राज्यपाल रमेश बैस ने कहा: राजस्व संग्रह में प्रत्यक्ष कर का बड़ा योगदान

राजस्व संग्रह में प्रत्यक्ष कर का बड़ा योगदान
कर प्रणाली को सरल बनाएं

डिजिटल डेस्क, नागपुर। राज्यपाल रमेश बैस ने कहा कि राजस्व संग्रहण के बिना हमारा सामाजिक एवं आर्थिक विकास संभव नहीं है। भारतीय राजस्व प्रणाली में प्रत्यक्ष कर का सबसे बड़ा योगदान है। राज्यपाल रमेश बैस ने राष्ट्रीय प्रत्यक्ष कर अकादमी (एनएडीटी) नागपुर में भारतीय राजस्व सेवा के 77वें बैच के 90 अधिकारियों और रॉयल भूटान सेवा के 02 अधिकारियों के सेवा-पूर्व प्रशिक्षण का उद्घाटन किया। इस अवसर पर केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) नई दिल्ली के प्रशासनिक सदस्य राजीव अग्रवाल, राष्ट्रीय प्रत्यक्ष कर अकादमी के प्रधान महानिदेशक जयंत दीद्दी उपस्थित थे।

उन्होंने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष 2022-23 में प्रत्यक्ष कर संग्रह 16 लाख करोड़ से ऊपर था और केंद्र सरकार के राजस्व में प्रत्यक्ष करों का योगदान 52.3 प्रतिशत था। भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) की यह टुकड़ी भारतीय स्वतंत्रता के अमृत महोत्सव के दौरान अपनी सेवाएं प्रदान कर रही हैं और भारतीय स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष तक भारत को विकसित करने में इन अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण है।

Created On :   17 Nov 2023 9:38 AM GMT

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