वैज्ञानिक थेरेपी: ऑटिज़्म जागरूकता की गूंज, संवेदना - समावेश के साथ संभावनाओं के संदेश सहित आत्मविश्वास पर जोर

  • COMHAD के साथ संयुक्त पहल ने बाल विकास को दी नई दिशा
  • इंडियन मेडिकल एसोसिएशन का ‘ऑटिज्म आनंद मेला’
  • ऑटिज्म पीड़ित बच्चों की समय पर पहचान से सुधार संभव
  • स्कूल का सांस्कृतिक आयोजन बना प्रेरणा का मंच

Nagpur News. ऑटिज़्म जागरूकता को लेकर उपराजधानी में विभिन्न संस्थाओं द्वारा अलग-अलग कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें विशेष बच्चों की क्षमताओं, उनके समग्र विकास और समाज में स्वीकार्यता पर विशेष जोर दिया गया। कहीं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से संवेदनशीलता जगाई गई, तो कहीं वैज्ञानिक दृष्टिकोण और थेरेपी की जानकारी दी गई। वहीं, बड़े स्तर पर आयोजित मेलों में बच्चों और अभिभावकों को आत्मविश्वास और सकारात्मकता का संदेश दिया गया। इन आयोजनों ने यह स्पष्ट किया कि ऑटिज़्म को समझने, स्वीकारने और सहयोग देने से बच्चों का बेहतर भविष्य संभव है।


प्रयास एवं COMHAD का आयोजन: भावनाओं और प्रेरणा से भरा उत्सव

विश्व ऑटिज़्म जागरूकता दिवस पर प्रयास स्कूल द्वारा गुरुनानक भवन में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम ने सभी को भावुक और प्रेरित कर दिया। इस आयोजन में विशेष बच्चों की प्रतिभा, संघर्ष और क्षमताओं को मंच दिया गया। मुख्य अतिथि COMHAD (UK) के कार्यकारी निदेशक डॉ. उदय बोधनकर ने कहा कि हर बच्चे को गरिमा और अवसर मिलना चाहिए तथा ऑटिज़्म को एक अलग दृष्टिकोण के रूप में समझने की जरूरत है। डॉ. जया शिवालकर ने प्रारंभिक हस्तक्षेप और संवेदनशील देखभाल के महत्व पर प्रकाश डाला। बच्चों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम की आत्मा बनकर सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम का संचालन प्रयास के अध्यक्ष रितेश दिवे के नेतृत्व में हुआ तथा टीम के सदस्यों को सम्मानित किया गया।


संयुक्त पहल: समग्र बाल विकास की दिशा में अहम कदम

दिव्ययोगी फाउंडेशन, लिटिल ब्रेन सेंटर और अंतरराष्ट्रीय COMHAD संगठन की संयुक्त पहल ने बाल स्वास्थ्य और विकास के क्षेत्र में नई मिसाल पेश की। कार्यक्रम में डॉ. उदय बोधनकर के साथ डॉ. अमरजीत वाघ और डॉ. विनीत वानखेड़े की उपस्थिति रही। विशेषज्ञों और थेरपिस्ट्स की टीम ने बच्चों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस दौरान बच्चों और अभिभावकों के लिए रमन साइंस सेंटर का शैक्षणिक भ्रमण भी आयोजित किया गया। साथ ही ऑटिज़्म पर आधारित पुस्तकों का वितरण कर अभिभावकों को जागरूक किया गया। डॉ. प्राजक्ता काले द्वारा लिखित मार्गदर्शिका ने अभिभावकों को व्यवहारिक जानकारी प्रदान की।


आईएमए का ‘ऑटिज्म आनंद मेला’: जागरूकता और आत्मविश्वास का संगम

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) नागपुर द्वारा आयोजित ‘ऑटिज्म आनंद मेला’ में 400 से अधिक अभिभावकों और बच्चों की भागीदारी रही। विशेषज्ञ डॉक्टरों ने बताया कि समय पर पहचान, उचित थेरेपी और परिवार के सहयोग से ऑटिज़्म प्रभावित बच्चों में सुधार संभव है। कार्यक्रम में बच्चों के लिए खेल, रचनात्मक गतिविधियां और संवादात्मक सत्र आयोजित किए गए, जिससे उनकी क्षमताओं को निखारने का प्रयास किया गया। अभिभावकों के लिए सकारात्मकता पर विशेष सत्र भी आयोजित हुआ, जिससे उनमें नई उम्मीद और आत्मबल का संचार हुआ।

Created On :   5 April 2026 9:49 PM IST

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