ब्रिक्स: भारत ने जीता दोस्तों का विश्वास, चीन-ईरान ने भी दिया मजबूती से साथ, रूस और दक्षिण अफ्रीका के प्रतिनिधि से गडकरी की द्विपक्षीय वार्ता

भारत ने जीता दोस्तों का विश्वास, चीन-ईरान ने भी दिया मजबूती से साथ, रूस और दक्षिण अफ्रीका के प्रतिनिधि से गडकरी की द्विपक्षीय वार्ता
  • मंत्रियों की जगह प्रतिनिधियों के साथ हुई ब्रिक्स परिवहन मंत्रियों की बैठक
  • रूस और दक्षिण अफ्रीका के प्रतिनिधि से नितीन गडकरी की द्विपक्षीय वार्ता
  • गाला डिनर में विदेशी मेहमानों ने देखी भारतीय संस्कृति की झलक
  • नागपुर समेत 6 शहरों से पहुंचे वाहन

Nagpur News. टेक्नालॉजी में चीन को व ईंधन के मामले में ईरान को आत्मनिर्भर माना जाता है और ब्रिक्स सम्मेलन में इन दोनों ही देशों का भारत को मजबूती से साथ मिला है। शाश्वत परिवहन, ईंधन, टेक्नोलॉजी व कनेक्टिविटी के मुद्दे पर ब्रिक्स के सभी सदस्य एकमत हुए आैर सभी सदस्यों का भारत को साथ भी मिला। 3 दिन से चल रहा मंथन वैश्विक कूटनीति को नई दिशा देता दिखाई दे रहा है। चीन व ईरान ने भारत व ब्रिक्स के एजेंडे पर अपनी सहमति जताते हुए मजबूती से साथ देने का वादा किया है। इसे एक तरह से कूटनीतिक जीत माना जा रहा है।

मंत्रियों की जगह प्रतिनिधियों के साथ हुई ब्रिक्स परिवहन मंत्रियों की बैठक

उपराजधानी नागपुर में शनिवार को आयोजित तीसरी ब्रिक्स परिवहन मंत्रियों की बैठक में भारत को छोड़ किसी भी सदस्य देश के परिवहन मंत्री ने भाग नहीं लिया। दिलचस्प बात यह रही कि ब्रिक्स के पांच संस्थापक सदस्य देशों भारत, ब्राजील, रूस, चीन और दक्षिण अफ्रीका में से केवल भारत के केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ही बैठक में मौजूद रहे। बाकी चार संस्थापक देशों ने अपने परिवहन मंत्रियों की जगह वरिष्ठ अधिकारियों, उपमंत्री या अधिकृत प्रतिनिधियों को भेजा।

संस्थापक देशों के मंत्री ही शामिल नहीं

ब्राजील के परिवहन मंत्री रेनान फिल्हो की जगह विदेश मंत्रालय के सेकेंड सेक्रेटरी लुकास गोडॉय बारबोसा बैठक में पहुंचे। दक्षिण अफ्रीका की परिवहन मंत्री बारबरा क्रीसी के स्थान पर उप परिवहन मंत्री मखुलेको हलेंगवा ने प्रतिनिधित्व किया। रूस की ओर से परिवहन सेवा केंद्र के प्रमुख दिमित्री मुरेव शामिल हुए, जबकि चीन का प्रतिनिधित्व गांग वांग ने किया।

सदस्य देशों के मंत्री भी नहीं आए : ईरान की परिवहन मंत्री फरजानेह सादेघ के आने को लेकर पहले से ही संशय बना हुआ था। पश्चिम एशिया में हाल के तनावपूर्ण हालात को देखते हुए उनकी जगह आधिकारिक प्रतिनिधि को भेजा गया। इंडोनेशिया की ओर से मुंबई स्थित महावाणिज्य दूत त्योंजोकी आप्रीयांदा सिरेगार और मिस्र की ओर से भारत में राजदूत कामेल ज़ायद गलाल बैठक में शामिल हुए।

बैठक में ये हुए शामिल

महज 2 घंटे ही चली बैठक : नागपुर में 11 और 12 जुलाई को ब्रिक्स परिवहन मंत्रियों की बैठक प्रस्तावित थी। उम्मीद थी इस दो दिवसीय बैठक के लिए ब्रिक्स के तमाम देशों के परिवहन मंत्री शामिल होंगे। बड़े स्तर की तैयारियां की गई थी। हालांकि, बैठक महज 2 घंटे ही चली। अधिकांश अधिकारी दोपहर बाद एयरपोर्ट के लिए रवाना हो गए। कुछ प्रतिनिधि शाम की फ्लाइट से रवाना हुए। इनमें से अधिकांश प्रतिनिधि भारत में स्थित अपने-अपने दूतावास या वाणिज्य दूतावास में पदस्थ हैं। यहीं से अपने देशों के राजनयिक एवं द्विपक्षीय संबंधों का दायित्व संभालते हैं। परिवहन मंत्री के शामिल नहीं होने का आधिकारिक कारण नहीं बताया गया।

