखें, तो भावी मुख्यमंत्रियों की एक लंबी सूची दिखाई देती है।

Created On :   13 July 2026 8:06 PM IST

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