महावितरण की वसूली अटकी: सरकारी विभागों पर 210 करोड़ रुपए का बिजली बिल बकाया, सवाल - आम उपभोक्ताओं पर इतना सितम क्यों

सरकारी विभागों पर 210 करोड़ रुपए का बिजली बिल बकाया, सवाल - आम उपभोक्ताओं पर इतना सितम क्यों
  • बिजली बिल कुछ महीने बकाया रह जाए तो नोटिस मिलता है
  • कनेक्शन काटने की चेतावनी दी जाती है
  • सरकारी विभागों, स्थानीय निकायों और पंचायतों पर बिजली का बकाया 210 करोड़ रुपए का आंकड़ा पार

Nagpur News. आम उपभोक्ता का बिजली बिल कुछ महीने बकाया रह जाए तो नोटिस मिलता है, कनेक्शन काटने की चेतावनी दी जाती है, लेकिन जब बात सरकारी विभागों की आती है तो तस्वीर बिल्कुल अलग नजर आती है। नागपुर जोन में सरकारी विभागों, स्थानीय निकायों और पंचायतों पर बिजली का बकाया 210 करोड़ रुपए का आंकड़ा पार कर चुका है। महावितरण के ताजा आंकड़ों के मुताबिक 18,276 सरकारी बिजली कनेक्शनों पर 21,097.72 लाख रुपए यानी 210.97 करोड़ रुपए बकाया हैं।

सबसे ज्यादा देनदारी ग्राम पंचायतों पर

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि सबसे ज्यादा देनदारी ग्राम पंचायतों पर है। 6,956 ग्राम पंचायत कनेक्शनों पर अकेले 154.43 करोड़ रुपए का बिल लंबित है। इसके अलावा नगर निगम, नगर परिषद, नगर पंचायत, जीवन प्राधिकरण और अन्य सरकारी संस्थानों पर भी करोड़ों रुपए का बकाया जमा है। जिस सरकारी तंत्र पर बिजली बिल वसूली और वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी है, वही तंत्र भुगतान के मामले में पीछे दिखाई दे रहा है। बढ़ते बकाए ने महावितरण की वित्तीय स्थिति पर भी दबाव बढ़ा दिया है।



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(नोट: बकाया राशि लाख रुपये में है। कुल बकाया 210.97 करोड़ रुपये है।)





Created On :   25 Jun 2026 7:23 PM IST

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