रूस और दक्षिण अफ्रीका के प्रतिनिधि से नितीन गडकरी की द्विपक्षीय वार्ता

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने रूस और दक्षिण अफ्रीका के प्रतिनिधिमंडलों के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें कीं। इन बैठकों में परिवहन क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने, ग्रीन मोबिलिटी, नई तकनीकों के आदान-प्रदान और साझा हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। दक्षिण अफ्रीका के उप परिवहन मंत्री मखुलेको हलेंगवा से नितिन गडकरी ने द्विपक्षीय वार्ता। जिसमे अलग अलग विषयों पर चर्चा हुई है। वही, रूस में परिवहन सेवा केंद्र प्रमुख दिमित्री मुरेव से भी गडकरी की बातचीत हुई है। इस मौके पर दोनों देशों के अन्य अधिकारी भी शामिल थे। बताया गया है कि गडकरी की दोनों देशों के प्रतिनिधियों के साथ हुई चर्चा सकारात्मक रही। इन बैठकों से परिवहन, बुनियादी ढांचे और सतत विकास के क्षेत्र में सहयोग को नई गति मिलेगी। भारत ब्रिक्स देशों के साथ मिलकर ग्रीन ट्रांसपोर्ट, वैकल्पिक ईंधन और आधुनिक परिवहन तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। ऐसे द्विपक्षीय संवाद सदस्य देशों के बीच विश्वास बढ़ाने के साथ भविष्य की संयुक्त परियोजनाओं का भी आधार तैयार करते हैं।

गाला डिनर में विदेशी मेहमानों ने देखी भारतीय संस्कृति की झलक

ब्रिक्स ट्रांसपोर्ट वर्किंग ग्रुप की तीसरी बैठक के दौरान शनिवार शाम वर्धा रोड स्थित ली मेरिडियन होटल में विदेशी प्रतिनिधियों के सम्मान में गाला डिनर और सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने ब्रिक्स सदस्य देशों के मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों का स्वागत किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में लोक नृत्य, संगीत और पारंपरिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से विदेशी प्रतिनिधियों को परिचित कराया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल सांस्कृतिक आदान-प्रदान नहीं, बल्कि सदस्य देशों के बीच आपसी संवाद, विश्वास और सहयोग को और मजबूत करना भी रहा। गडकरी ने सोशल मीडिया पर कार्यक्रम की जानकारी साझा करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन देशों के बीच आपसी समझ बढ़ाने और सहयोग को नई मजबूती देने का माध्यम बनते हैं। कार्यक्रम में शामिल विदेशी मेहमानों ने भारतीय मेहमाननवाजी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की सराहना की।

नागपुर समेत 6 शहरों से पहुंचे वाहन

ब्रिक्स बैठक में विदेशी प्रतिनिधियों की आवाजाही के लिए वर्धा रोड पर इन दिनों वाहनों का काफिला नजर आ रहा है। शहर के प्रमुख होटल के बाहर सैकड़ों चार पहिया वाहन कतार में खड़े दिखाई दे रहे हैं। नागपुर समेत 6 शहरों से चारपहिया वाहन मंगवाए गए हैं। 330 से अधिक वाहन मेहमानों की सेवा में लगी है। इनमें टोयोटा इनोवा, एसयूवी और अन्य लग्जरी कारें शामिल हैं। जानकारी के अनुसार, आयोजन की जिम्मेदारी दिल्ली की एक निजी ट्रैवल कंपनी को दी गई है, जिसने नागपुर के 3 ट्रैवल ऑपरेटरों को काम दिया है। अकेले नागपुर की ट्रैवल कंपनियों से करीब 100 वाहनों की बुकिंग की गई है। इसके अलावा बेंगलुरु, पुणे, मुंबई, हैदराबाद और दिल्ली से भी 200 से अधिक वाहन मंगाए गए हैं। एयरपोर्ट से होटल और होटल से एयरपोर्ट तक हर प्रतिनिधिमंडल के लिए अलग वाहन और चालक तैनात किए गए हैं। सुरक्षा और समयबद्धता को देखते हुए वाहनों को पहले से निर्धारित रूट और शेड्यूल के अनुसार संचालित किया जा रहा है।

Created On :   12 July 2026 6:54 PM IST

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