दूषित जलापूर्ति: संक्रामक बीमारियों का बढ़ रहा खतरा, स्वास्थ्य विभाग ने दिए सतर्कता के निर्देश

संक्रामक बीमारियों का बढ़ रहा खतरा, स्वास्थ्य विभाग ने दिए सतर्कता के निर्देश
  • जिला परिषद स्वास्थ्य विभाग ने संबंधितों को दिए सतर्कता के निर्देश
  • पांच तहसीलों में दूषित पानी
  • ग्रामीण क्षेत्र में यह खतरा ज्यादा रहता है

डिजिटल डेस्क, नागपुर। जलसंकट में दूषित जलापूर्ति से संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ग्रामीण क्षेत्र में यह खतरा ज्यादा रहता है। संभावित खतरे से बचने के लिए जिला परिषद के स्वास्थ्य विभाग ने पेयजल का निर्जंतुकीकरण करने के ग्राम पंचायतों को निर्देश दिए हैं। पेयजल के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजने की सूचना दी। पानी के नमूनों की जांच में लापरवाही से बचने का आह्वान किया। आदेशों का पालन नहीं करने पर संबंधित कर्मचारी की जवाबदेही तय की जाएगी।

पांच तहसीलों में दूषित पानी : हाल ही में पानी के नमूनों की जांच में पांच तहसीलों के 36 नमूने दूषित पाए गए। मौदा तहसील के धानला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अंतर्गत धामनगांव व महादुला, तारणा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अंतर्गत दुधाला, खात प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अंतर्गत धर्मापुरी, नवरगांव, इजनी में जलस्रोत दूषित निकले। कुही तहसील में सालवा प्राथमिक स्वास्थ्य अंतर्गत सावरगांव व देवलीकला, नरखेड़ तहसील में सावरगांव अंतर्गत पिठोरी व सिंदी, जलालखेड़ा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अंतर्गत झोबाड़ी, इंदरवाड़ा, नायगांव, हिंगना तहसील में सायपुर, डिगडोह, कान्होलीबारा, काजली, ऐरवाही, काटोल तहसील में कोंढाली प्राथमिक स्वास्थ्य अंतर्गत मिनिवाड़ा, मलकापुर, घुबडी, कारवाही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अंतर्गत वडंबा, नवेगांव, रयतवाड़ी, कामटी, हिवरा बाजार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अंतर्गत पुसदा, टांगला में पानी के नमूने दूषित पाए गए।

तहसीलवार पानी के नमूनों की जांच रिपोर्ट

तहसील जांचे गए नमूने दूषित नमूने

नागपुर ग्रा. 50 --

मौदा 95 08

कुही 124 02

सावनेर 115 --

भिवापुर 22 --

कलमेश्वर 40 --

पारशिवनी 83 --

उमरेड 62 --

कामठी 98 --

रामटेक 51 --

नरखेड़ 70 05

हिंगना 60 10

काटोल 64 03

देवलापार 46 06

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कुल 480 36

Created On :   4 April 2024 1:54 PM GMT

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